कब्ज से रहते हैं परेशान तो रोज करें ये 3 योगासन, सुबह आसानी से पेट होगा साफ

Kabj Ke Liye Yoga: कब्ज की समस्या से छुटकारा पाने के लिए आप नियमित रूप से कुछ योगासनों का अभ्यास कर सकते हैं। आइए, जानते हैं इन योगासनों के बारे में विस्तार से -

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Written By: priya mishra | Updated : December 11, 2024 7:31 PM IST

Yoga For Constipation: आजकल के गलत खानपान और खराब जीवनशैली के कारण अधिकतर लोग कब्ज की समस्या से परेशान रहते हैं। कब्ज होने के पीछे के कारण हो सकते हैं, जैसे जंक फूड का ज्यादा सेवन, पानी कम पीना, ज्यादा देर तक एक ही जगह बैठकर काम करना, एक्सरसाइज न करना, स्मोकिंग और तनाव । कब्ज होने पर मल काफी सख्त हो जाता है, जिसकी वजह से मल त्यागने में काफी परेशानी होती है। अगर लंबे समय तक कब्ज की समस्या बनी रहे, तो कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में, कब्ज का इलाज करना बहुत ही जरूरी है। वैसे तो बाजार में ऐसी कई दवाइयां और सिरप मौजूद हैं, जो कब्ज को दूर करने का काम करते हैं। लेकिन इनका असर सिर्फ तभी तक रहता है जब तक आप इनका नियमित सेवन करते रहें। वहीं, इन दवाओं का ज्यादा सेवन सेहत के लिए नुकसानदायक भी साबित हो सकता है। ऐसे में, आप चाहें तो कब्ज से छुटकारा पाने के लिए कुछ योगासनों का अभ्यास कर सकते हैं। आज इस लेख में हम आपको कुछ ऐसे योगासनों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनके नियमित अभ्यास से पुराने से पुराने कब्ज को ठीक करने में मदद मिल सकती है। तो आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -

भुजंगासन

इस आसन को करने के लिए योगा मैट पर पेट के बल लेट जाएं।

अपनी कोहनियों को कमर से सटा के रखें और हथेलियां ऊपर की ओर रखें।

अब धीरे-धीरे सांस भरते हुए, अपनी छाती को ऊपर की ओर उठाएं।

उसके बाद अपने पेट को धीरे-धीरे ऊपर उठा लें। इस स्थिति में 30 सेकंड तक रहें।

अब सांस छोड़ते हुए, सिर को धीरे-धीरे जमीन की ओर नीचे लाएं।

इस प्रक्रिया को आप 3 से 5 बार दोहराएं।

वज्रासन

इस योगासन को करने के लिए योगा मैट पर घुटनों के बल खड़े हो जाएं।

अब अपने कूल्हों को एड़ी पर रखकर बैठ जाएं।

अपने सिर को सीधा रखें और हाथों को अपने घुटनों पर रखें।

अब अपनी आंखों को बंद करके सांस लें और छोड़ें।

इस अभ्यास को आप 5-10 मिनट के लिए कर सकते हैं।

उष्ट्रासन

इस आसन को करने के लिए जमीन पर घुटने के बल बैठ जाएं और दोनों हाथों को कूल्हों पर रखें।

ध्यान रखें कि दोनों घुटने आपके कंधों के समानांतर हों।

अब गहरी सांस लें और रीढ़ की निचली हड्डी पर आगे की तरफ दबाव डालें।

इस दौरान पूरा दबाव नाभि पर महसूस होना चाहिए।

इसके बाद अपने हाथों से पैरों को पकड़ें और कमर को पीछे की तरफ मोड़ें।।

इस स्थिति में 30-60 सेकंड रुकने के बाद आप धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में आ सकते हैं।

आप इस आसन को 3-5 बार दोहरा सकते हैं।

Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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