पीरियड्स में हर बार होता है तेज दर्द? इन 4 योगासनों से मिल सकता है क्रैम्प में आराम

अगर पीरियड्स के दौरान तेज दर्द रहता है, तो इससे राहत पाने के लिए कुछ योगासनों का अभ्यास करना फायदेमंद हो सकता है। लेकिन, शुरुआत में कोई भी योग करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।

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Written By: Anju Rawat | Published : June 16, 2026 2:58 PM IST

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Medically Verified By: priyanka Singh

Yoga for Periods Pain: क्या आपको पीरियड्स के दौरान तेज और असहनीय दर्द होता है? अगर हां, तो इसके लिए बार-बार पेनकिलर लेने की भूल न करें। पेनकिलर शरीर को नुकसान पहुंचाता है, इसलिए दर्द को कम करने के लिए आप योग का सहारा ले सकते हैं। हालांकि, अगर आपको बार-बार पेनकिलर लेने की जरूरत पड़ रही है तो डॉक्टर से कंसल्ट करना बहुत जरूरी है। योग करने से मांसपेशियां रिलैक्स होती हैं और दर्द में आराम मिलता है। योग करने से चिड़चिड़ापन दूर होता है और मन शांत रहता है। आइए, योग एक्सपर्ट प्रियंका सिंह से जानते हैं कि पीरियड्स दर्द कम करने के लिए कौन-से योगासन करने चाहिए?

1. बालासन

अगर आपको पीरियड्स के दौरान ज्यादा दर्द होता है, तो आप बालासन का अभ्यास कर सकते हैं। इस आसन को करने से कमर दर्द और ऐंठन से राहत मिल सकती है। तनाव और थकान भी कम हो सकती है। इस आसन को करने के लिए घुटनों के बल बैठ जाएं। एड़ियों पर बैठते हुए आगे की ओर झुकें। दोनों हाथों को सामने की तरफ फैलाएं। माथे को जमीन पर टिकाएं। 30 से 60 सेकेंड तक इस स्थिति में रहें। इससे आपको लाभ मिल सकता है।

2. भुजंगासन

अगर आपको पीरियड्स के दौरान तेज दर्द रहता है, तो भुजंगासन करना फायदेमंद हो सकता है। इस आसन को करने से पेट और रीढ़ की मांसपेशियां स्ट्रेच होती हैं। भुजंगासन करने से पेट और कमर की जड़कन को कम करने में मदद मिल सकती है। इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और दर्द को कम करने में मदद मिल सकती है।

3. सुप्त बद्ध कोणासन

पीरियड के दर्द और क्रैम्प को कम करने के लिए आप सुप्त बद्ध कोणासन भी कर सकते हैं। इस आसन को करने से पेल्विक एरिया को आराम मिलता है और इससे ऐंठन में आराम मिलता है। इस आसन को करने के लिए पीठ के बल लेट जाएं। दोनों पैरों के तलवों को आपस में मिलाएं। घुटनों को दोनों तरफ खुला छोड़ दें। दोनों हाथों को शरीर के बगल में रखें। इस अवस्था में 2 से 3 मिनट तक बैठे रहें। इससे मांसपेशियों को आराम मिलता है और तनाव कम होता है। इससे मूड स्विंग्स में भी आराम मिल सकता है।

4. पश्चिमोत्तानासन

अगर पीरियड्स के दौरान हमेशा तेज दर्द रहता है तो पश्चिमोत्तानासन करना फायदेमंद हो सकता है। इस आसन को करने से पेट और पीठ की मांसपेशियां स्ट्रेच होती हैं। इससे पेट की ऐंठन को कम करने में मदद मिल सकती है और मन शांत होता है। चिड़चिड़ापन और बेचैनी भी कम हो सकती है। इस आसन को करने के लिए पैरों को सामने फैलाकर बैठ जाएं। सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे आगे की तरफ झुकें। अब हाथों से पैरों को पकड़ने की कोशिश करें। 20 से 30 सेकंड तक इसी मुद्रा में रहें।

क्या कहती है रिसर्च?

कई रिसर्च में भी साबित हुआ है कि योग करने से पीरियड्स के दर्द को कम करने में मदद मिल सकती है। रोजाना योग करने से पेट और कमर दर्द में आराम मिल सकता है। योग करने से पीरियड क्रैम्प, तनाव और चिड़चिड़ापन दूर हो सकता है। इससे मूड में सुधार होता है और ब्लड सर्कुलेशन भी बेहतर बना रहता है। योग करने से  पेल्विक हिस्से में रक्त प्रवाह बढ़ता है और मांसपेशियों की जकड़न कम होती है। योग की मदद से स्ट्रेस हार्मोन भी नियंत्रित रहता है।

योग करते समय इन बातों का रखें ध्यान

  1. पीरियड्स के दौरान योग करने से कई लाभ मिल सकते हैं। ऐंठन और तनाव से राहत मिल सकती है।
  2. योग करते समय शरीर पर ज्यादा दबाव न डालें।
  3. लंबी गहरी सांस लें और धीरे-धीरे छोड़ें।
  4. पीरियड्स के दौरान कठिन और उल्टे योगासन करने से बचें।
  5. अगर आपको एंडोमेट्रियोसिस, फाइब्रॉइड्स या कोई अन्य समस्या है, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

Disclaimer: पीरियड्स के दर्द से राहत पाने के लिए इन योगासनों का अभ्यास किया जा सकता है। लेकिन, अगर हर महीने दर्द ज्यादा दर्द होता है और इसकी वजह से आप दिनचर्या प्रभावित होती है, ब्लीडिंग ज्यादा होती है तो इस संकेत की अनदेखी न करें। कुछ मामलों में एंडोमेट्रियोसिस, फाइब्रॉइड्स या पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज जैसी समस्याओं की वजह से पीरियड्स के दौरान तेज दर्द महसूस होता है। योग पीरियड्स के दर्द को कम करने में मदद कर सकता है, लेकिन यह किसी बीमारी का इलाज नहीं है।

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