ओवरी के दर्द से राहत दिला सकते हैं ये 5 योगासन, अनियमित पीरियड्स की समस्या भी होगी दूर

Yoga For Ovary Pain: ओवरी में दर्द से राहत पाने के लिए आप कुछ योगासनों का अभ्यास कर सकते हैं। आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -

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Written By: priya mishra | Published : February 16, 2025 5:48 PM IST

Yoga Poses For Ovary Pain: आजकल के गलत खानपान और खराब जीवनशैली के कारण महिलाओं में ओवेरियन सिस्ट की समस्या काफी आम हो गई है। ओवेरियन सिस्ट एक ऐसी स्थिति है, जिसमें महिला की ओवरीज में छोटी-छोटी सिस्ट (गांठ) बन जाती हैं। यह गांठ महिलाओं के शरीर में कुछ हफ्तों से लेकर कुछ महीनों तक बनी रह सकती है। शुरुआत में जब गांठ का आकार छोटा होता है, तो इसके कोई लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। हालांकि, कई बार ओवरी में गांठ का आकार बड़ा होने लगता है, जिससे महिलाओं को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। कई बार ओवेरियन सिस्ट या पीरियड्स से जुड़ी किसी समस्या के कारण दर्द हो सकता है। ऐसे में, कई महिलाएं इससे राहत पाने के लिए पेन किलर्स का सहारा लेती हैं। लेकिन इन दवाओं का ज्यादा सेवन सेहत के लिए नुकसानदायक होता है। ऐसे में,  दर्द से छुटकारा के लिए पाने के लिए योग का सहारा ले सकते हैं। आज इस लेख में हम आपको कुछ ऐसे योगासनों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो ओवरी के दर्द से राहत दिला सकते हैं। तो आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -

बालासन

इस योगासन को करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर घुटनों के बल बैठ जाएं।

अपने शरीर का सारा भार एड़ियों पर डाल दें।

अब गहरी सांस भरते हुए आगे की ओर झुकें। ध्यान रहे कि आपका सीना जांघों से छूना चाहिए।

फिर अपने माथे से फर्श को छूने की कोशिश करें।

इस स्थिति में कुछ सेकंड तक बने रहने के बाद वापस सामान्य अवस्था  में आ जाएं।

इस प्रक्रिया को 3-5 बार दोहराएं।

धनुरासन

इस आसन को करने के लिए योगा मैट पर पेट के बल लेट जाएं।

अपने दोनों हाथों को सीधा रखें।

अब अपने घुटनों को मोड़ते हुए सांस छोड़ें।

अपनी एड़ी को अपने नितंबों के पास लाएं।

अब धनुषाकार होते हुए, अपने पैरों की उंगलियों को हाथों से पकड़ें।

अब गहरी सांस लेते हुए अपनी छाती को जमीन से ऊपर उठाएं।

फिर सांस छोड़े हुए, वापस प्रारंभिक मुद्रा में आ जाएं।

इस आसन को आप 3 से 5 बार कर सकते हैं।

अर्ध मत्स्येन्द्रासन

इस आसन को करने के लिए योगा मैट पर बैठें और अपने बाएं पैर को दाहिने पैर के नीचे रखें।

दाहिने पैर को बाएं घुटने के पार रखें।

बाएं हाथ को दाहिने घुटने पर रखें और दाहिने हाथ को पीछे की ओर रखें।

अब शरीर को दाहिनी ओर मोड़ें और इस स्थिति में कुछ सेकंड तक रहें।

धीरे-धीरे वापस आएं और दूसरी ओर से भी इस प्रक्रिया को दोहराएं।

इस प्रक्रिया को आप 3 से 5 बार दोहराएं।

सेतुबंधासन

इस आसन को करने के लिए सबसे पहले जमीन पर पीठ के बल लेट जाएं।

अब अपने घुटनों को मोड़ें और तलवों को जमीन पर रखें।

अपने दोनों हाथों से पैरों की एड़ियों को पकड़ें।

सांस लेते हुए धीरे-धीरे अपनी बॉडी को ऊपर उठाएं।

इस मुद्रा में 1-2 मिनट तक रहें।

इसके बाद सांस छोड़ते हुए प्रारंभिक मुद्रा में आ जाएं।

इस प्रक्रिया को 3-5 बार दोहराएं।

नौकासन

इस आसन को करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर बैठ जाएं।

अब अपनी टांगो को सामने की तरफ फैलाएं।

अपने दोनों हाथों को हिप्स से थोड़ा पीछे जमीन पर रखें।

अब दोनों पैरों को सीधा रखते हुए ऊपर की तरफ उठाएं।

अब धीरे-धीरे सांस को बाहर की तरफ छोड़ते हुए पैरों को जमीन से 45 डिग्री तक उठाएं।

सांस लेते हुए नाव के आकार में लगभग 10 से 20 सेकंड तक रहें।

इसके बाद धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए सामान्य मुद्रा में आएं।

Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।