चलते समय घुटनों से आती है कट-कट की आवाज? तो रोज सुबह करें ये 3 योगासन

Yoga Asanas for Osteoporosis: अगर आपको ऑस्टियोपोरोसिस रोग है तो इसकी वजह से होने वाले दर्द को कम करने के लिए आप कुछ योगासनों का अभ्यास कर सकते हैं। जानें, इन योगासनों को करने का तरीका

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Written By: Anju Rawat | Published : October 19, 2025 9:01 AM IST

Yoga Asanas for Osteoporosis: खराब खान-पान और जीवनशैली की वजह से ज्यादातर लोग हड्डियों से जुड़े रोगों से जूझ रहे हैं। किसी को जोड़ों में दर्द होता है, तो कोई गठिया से परेशान है। वहीं, कुछ लोग ऑस्टियोपोरोसिस से भी जूझ रहे हैं। ऑस्टियोपोरोसिस एक ऐसी बीमारी है, जिसमें हड्डियां पतली और कमजोर हो जाती हैं। इसकी वजह से हड्डियों के टूटने का खतरा बढ़ जाता है। ऑस्टियोपोरोसिस से पीड़ित लोगों को बार-बार फ्रैक्चर हो सकता है। इस रोग से पीड़ित रोगियों को हड्डियों में गंभीर दर्द का अनुभव हो सकता है। ऑस्टियोपोरोसिस रोगियों को डॉक्टर की सलाह पर दवाइयां लेनी जरूरी होती हैं। लेकिन, इसके साथ ही आप कुछ योगासनों का अभ्यास भी कर सकते हैं। इससे ऑस्टियोपोरोसिस की वजह से होने वाल दर्द में आराम मिल सकता है। आइए, आज विश्व ऑस्टियोपोरोसिस दिवस के मौके पर जानते हैं कि ऑस्टियोपोरोसिस रोगियों को कौन-से योगासन करने चाहिए?

1. वृक्षासन

अगर आपको हड्डियों में दर्द रहता है या फिर आप ऑस्टियोपोरोसिस के मरीज हैं, तो आप वृक्षासन का अभ्यास कर सकते हैं। इस आसन को करने से पीठ, कोर और पैरों की मांसपेशियां मजबूत बनती हैं। अगर आप नियमित रूप से वृक्षासन करेंगे, तो इससे हड्डियों को भी मजबूती मिलेगी। इस आसन को करने के लिए आप सीधे खड़े हो जाएं। इसके बाद, दाएं पैर को जमीन से ऊपर उठाएं और तलवे को बाएं जांघ पर रखें। हाथों को सिर से ऊपर ले जाएं और नमस्कार की अवस्था में आ जाएं। कुछ सेकेंड तक इस अवस्था में रहें और फिर सामान्य स्थिति में आ जाएं। फिर ऐसा ही बाएं पैर के तलवे को दाएं जांघ पर रखें।

bhujangasana

2. भुजंगासन

ऑस्टियोपोरोसिस का दर्द कम करने के लिए और हड्डियां मजबूत बनाने के लिए आप भुजंगासन की प्रैक्टिस भी कर सकते हैं। इस आसन को करने से रीढ़ की हड्डी में भी लचीलापन आता है। रोजाना भुजंगासन करने से हड्डियों से जुड़े रोग दूर होते हैं। इस आसन को करने के लिए सबसे पहले आप योग मैट पर पेट के बल लेट जाएं। अब अपने ठुड्डी को मैट पर रखें। इसके बाद, दोनों हथेलियों कंधों के साथ में जमीन पर रखें। फिर हाथों पर जोर डालते हुए सिर और कमर को ऊपर की तरफ उठाएं। इस स्थिति में सांस लें और छोड़ें। इसके बाद सिर को धीरे-धीरे नीचे लाएं और सामान्य अवस्था में आ जाएं।

balasana

3. बालासन

ऑस्टियोपोरोसिस रोगियों के लिए बालासन करना भी फायदेमंद होता है। अगर आप ऑस्टियोपोरोसिस रोगी हैं, तो बालासन का अभ्यास जरूर करें। इस आसन को करने के लिए आप घुटनों के बल पर बैठ जाएं। इसके बाद, शरीर को धीरे-धीरे आगे की तरफ झुकें। हाथों को सिर के आगे सामने की तरफ रख दें। सिर को जमीन पर टिकाएं और कुछ सेकेंड तक इसी अवस्था में रहें। इसके बाद सांस छोड़ते हुए सामान्य स्थिति में आ जाएं। आप रोजाना 2-3 बार इस आसन का अभ्यास कर सकते हैं।

Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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