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Yoga To Reduce Uric Acid: आजकल के गलत खानपान और खराब जीवनशैली के कारण यूरिक एसिड की समस्या लोगों में तेजी से बढ़ रही है। दरअसल, यूरिक एसिड हमारे शरीर में मौजूद एक अपशिष्ट पदार्थ होता है, जो प्यूरीन नामक केमिकल के टूटने से बनता है। आमतौर पर, किडनी इसे फिल्टर करके पेशाब के रास्ते शरीर से बाहर निकाल देती है। लेकिन जब किडनी सही ढंग से काम नहीं कर पाती है, तो यह जोड़ों के आसपास क्रिस्टल के रूप में जमा होने लगता है। इसकी वजह से जोड़ों में दर्द, सूजन और चलने-फिरने में दिक्कत जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यदि समय रहते इसे कंट्रोल न किया जाए, तो गाउट, अर्थराइटिस और किडनी स्टोन जैसी समस्याओं का जोखिम बढ़ जाता है। ऐसे में, यूरिक एसिड को कंट्रोल करना बहुत जरूरी हो जाता है। शरीर में यूरिक एसिड के स्तर को कंट्रोल करने के लिए आपको अपने खानपान और लाइफस्टाइल पर विशेष ध्यान देना चाहिए। इसके अलावा, कुछ योगसनों की मदद से भी यूरिक एसिड को कंट्रोल किया जा सकता है। आज इस लेख में हम आपको कुछ ऐसे योगासनों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनकी मदद से शरीर में यूरिक एसिड को कम किया जा सकता है। तो आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -
इस आसन को करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर सीधे खड़े हो जाएं।
अपने दोनों पैरों के बीच 3-4 फीट की दूरी बनाकर रखें।
अपने दोनों हाथों को जांघों के बगल में रखें और अपनी बाहों को कंधे तक फैलाएं।
फिर धीरे-धीरे सांस लेते हुए, दाएं हाथ को सिर के ऊपर ले जाएं। इस दौरान आपका हाथ कान को छूना चाहिए।
अब सांस छोड़ते हुए, अपने शरीर को बाईं तरफ को झुकाएं।
ध्यान रखें कि इस दौरान आपके घुटने मुड़ने नहीं चाहिए।
इस मुद्रा में कुछ देर बने रहें।
इसके बाद प्रारंभिक अवस्था में आ जाएं।
आप इस आसन को 3 से 5 बार दोहरा सकते हैं।

इस आसन को करने के लिए योगा मैट पर पेट के बल लेट जाएं।
अपनी कोहनियों को कमर से सटा के रखें और हथेलियां ऊपर की ओर रखें।
अब धीरे-धीरे सांस भरते हुए, अपनी छाती को ऊपर की ओर उठाएं।
उसके बाद अपने पेट को धीरे-धीरे ऊपर उठा लें। इस स्थिति में 30 सेकंड तक रहें।
अब सांस छोड़ते हुए, सिर को धीरे-धीरे जमीन की ओर नीचे लाएं।
इस प्रक्रिया को आप 3 से 5 बार दोहराएं।

इस आसन को करने के लिए योग मैट पर सीधे खड़े हाे जाएं।
अपने दोनों पैराें के बीच करीब एक फीट की दूरी बनाकर रखें।
अब लंबी गहरी सांस लें और हाथाें काे सिर से ऊपर की तरफ ले जाएं।
सांस छाेड़ते हुए हाथाें काे नीचे की तरफ लाएं।
अब अपने हाथाें से पैराें के अंगूठे काे छूने की काेशिश करें।
इस दौरान आपके पैर घुटनाें से मुड़ने नहीं चाहिए।
कुछ देर इस अवस्था में रहने के बाद धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में आ जाएं।
आप इस प्रक्रिया काे 3-5 बार दाेहरा सकते हैं।

इस आसन को करने के लिए सबसे पहले जमीन पर पीठ के बल लेट जाएं।
अब अपने घुटनों को मोड़ें और तलवों को जमीन पर रखें।
अपने दोनों हाथों से पैरों की एड़ियों को पकड़ें।
सांस लेते हुए धीरे-धीरे अपनी बॉडी को ऊपर उठाएं।
इस मुद्रा में 1-2 मिनट तक रहें।
इसके बाद सांस छोड़ते हुए प्रारंभिक मुद्रा में आ जाएं।
इस प्रक्रिया को 3-5 बार दोहराएं।

इस आसन को करने के लिए योगा मैट पर बैठें और अपने बाएं पैर को दाहिने पैर के नीचे रखें।
दाहिने पैर को बाएं घुटने के पार रखें।
बाएं हाथ को दाहिने घुटने पर रखें और दाहिने हाथ को पीछे की ओर रखें।
अब शरीर को दाहिनी ओर मोड़ें और इस स्थिति में कुछ सेकंड तक रहें।
धीरे-धीरे वापस आएं और दूसरी ओर से भी इस प्रक्रिया को दोहराएं।
इस प्रक्रिया को आप 3 से 5 बार दोहराएं।

Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।