
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Written By: Kishori Mishra | Published : August 28, 2025 4:51 PM IST
Kumbhaka pranayama
What is the Benefits of Kumbhaka Pranayama : आज की तेज रफ्तार जिंदगी में लोगों के पास लग्जरी लाइफस्टाइल तो आ गई है, लेकिन ये अपने साथ कई प्रकार की बीमारियां भी लेकर आई है। बिना किसी सोच समझ के पिज्जा, बर्गर और तेल-मसालों से भरे जंक फूड ने हमारे शरीर को अंदर से बीमार बना दिया है। इन बीमारियों को दूर करने के लिए किसी दवा से ज्यादा बेहतर प्रक्रिया है ब्रीदिंग एक्सरसाइज। ब्रीदिंग एक्सरसाइज को आयुर्वेद में प्राणायाम कहते हैं। कुम्भक का आसान भाषा में अर्थ है सांस को रोकना या धारण करना। जब हम श्वास (Inhale) लेते हैं और उसे कुछ समय के लिए फेफड़ों में रोकते हैं तो इसे कुम्भक कहा जाता है। कुम्भक एक ऐसी ब्रीदिंग एक्सरसाइज है, जो शरीर को रोग मुक्त बनाती है। आइए जानते हैं क्या होता है कुम्भक (what is breath retention) और इसे करने से शरीर को क्या-क्या फायदे मिलते हैं।
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन द्वारा साल 2018 में की गई रिसर्च बताती है कि महिलाएं अगर रोजाना सिर्फ 15 से 20 मिनट कु्म्भक करें, तो इससे उनके पीरियड्स से जुड़ी परेशानी दूर होती है। ये ब्रीदिग एक्सरसाइज ओवुलेशन प्रक्रिया में भी सुधार लाती है, जिससे कंसीव करना आसान हो जाता है। रिसर्च में ये भी कहा गया है कि कुम्भक महिलाओं और पुरुषों को भी मानसिक तौर पर फायदा पहुंचाता है।
योग गुरु के अनुसार, कुम्भक 2 प्रकार के होते हैं: -
1. अंतर कुम्भक (Antar Kumbhak) – जब हम सांस अंदर लेकर उसे रोकते हैं।
2. बाह्य कुम्भक (Bahya Kumbhak) – जब हम सांस को बाहर छोड़कर उसे रोकते हैं।
कुम्भक एक ऐसी योग प्रक्रिया है, जिसे आसानी से घर पर ही किया जा सकता है। आइए जानते हैं। कुम्भक करने के 3 स्टेप के बारे में-
Step 1- सबसे पहले आराम से योगा मैट पर बैठ जाएं और गहरी सांस लें।
Step 2- अब सांस को अंदर लेकर थोड़ी देर तक रोकें। इस प्रक्रिया को अंतर कुम्भक कहा जाता है।
Step 3- अब आराम से धीरे-धीरे सांस को बाहर निकालें और चाहें तो बाहर निकालने के बाद भी थोड़ी देर रोक सकते हैं।
इस प्रक्रिया को आप 10 से 15 बार दोहरा सकते हैं। ध्यान रहे कि सांस को अंदर या बाहर रोकते समय ज्यादा गैप न लें।
कुम्भक को नियमित रूप से करने से शरीर और दिमाग की नसें शांत होती हैं, जिससे चिंता, तनाव और दिमाग से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम होता है। हमारे साथ, खास बातचीत में योग गुरु बताते हैं कि कुम्भक करने से महिलाओं की पीरियड्स और हार्मोन से जुड़ी बीमारियां भी कम हो होती हैं।
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।