
अंजू रावत
अंजू रावत एक अनुभवी हेल्थ, फिटनेस, रिलेशनशिप, ब्यूटी और लाइफस्टाइल लेखक हैं, जिन्हें इन विषयों पर लिखने ... Read More
Written By: Anju Rawat | Published : May 19, 2026 6:32 PM IST
Medically Verified By: priyanka Singh
yoga poses for varicose veins (Image - AI)
"4 से 5 साल पहले मुझे घुटनों और पैरों में इतना दर्द रहता था कि मेरे लिए चलना-फिरना तक मुश्किल हो गया था। घुटनों के दर्द की वजह से मैं सही से बैठ भी नहीं पाती थी। घर का काम करने में काफी मुश्किल होती थी और इस दर्द की वजह से मैं अपने रोजमर्रा तक के काम नहीं कर पा रही थी। दर्द से राहत पाने के लिए मैं पेनकिलर का सहारा लेती थी। कभी-कभी तो रोजाना एक पेनकिलर लेना पड़ता था, तभी मुझे ठीक महसूस होता था। लेकिन, जब मैंने योग करना शुरू किया तो धीरे-धीरे दर्द में आराम मिला। योग करने के कुछ दिन बाद से ही मुझे फर्क दिखना शुरू हो गया था। उसके बाद से अब मैं रोजाना योग करती हूं और खुद को काफी फिट-हेल्दी फील करती हूं।"
ऐसा कहना है 52 वर्षीय संगीता प्रुथी का, जो काफी सालों से घुटनों-पैरों के दर्द और वैरिकोज वेन्स की समस्या से परेशान थीं। इन समस्याओं की वजह से संगीता को रोजमर्रा के काम करने में भी काफी मुश्किल होती थी। लेकिन, रोजाना योग की मदद से उन्हें काफी आराम मिला और वैरिकोज वेन्स की समस्या भी दूर हो गई। लेकिन, संगीता प्रुथी ने घुटनों के दर्द और वैरिकोज वेन्स की समस्या से राहत पाने के लिए कौन-से योगासन किए और योग की मदद से उन्हें कितने समय में पूरा आराम मिला, इस पर विस्तार से जानते हैं-
संगीता प्रुथी बताती हैं, "जब मुझे घुटनों और पैरों में दर्द शुरू हुआ, तो मैंने डॉक्टर को दिखाया। मैंने खूब दवाई खाई हैं, जब भी दर्द होता था एक पेनकिलर खा लेती थी। लेकिन, लंबे समय तक पेनकिलर खाने से शरीर को नुकसान पहुंचता है। इसलिए मैंने सोचा कि एक बार योग का सहारा लेती हूं। जब मैंने योग करना शुरू किया, तो दर्द और वैरिकोज वेन्स की समस्या में काफी आराम मिला। योग करने के 15 से 20 दिन बाद से ही मुझे दर्द में आराम मिलना शुरू हो गया था। अब मैं बिल्कुल स्वस्थ हूं और दर्द भी नहीं होता है।"
संगीता प्रुथी घुटनों के दर्द और वैरिकोन्स वेन्स की समस्या से राहत पाने के लिए रोजाना योगासन करती थीं। वह पिछले 4 सालों से योग कर रही हैं और अब वह कई तरह के योगासन आसानी से कर लेती हैं। जब उन्हें घुटनों में दर्द था, तब वह कुछ योगासनों का अभ्यास करती थीं। इनमें शामिल हैं-
yoga poses (Image-AI)
अब आप सोच रहे होंगे कि वैरेकोज वेन्स क्या होता है और यह योग से कैसे ठीक हो जाता है? तो आपको बता दें कि वैरिकोज वेन्स पैरों में उभरी और सूजी हुई नीली नसें होती हैं, जो त्वचा पर साफ दिखाई देती हैं। ऐसा तब होता है, जब नसों के अंदर मौजूद छोटे वाल्व कमजोर हो जाते हैं। इसमें खून हृदय तक जाने के बजाय पैरों में ही जमा होने लगता है। इससे नसें फूल जाती हैं और उभरी हुई दिखने लगती हैं।
अगर आपके पैरों में भी उभरी हुई नीली या बैंगनी नसें नजर आती हैं, तो आप भी योग का सहारा ले सकते हैं। योग करने से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। इससे पैरों की सूजन और दर्द को कम करने में मदद मिलती है। अगर रोजाना योग किया जाए, तो धीरे-धीरे नीली उभरी नसों से भी राहत पाया जा सकता है।
नियमित योग करने से घुटनों के जोड़ों को सहारा देने वाली मांसपेशियों को मजबूती मिलती है। इससे जोड़ों का लचीलापन बढ़ता है और रक्त संचार सही होता है। इससे दर्द, अकड़न और सूजन को कम करने में मदद मिल सकती है। इसलिए अगर आपको घुटनों और पैरों में दर्द रहता है, तो रोजाना आधा घंटा योगाभ्यास जरूर करें।
yoga for knee pain (Image- AI)
50 साल की उम्र के बाद कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं से परेशान होना पड़ता है। ऐसे में योग करना बेहद फायदेमंद हो सकता है। योग करने से शारीरिक और मानसिक सेहत में सुधार होता है। अगर आप रोजाना योग करेंगे, तो इससे बढ़ती उम्र की वजह से होने वाले घुटनों और पैरों के दर्द में आराम मिल सकता है। इससे मांसपेशियां मजबूत बनती है और ब्लड सर्कुलेशन में भी सुधार होता है। इसकी वजह से वैरिकोज वेन्स की समस्या से भी राहत मिल सकती है।
इससे जुड़े कुछ सवाल-जवाब जानने के लिए हमने योग एक्सपर्ट प्रियंका सिंह से बातचीत की है-
सवाल: घुटनों का दर्द कम करने के लिए कौन-से योगासन करने चाहिए?
जवाब: अगर आप घुटनों के दर्द से परेशान हैं, तो आपको ऐसे योगासन करने चाहिए जिनसे घुटनों पर दबाव नहीं पड़ता है। इससे मांसपेशियां मजबूत और लचीली बनती हैं। आप ताड़ासन, बालासन और सेतु बंधासन का अभ्यास कर सकते हैं।
सवाल: वैरिकोज वेन्स के लिए बेस्ट योगासन कौन-से हैं?
जवाब: पैरों पर उभरी हुई नीली नसें दिखाई देती हैं, तो आप योग जरूर करें। आप विपरीत करणी, सर्वांगासन और सेतुबंधासन कर सकते हैं। इन योगासनों को करने से पैरों की नसों में रक्त का संचार बेहतर होता है और नसों से जुड़ी समस्याओं में आराम मिलता है।
सवाल: क्या 50+ लोग योगासन कर सकते हैं?
जवाब: जी बिल्कुल, 50+ लोगों को भी योग जरूर करना चाहिए। योग करने से बढ़ती उम्र में होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव होता है। इससे जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है और मांसपेशियों को मजबूती मिलती है।
सवाल: योग करते समय क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?
जवाब: अगर आप योग कर रहे हैं, तो कुछ बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए। जैसे-
Disclaimer: 50 साल की उम्र के बाद नसों और हड्डियों से जुड़ी समस्याएं होना बेहद आम हैं। लेकिन, अगर आप योग करेंगे तो आपको लंबे समय तक पेनकिलर या अन्य दवाइयां लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। हालांकि, आपको शुरुआत में कोई भी योगासन करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर करनी चाहिए। साथ ही, एक्सपर्ट की देखरेख में ही योगासन भी करना चाहिए।