मेनोपॉज की मुश्किलों से निपटने में मदद करेंगे ये 4 योगासन, जानें अभ्यास का तरीका

Yoga For Menopause: मेनोपॉज के लक्षणों को कम करने के लिए आप कुछ योगासनों का अभ्यास कर सकती हैं। आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -

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Written By: priya mishra | Published : September 12, 2025 10:28 AM IST

Yoga Poses For Menopause: मेनोपॉज महिलाओं में होने वाली एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। ज्यादातर महिलाओं में यह आमतौर पर 45 से 55 वर्ष की उम्र के बीच शुरू होता है। लेकिन कई बार यह 40 साल की उम्र से पहले भी शुरू हो सकता है, जिसे प्रीमैच्योर या अर्ली मेनोपॉज कहा जाता है। मेनोपॉज के दौरान महिलाओं के शरीर में कई हार्मोनल बदलाव होते हैं, जिसकी वजह से उन्हें कई शारीरिक और मानसिक बदलावों का सामना करना पड़ता है। मेनोपॉज के दौरान महिलाओं को मूड स्विंग, हॉट फ्लैशेज, तनाव, कमजोरी, थकान, वजन बढ़ना, मांसपेशियों में दर्द और वजाइनल ड्राइनेस जैसे लक्षणों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में, इन समस्याओं से बचने के लिए आप योग का सहारा ले सकती हैं। जी हां, कुछ योगासनों के नियमित अभ्यास से मेनोपॉज की समस्याओं को कम किया जा सकता है। आज इस लेख में हम आपको ऐसे ही कुछ योगासनों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो मेनोपॉज की समस्याओं को कम करने में आपकी मदद कर सकते हैं -

अधोमुख श्वानासन

इस आसन को करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर पेट के बल लेट जाएं।

अब अपने हाथ और पैरों को जमीन पर रखते हुए, अपने पीठ और कूल्हों को ऊपर की ओर उठाएं।

इस मुद्रा में 1-2 मिनट तक रहें।

इसके बाद सांस छोड़ते हुए प्रारंभिक मुद्रा में आ जाएं।

इस प्रक्रिया को 3-5 बार दोहराएं।

सेतुबंधासन

इस आसन को करने के लिए सबसे पहले जमीन पर पीठ के बल लेट जाएं।

अब अपने घुटनों को मोड़ें और तलवों को जमीन पर रखें।

अपने दोनों हाथों से पैरों की एड़ियों को पकड़ें।

सांस लेते हुए धीरे-धीरे अपनी बॉडी को ऊपर उठाएं।

इस मुद्रा में 1-2 मिनट तक रहें।

इसके बाद सांस छोड़ते हुए प्रारंभिक मुद्रा में आ जाएं।

इस प्रक्रिया को 3-5 बार दोहराएं।

मार्जरी आसन

इस योगासन को करने के लिए वज्रासन में बैठ जाएं।

अब अपने दोनों हाथों को जमीन पर आगे की ओर रखें।

अपने दोनों हाथों पर भार डालते हुए, अपने हिप्स को ऊपर उठाएं।

अपनी जांघों को ऊपर की ओर सीधा करके पैर के घुटनों पर 90 डिग्री का कोण बनाएं।

अब सांस भरते हुए, अपने सिर को पीछे की ओर झुकाएं।

अपनी नाभि को नीचे से ऊपर की तरफ धकेलें और टेलबोन को ऊपर उठाएं।

अब अपनी सांस को बाहर छोड़ते हुए, अपने सिर को नीचे की ओर झुकाएं और मुंह की ठुड्डी को अपनी छाती से लगाने का प्रयास करें।

इस स्थिति में अपने घुटनों के बीच की दूरी को देखें।

अब फिर से अपने सिर को पीछे की ओर करें।

इस प्रक्रिया को 3-5 बार दोहराएं।

उत्तानासन

इस आसन को करने के लिए योग मैट पर सीधे खड़े हाे जाएं।

अपने दोनों पैराें के बीच करीब एक फीट की दूरी बनाकर रखें।

अब लंबी गहरी सांस लें और हाथाें काे सिर से ऊपर की तरफ ले जाएं।

सांस छाेड़ते हुए हाथाें काे नीचे की तरफ लाएं।

अब अपने हाथाें से पैराें के अंगूठे काे छूने की काेशिश करें।

इस दौरान आपके पैर घुटनाें से मुड़ने नहीं चाहिए।

कुछ देर इस अवस्था में रहने के बाद धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में आ जाएं।

आप इस प्रक्रिया काे 3-5 बार दाेहरा सकते हैं।

Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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