स्ट्रेस को दूर भगाने के लिए करें इन 2 योगासनों की प्रैक्टिस,स्लीपिंग डिसॉर्डर्स भी होगें कम

कुछ स्टडीज के अनुसार, योगासनों का अभ्यास करने से स्ट्रेस को कंट्रोल करने और मैनेज करने में मदद होती है, रिलैक्स महसूस होता है और चिड़चिड़ापन भी कम होता है।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : March 2, 2023 10:14 AM IST

Stress Busting Yoga Asanas: आज लोगों की रोजमर्रा की ज़िंदगी का एक हिस्सा तनाव की समस्या भी है। काम, भागदौड़, बीमारी और अन्य कई कारणों से लोगों के लिए स्ट्रेस से बच पाना मुश्किल हो चला है। स्ट्रेस से राहत पाने के लिए लोगों को आराम, हेल्दी लाइफस्टाइल और पॉजिटिव थिकिंग के साथ-साथ एक्सरसाइज और योग का अभ्यास करने की भी सलाह दी जाती है। कुछ स्टडीज के अनुसार, योगासनों का अभ्यास करने से स्ट्रेस को कंट्रोल करने (yoga for stress control) और मैनेज करने में मदद होती है। स्टडीज के अनुसार योग करने से (benefits of yoga) रिलैक्स महसूस होता है और चिड़चिड़ापन भी कम होता है। वहीं, बीपी (Blood pressure levels) कंट्रोल करने या हार्ट रेट (Heart rate) में सुधार करने के लिए भी कुछ योगासनों से काफी मदद मिलती हैं। यहां पढ़ें ऐसे ही योगासनों के बारे में जो स्ट्रेस को कंट्रोल करने में मदद कर सकते हैं। (Yoga poses for stress management in Hindi.)

सूर्य नमस्कार (Yoga poses for stress relief-Surya Namaskar)

यह सबसे लोकप्रिय योगासनों में से एक है और हर उम्र के लोगों के लिए सूर्य नमस्कार की प्रैक्टिस फायदेमंद (Surya Namaskar benefits) होती है। सूर्य नमस्कार के कई फायदे  (Health benefits of sun salutation) हैं। इससे ना केवल कैलोरी बर्न करने में सहायता होती है बल्कि, मसल्स को भी रिलैक्स करता है। यह ब्लड सर्कुलेशन को भी बेहतर बनाता है, मेटाबॉलिज्म बढ़ाता है और कमर, आर्म्स और अन्य बॉडी पार्ट्स को टोनअप करता है। इन सबकी मदद से स्ट्रेस कंट्रोल करनाआसान हो सकता है। (Benefits of surya namaskar in Hindi.)

बालासन है तनाव कम करने वाला योगासन (Yoga poses for stress relief- Balasana)

स्ट्रेस मैनेजमेंट के लिए बलासन का अभ्यास भी बेहतर (benefits of balasana or child pose) होता है। इससे, मन और दिमाग को आराम मिलता है और आप रिलैक्स महसूस करते हैं। बालासन के अभ्यास से शरीर के अंदर के ऑर्गन्स की फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ती है। इससे, कंधे, कमर और पीठ की अकड़न कम होती है, मसल्स पेन भी कम होता है जिससे चिड़चिड़ापन कम महसूसहोता है। इन सबके चलते महसूस होने वाला तनाव कम होता है और आप बेहतर महसूस करते हैं।

बालासन के अभ्यास का तरीका (How to practice Balasana step-by-step )

  • जमीन पर पालथी मारकर सुखासन में बैठ जाएं।
  • ध्यान रखें कि आपके पैर ऊपर की ओर रहें।
  • फिर, धीरे-धीरे अपने धड़ को आगे की ओर झुकाएं।
  • हाथों को सीधा रखें और आर्म्स को आगे की ओर फैलाएं।
  • कोशिश करें कि, आपका चेहरा ज़मीन पर हो।
  • इसी तरह हथेलियां और माथा भी जमीन पर हो।
  • इस मुद्रा में 15-20 सेकेंड तक रूकें और सुविधा के अनुसार आसन को दोहराएं।

(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई स्वास्थ्य समस्याओं और योग से जुड़ी सभी जानकारियां सूचनात्मक उद्देश्य से लिखी गयी है। किसी बीमारी की चिकित्सा से जुड़े किसी भी निष्कर्ष तक पहुंचने के लिए कृपया अपने चिकित्सक का परामर्श लें।)

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