
प्रिया मिश्रा
प्रिया को पिछले 4 सालों से हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर लिखने का अनुभव है। इन्हें हेल्थ और ... Read More
Written By: priya mishra | Published : April 5, 2025 5:19 PM IST
Yoga For Bloating After Eating: कई लोगों को खाना खाते ही ब्लोटिंग यानी पेट फूलने की समस्या होने लगती है। अक्सर ऐसा ज्यादा तला-भुना या हैवी खा लेने के बाद होता है। इसके अलावा, गैस, अपच, या अन्य पाचन संबंधी समस्याओं के कारण भी यह समस्या हो सकती है। ब्लोटिंग होने पर पेट गुब्बारे की तरह फूल जाता है, जिसके कारण व्यक्ति असहज महसूस करता है। ऐसे में, इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए कई लोग दवाइयों का सेवन करते हैं। लेकिन इन दवाओं का ज्यादा सेवन सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। अगर आप भी खाना खाने के बाद पेट फूलने की समस्या से परेशान रहते हैं, तो इससे छुटकारा पाने के लिए कुछ योगासनों का अभ्यास कर सकते हैं। आज इस लेख में हम आपको कुछ ऐसे योगासनों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो खाने के बाद पेट फूलने की समस्या से राहत दिला सकते हैं। तो आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से –
इस योगासन को करने के लिए योगा मैट पर घुटनों के बल खड़े हो जाएं।
अब अपने कूल्हों को एड़ी पर रखकर बैठ जाएं।
अपने सिर को सीधा रखें और हाथों को अपने घुटनों पर रखें।
अब अपनी आंखों को बंद करके सांस लें और छोड़ें।
इस अभ्यास को आप 5-10 मिनट के लिए कर सकते हैं।
इस आसन को करने के लिए सबसे पहले पीठ के बल लेट जाएं।
अब अपने दोनों पैरों को एक साथ उठाएं और पैरों को घुटनों से मोड़ें।
अब अपने घुटनों को मुंह के पास लाने की कोशिश करें।
इस दौरान आपको अपने दोनों हाथों से पैरों को पकड़ना है।
ऐसा करते समय अपने घुटनों से नाक को छूने की कोशिश करें।
करीब 30 सेकंड तक इस स्थिति में रहें।
इसके बाद सांस छोड़ते हुए प्रारंभिक मुद्रा में आ जाएं।
इस आसन को 3 से 5 बार दोहराएं।
इस आसन को करने के लिए योगा मैट पर पेट के बल लेट जाएं।
अपनी कोहनियों को कमर से सटा के रखें और हथेलियां ऊपर की ओर रखें।
अब धीरे-धीरे सांस भरते हुए, अपनी छाती को ऊपर की ओर उठाएं।
उसके बाद अपने पेट को धीरे-धीरे ऊपर उठा लें। इस स्थिति में 30 सेकंड तक रहें।
अब सांस छोड़ते हुए, सिर को धीरे-धीरे जमीन की ओर नीचे लाएं।
इस प्रक्रिया को आप 3 से 5 बार दोहराएं।
इस आसन को करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर सुखासन में बैठ जाएं।
अब अपने दोनों पैरों को सामने की ओर सीध में खोलकर बैठ जाएं। दोनों एड़ी और पंजे मिले रहेंगे।
अब सांस छोड़ते हुए और आगे की ओर झुकते हुए दोनों हाथों से दोनों पैरों के अंगूठे पकड़ लें।
माथे को घुटनों से लगाएं और दोनों कोहनियों को जमीन पर टिकाएं।
इस मुद्रा में 1-2 मिनट तक रहें।
इसके बाद अपनी प्रारंभिक मुद्रा में लौट आएं।
इस प्रक्रिया को 3-5 बार दोहराएं।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिंकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।