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Yoga Poses For Ovarian Cysts: आजकल के गलत खानपान और खराब जीवनशैली के कारण महिलाओं को कई तरह की प्रजनन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इन्हीं में से एक है ओवेरियन सिस्ट या ओवरी में गांठ की समस्या। ओवेरियन सिस्ट एक तरह की तरल भरी थैली या गांठें होती हैं, जो ओवरी के अंदर बनती है। ओवेरियन सिस्ट होने पर ब्लोटिंग, कब्ज, उल्टी, मतली, वजन बढ़ना, अनियमित पीरियड्स और स्तनों का आकार बढ़ना जैसे लक्षण देखने को मिल सकते हैं। यदि समय पर इसका इलाज न किया जाए, तो महिला को गर्भधारण करने में दिक्कत आ सकती है। कई बार दवाइयों से भी ओवेरियन सिस्ट की समस्या ठीक नहीं होती है। ऐसे में, इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए योग का सहारा ले सकती हैं। जी हां, नियमित रूप से कुछ योगासनों का अभ्यास करने से ओवेरियन सिस्ट की समस्या से छुटकारा मिल सकता है। आज इस लेख में हम आपको ऐसे ही कुछ योगासनों के बारे में बताने वाले हैं, जिनके नियमित अभ्यास से ओवेरियन सिस्ट की समस्या से छुटकारा मिल सकता है। तो आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -
इस आसन को करने के लिए योगा मैट पर पेट के बल लेट जाएं।
अपनी कोहनियों को कमर से सटा के रखें और हथेलियां ऊपर की ओर रखें।
अब धीरे-धीरे सांस भरते हुए, अपनी छाती को ऊपर की ओर उठाएं।
उसके बाद अपने पेट को धीरे-धीरे ऊपर उठा लें। इस स्थिति में 30 सेकंड तक रहें।
अब सांस छोड़ते हुए, सिर को धीरे-धीरे जमीन की ओर नीचे लाएं।
इस प्रक्रिया को आप 3 से 5 बार दोहराएं।
इस आसन को करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर पैरों को सीधा करके बैठ जाएं।
फिर अपने घुटनों को मोड़कर दोनों तलवों को एक-दूसरे से मिला लें।
इसके बाद अपने हाथों को इंटरलॉक कर लें और पैरों के तलवों को पकड़ लें।
इसके बाद अपनी दोनों आंखें बंद कर लें और पैरों को ऊपर-नीचे हिलाएं।
इस आसन को आप 3-5 मिनट तक कर सकती हैं।
इस योगासन को करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर घुटनों के बल बैठ जाएं।
अपने शरीर का सारा भार एड़ियों पर डाल दें।
अब गहरी सांस भरते हुए आगे की ओर झुकें। ध्यान रहे कि आपका सीना जांघों से छूना चाहिए।
फिर अपने माथे से फर्श को छूने की कोशिश करें।
इस स्थिति में कुछ सेकंड तक बने रहने के बाद वापस सामान्य अवस्था में आ जाएं।
इस प्रक्रिया को 3-5 बार दोहराएं।
इस आसन को करने के लिए सबसे पहले जमीन पर पीठ के बल लेट जाएं।
अब अपने घुटनों को मोड़ें और तलवों को जमीन पर रखें।
अपने दोनों हाथों से पैरों की एड़ियों को पकड़ें।
सांस लेते हुए धीरे-धीरे अपनी बॉडी को ऊपर उठाएं।
इस मुद्रा में 1-2 मिनट तक रहें।
इसके बाद सांस छोड़ते हुए प्रारंभिक मुद्रा में आ जाएं।
इस प्रक्रिया को 3-5 बार दोहराएं।
इस आसन को करने के लिए योग मैट पर अपने दाेनाें घुटनाें काे माेड़कर बैठ जाएं।
अब अपने दाएं हाथ काे दाएं घुटने और बाएं हाथ काे बाएं घुटने के ऊपरी हिस्से पर रखें।
इसके बाद दाेनाें हथेलियाें काे मिला लें।
इस मुद्रा में 1-2 मिनट तक रहें।
फिर सामान्य अवस्था में आ जाएं।
इस आसन को आप 3-5 मिनट तक कर सकती हैं।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।