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Yoga for Liver: लिवर हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है। यह शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने का काम करता है। इसके अलावा, भोजन पचाने वाले एंजाइमों के उत्पादन और शरीर की ऊर्जा के प्रबंधन में भी लिवर की अहम भूमिका होती है। ऐसे में, स्वस्थ रहने के लिए लिवर को स्वस्थ रखना बहुत जरूरी है। लिवर में किसी तरह की समस्या होने पर कई तरह की गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। लिवर को स्वस्थ रखने के लिए आप योग का सहारा ले सकते हैं। आज इस लेख में हम आपको कुछ ऐसे योगासनों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो लिवर को स्वस्थ और मजबूत बनाए रखने में मददगार हैं (Yoga To Keep Liver Healthy And Strong In Hindi)।
इस आसन को करने के लिए योगा मैट पर पेट के बल लेट जाएं।
अपनी कोहनियों को कमर से सटा के रखें और हथेलियां ऊपर की ओर रखें।
अब धीरे-धीरे सांस भरते हुए, अपनी छाती को ऊपर की ओर उठाएं।
उसके बाद अपने पेट को धीरे-धीरे ऊपर उठा लें। इस स्थिति में 30 सेकंड तक रहें।
अब सांस छोड़ते हुए, सिर को धीरे-धीरे जमीन की ओर नीचे लाएं।
इस प्रक्रिया को आप 3 से 5 बार दोहराएं।
इस आसन को करने के लिए योगा मैट पर बैठें और अपने बाएं पैर को दाहिने पैर के नीचे रखें।
दाहिने पैर को बाएं घुटने के पार रखें।
बाएं हाथ को दाहिने घुटने पर रखें और दाहिने हाथ को पीछे की ओर रखें।
अब शरीर को दाहिनी ओर मोड़ें और इस स्थिति में कुछ सेकंड तक रहें।
धीरे-धीरे वापस आएं और दूसरी ओर से भी इस प्रक्रिया को दोहराएं।
इस प्रक्रिया को आप 3 से 5 बार दोहराएं।
इस आसन को करने के लिए योगा मैट पर पेट के बल लेट जाएं।
अपने दोनों हाथों को सीधा रखें।
अब अपने घुटनों को मोड़ते हुए सांस छोड़ें।
अपनी एड़ी को अपने नितंबों के पास लाएं।
अब धनुषाकार होते हुए, अपने पैरों की उंगलियों को हाथों से पकड़ें।
अब गहरी सांस लेते हुए अपनी छाती को जमीन से ऊपर उठाएं।
फिर सांस छोड़े हुए, वापस प्रारंभिक मुद्रा में आ जाएं।
इस आसन को आप 3 से 5 बार कर सकते हैं।
इस आसन को करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर बैठ जाएं।
अब अपनी टांगो को सामने की तरफ फैलाएं।
अपने दोनों हाथों को हिप्स से थोड़ा पीछे जमीन पर रखें।
अब दोनों पैरों को सीधा रखते हुए ऊपर की तरफ उठाएं।
अब धीरे-धीरे सांस को बाहर की तरफ छोड़ते हुए पैरों को जमीन से 45 डिग्री तक उठाएं।
सांस लेते हुए नाव के आकार में लगभग 10 से 20 सेकंड तक रहें।
इसके बाद धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए सामान्य मुद्रा में आएं।
इस प्रक्रिया को 3-5 बार दोहराएं।
Disclaimer: हमारे लेखों में साझा की गई जानकारी केवल इंफॉर्मेशनल उद्देश्यों से शेयर की जा रही है इन्हें डॉक्टर की सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी बीमारी या विशिष्ट हेल्थ कंडीशन के लिए स्पेशलिस्ट से परामर्श लेना अनिवार्य होना चाहिए। डॉक्टर/एक्सपर्ट की सलाह के आधार पर ही इलाज की प्रक्रिया शुरु की जानी चाहिए।