एसिड रिफ्लक्स से छुटकारा पाने के लिए रोज करें ये 4 योगासन, तुरंत मिलेगी राहत 

Yoga for Acid Reflux: अगर आप भी एसिड रिफ्लक्स की समस्या से परेशान हैं, तो नियमित रूप से कुछ योगासनों का अभ्यास कर सकते हैं। आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -

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Written By: priya mishra | Published : October 28, 2024 8:36 PM IST

Yoga Poses For Acid Reflux: आजकल के गलत खानपान और खराब जीवनशैली के कारण अधिकतर लोग एसिड रिफ्लक्स की समस्या से परेशान रहते हैं। दरअसल, एसिड रिफ्लक्स तब हो सकता है, जब आपके पेट में बनने वाला एसिड आपके एसोफैगस ( खाने की नली) में वापस आ जाता है। एसिड रिफ्लक्स के लक्षणों में सीने में जलन, बार-बार खट्टी डकार आना, उल्टी या मतली महसूस होना और मुंह में गंदा पानी आना शामिल हैं। कई लोग इस समस्या से राहत पाने के लिए दवाइयों का सेवन करते हैं। लेकिन आप चाहें तो एसिड रिफ्लक्स की परेशानी को दूर करने के लिए योग की मदद ले सकते हैं। आज इस लेख में हम आपको कुछ ऐसे योगासनों के बारे में बताएंगे, जो एसिड रिफ्लक्स की समस्या से राहत दिला सकते हैं। आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -

वज्रासन

इस आसन को करने के लिए जमीन पर घुटनों के बल बैठ जाएं।

इस दौरान अपनी रीढ़ और सिर को सीधा रखें।

अब अपने हाथों को घुटनों पर रखें।

अपनी एड़ियों को एक-दूसरे से थोड़ा अलग रखें।

इसके बाद आंखों को बंद करके सामान्य रूप से सांस लेते रहें।

इस स्थिति में कम से कम दस मिनट तक बैठने की कोशिश करें।

बालासन

इस योगासन को करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर घुटनों के बल बैठ जाएं।

अपने शरीर का सारा भार एड़ियों पर डाल दें।

अब गहरी सांस भरते हुए आगे की ओर झुकें। ध्यान रहे कि आपका सीना जांघों से छूना चाहिए।

फिर अपने माथे से फर्श को छूने की कोशिश करें।

इस स्थिति में कुछ सेकंड तक बने रहने के बाद वापस सामान्य अवस्था  में आ जाएं।

इस प्रक्रिया को 3-5 बार दोहराएं।

पश्चिमोत्तानासन

इस आसन को करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर सुखासन में बैठ जाएं।

अब अपने दोनों पैरों को सामने की ओर सीध में खोलकर बैठ जाएं। दोनों एड़ी और पंजे मिले रहेंगे।

अब सांस छोड़ते हुए और आगे की ओर झुकते हुए दोनों हाथों से दोनों पैरों के अंगूठे पकड़ लें।

माथे को घुटनों से लगाएं और दोनों कोहनियों को जमीन पर टिकाएं।

इस मुद्रा में 1-2 मिनट तक रहें।

इसके बाद अपनी प्रारंभिक मुद्रा में लौट आएं।

इस प्रक्रिया को 3-5 बार दोहराएं।

उष्ट्रासन

इस आसन को करने के लिए जमीन पर घुटने के बल बैठ जाएं और दोनों हाथों को कूल्हों पर रखें।

ध्यान रखें कि दोनों घुटने आपके कंधों के समानांतर हों।

अब गहरी सांस लें और रीढ़ की निचली हड्डी पर आगे की तरफ दबाव डालें।

इस दौरान पूरा दबाव नाभि पर महसूस होना चाहिए।

इसके बाद अपने हाथों से पैरों को पकड़ें और कमर को पीछे की तरफ मोड़ें।।

इस स्थिति में 30-60 सेकंड रुकने के बाद आप धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में आ सकते हैं।

आप इस आसन को 3-5 बार दोहरा सकते हैं।

Disclaimer: हमारे लेखों में साझा की गई जानकारी केवल इंफॉर्मेशनल उद्देश्यों से शेयर की जा रही है इन्हें डॉक्टर की सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी बीमारी या विशिष्ट हेल्थ कंडीशन के लिए स्पेशलिस्ट से परामर्श लेना अनिवार्य होना चाहिए। डॉक्टर/एक्सपर्ट की सलाह के आधार पर ही इलाज की प्रक्रिया शुरु की जानी चाहिए।

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