
प्रिया मिश्रा
प्रिया को पिछले 4 सालों से हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर लिखने का अनुभव है। इन्हें हेल्थ और ... Read More
Written By: priya mishra | Updated : March 8, 2024 9:01 AM IST
Yoga For Uterus Cyst: गलत खानपान और खराब जीवनशैली के चलते महिलाएं कई बीमारियों का शिकार हो जाती हैं। इनमें से एक बीमारी बच्चेदानी में गांठ होना है। बच्चेदानी यानी गर्भाशय महिलाओं के शरीर में एक अहम अंग है। यह गर्भधारण करने और भ्रूण को विकसित करने का काम करता है। ऐसे में, यदि बच्चेदानी में गांठ हो जाए, तो महिलाओं को महिलाओं को गर्भधारण करने में परेशानी हो सकती है। दवाइयों के अलावा योग एक ऐसा तरीका है, जो इस समस्या का इलाज कर सकता है। नियमित रूप से कुछ योगासनों का अभ्यास करने से बच्चेदानी में गांठ की समस्या से छुटकारा मिल सकता है। आज इस लेख में हम आपको ऐसे ही कुछ योगासनों के बारे में बताने वाले हैं, जो बच्चेदानी में गांठ की समस्या को ठीक करने में मददगार साबित हो सकते हैं।
इस आसन को करने के लिए योग मैट पर अपने दाेनाें घुटनाें काे माेड़कर बैठ जाएं।
अब अपने दाएं हाथ काे दाएं घुटने और बाएं हाथ काे बाएं घुटने के ऊपरी हिस्से पर रखें।
इसके बाद दाेनाें हथेलियाें काे मिला लें।
इस मुद्रा में 1-2 मिनट तक रहें।
फिर सामान्य अवस्था में आ जाएं।
इस आसन को आप 3-5 मिनट तक कर सकती हैं।
इस आसन को करने के लिए सबसे पहले पीठ के बल लेट जाएं।
अब अपने दोनों पैरों को एक साथ उठाएं और पैरों को घुटनों से मोड़ें।
अब अपने घुटनों को मुंह के पास लाने की कोशिश करें।
इस दौरान आपको अपने दोनों हाथों से पैरों को पकड़ना है।
ऐसा करते समय अपने घुटनों से नाक को छूने की कोशिश करें।
करीब 30 सेकंड तक इस स्थिति में रहें।
इसके बाद सांस छोड़ते हुए प्रारंभिक मुद्रा में आ जाएं।
इस आसन को 3 से 5 बार दोहराएं।
इस योगासन करने के लिए सबसे पहले मैट पर सीधे खड़े हो जाएं और ताड़ासन की मुद्रा में आ जाएं।
अपने दोनों हाथों को धीरे-धीरे सिर के ऊपर की ओर उठाएं।
फिर धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए, कमर के हिस्से से शरीर को मोड़ते हुए, नीचे की ओर झुकें।
अपने दोनों हाथों से पैरों को छूने की कोशिश करें और अपने सिर को अपने घुटनों पर लगाने की कोशिश करें।
इस अवस्था में कुछ सेकंड के लिए रहें।
इस प्रक्रिया को 4-5 बार दोहराएं।
इस आसन को करने के लिए सबसे पहले जमीन पर पीठ के बल लेट जाएं।
अब अपने घुटनों को मोड़ें और तलवों को जमीन पर रखें।
अपने दोनों हाथों से पैरों की एड़ियों को पकड़ें।
सांस लेते हुए धीरे-धीरे अपनी बॉडी को ऊपर उठाएं।
इस मुद्रा में 1-2 मिनट तक रहें।
इसके बाद सांस छोड़ते हुए प्रारंभिक मुद्रा में आ जाएं।
इस प्रक्रिया को 3-5 बार दोहराएं।