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गठिया यानी अर्थराइटिस एक बहुत ही पेनफुल रोग है, जिससे पीड़ित लोगों के लिए कई बार दो कदम चलना भी मुश्किल हो जाता है। इस दर्द से पीड़ित लोग अक्सर फिजिकल एक्टिविटीज से बचना शुरू कर देते हैं, लेकिन यह कुछ देर की राहत लॉन्ग टर्न में नुकसानदायक हो सकती है। क्योंकि इससे ज्वाइंट्स का लचीलापन खत्म हो जाता है। ऐसे में जरूरी है आप अर्थराइटिस से पीड़ित होने के बावजूद हल्के योगासन को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। ये आपके ज्वाइंट्स के साथ ही पूरी हेल्थ के लिए भी अच्छे रहते हैं। कुछ सरल योगासन आपके लिए फायदेमंद हो सकते हैं।
डॉक्टर की सलाह पर आप कुछ आसान योगासन कर सकते हैं, इनसे आपको राहत मिल सकती है।
चाइल्ड पोज यानी बालासन एक बहुत ही आसान और असरदार योगासन है। सबसे पहले एक योगा मैट पर घुटनों के बल बैठें। अब अपने दोनों टखनों और एड़ियों को आपस में टच करें। फिर गहरी सांस लेकर आगे की ओर झुकने की कोशिश करें। आपकी जांघें पेट को अंदर की ओर प्रेशर करनी चाहिए। इस स्थिति में सांस छोड़ें। करीब 30 सैकंड इसी मुद्रा में रहें और फिर वापस नॉर्मल स्थिति में आएं।
माउंटेन पोज को ताड़ासन भी कहा जाता है। यह आसन आपके पूरे शरीर को मजबूत और लचीला बनाता है, जिसमें आपके पैर, कूल्हे और पीठ के जोड़ भी शामिल हैं। इसे करने के लिए सबसे पहले सीधे खड़े हो जाएं। अपने पैरों को मजबूती से जमीन पर स्थिर करें। अब अपने पैर के अंगूठे को एक साथ मिलाएं और बाकी उंगलियों को फैलाएं। अपनी जांघों को स्ट्रेच करें और घुटनों को सीधा रखें। अब दोनों हाथों को ऊपर की ओर स्ट्रेच करें और पंजों के बल ऊपर की ओर जाएं। इससे गठिया से राहत मिलती है।
सेतु बंधासन यानी ब्रिज पोज एक बहुत ही इफेक्टिव योगासन है। इसे करना भी बेहद आसान है। इसके लिए सबसे पहले अपनी पीठ के बल लेटें। फिर घुटनों को मोड़ें और अपने हिप्स को छत की ओर उठाएं। यह आसन ब्लड फ्लो को बढ़ाता है। साथ ही पाचन में सुधार करता है, तनाव को कम करता है और रीढ़ को मजबूत बनाता है।
इसे अधो मुख संवासन भी कहा जाता है। इसे करना बेहद आसान है। यह आसन पूरे शरीर को मजबूत और लचीला बनाता है। इसे करने के लिए सबसे पहले आप सीधे खड़े हो जाएं। फिर अपने हाथों को जमीन की ओर लेकर जाएं। आपका शरीर 'वी' आकार में होना चाहिए। कुछ देर इसी मुद्रा में रखें। फिर वापस से नॉमर्ल हो जाएं। ये मुद्रा आपके ज्वाइंट्स को भी मजबूती देती है।
इस आसान पोज को विपरीत करणी भी कहते हैं। इससे आपके ज्वाइंट्स की सूजन कम होती है, साथ ही आपके पैर रिलैक्स होते हैं। इसे करने के लिए आप एक सीधी दीवार के पास लेट जाएं। अब अपने पैरों को दीवार पर सीधे रखें। ध्यान रखें आपके पैर एकदम सीधे छत की ओर होने चाहिए। कुछ देर इसी मुद्रा में रहें, आपको इससे राहत मिलेगी।