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Yoga Poses For Arthritis: अर्थराइटिस या गठिया की समस्या आजकल लोगों में आम हो गई है। यह बीमारी जोड़ों को बुरी तरह प्रभावित करती है। अर्थराइटिस होने पर जोड़ों में सूजन, दर्द और लालिमा जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। जहां पहले यह बीमारी ज्यादातर बुजुर्गों में देखने को मिलती थी। वहीं, आजकल युवा और बच्चे भी इस बीमारी से जूझ रहे हैं। कई बार अर्थराइटिस का दर्द इतना ज्यादा बढ़ जाता है कि व्यक्ति को घुमाने, मोड़ने और हिलाने तक में परेशानी होती है। अर्थराइटिस के मरीजों को अपने खानपान और जीवनशैली पर विशेष ध्यान देना चाहिए। इसके अलावा, कुछ योगासनों की मदद से भी इस समस्या से छुटकारा मिल सकता है। आज इस लेख में हम आपको कुछ ऐसे योगासनों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनके नियमित अभ्यास से गठिया के दर्द से राहत मिल सकती है। तो आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -
इस योगासन को करने के लिए जमीन पर सीधे खड़े हो जाएं।
इस दौरान अपनी कमर को सीधा रखें और आपके पैर आपस में जुड़े होने चाहिए।
अब हाथ जोड़ने की मुद्रा में खड़े हो जाएं और धीरे-धीरे अपने हाथों को ऊपर की ओर ले जाएं।
अब अपनी एड़ियों पर उठने की कोशिश करें और शरीर का भार अपने निचले हिस्से पर डालें।
कुछ सेकंड तक इस स्थिति में रहने के बाद वापस सामान्य अवस्था में आ जाएं।
इस प्रक्रिया को 10-15 बार दोहराएं।
इस आसन को करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर सुखासन में बैठ जाएं।
अब अपने दोनों पैरों को सामने की ओर सीध में खोलकर बैठ जाएं। दोनों एड़ी और पंजे मिले रहेंगे।
अब सांस छोड़ते हुए और आगे की ओर झुकते हुए दोनों हाथों से दोनों पैरों के अंगूठे पकड़ लें।
माथे को घुटनों से लगाएं और दोनों कोहनियों को जमीन पर टिकाएं।
इस मुद्रा में 1-2 मिनट तक रहें।
इसके बाद अपनी प्रारंभिक मुद्रा में लौट आएं।
इस प्रक्रिया को 3-5 बार दोहराएं।
इस आसन को करने के लिए योगा मैट पर सीधे खड़े हो जाएं।
अब अपने दोनों पैरों 2-3 फीट की दूरी पर रखें।
फिर अपने सीधे पैर को आगे लेकर आए और उल्टेे पर को पीछे की ओर स्ट्रेेच करें।
इस दौरान हाथों को 180 डिग्री पर फैला कर रखें।
इस अवस्था में 30-60 सेकंड तक रुकें।
फिर प्रारंभिक मुद्रा में आ जाएं।
इस आसन को आप 3 से 5 बार कर सकते हैं।
इस आसन को करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर पेट के बल लेट जाएं।
अब अपने हाथ और पैरों को जमीन पर रखते हुए, अपने पीठ और कूल्हों को ऊपर की ओर उठाएं।
इस मुद्रा में 1-2 मिनट तक रहें।
इसके बाद सांस छोड़ते हुए प्रारंभिक मुद्रा में आ जाएं।
इस प्रक्रिया को 3-5 बार दोहराएं।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।