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Written By: Atul Modi | Updated : June 17, 2021 11:28 AM IST
संयुक्त राष्ट्र ने कहा- कोरोना रोगियों के लिए फायदेमंद है नियमित योगासन
21 जून को हर साल अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (International Yoga Day 2021) मनाया जाता है। यह संयुक्त राष्ट्र (United Nations) द्वारा अनिवार्य किया गया है। दुनिया के प्रत्येक व्यक्ति तक योग के अभ्यास और उसके महत्व को पहुंचाने के लिए योग दिवस मनाने की शुरुआत हुई है। योग शारीरिक मानसिक और आध्यात्मिक तीनों को परिभाषित करता है और यह एक स्वस्थ जीवन शैली का नेतृत्व करने में भी मदद करता है। यह दिन योग के लाभों के बारे में जागरूक करने के लिए मनाया जाता है, क्योंकि यह पूरी दुनिया में लोकप्रियता हासिल कर रहा है, साथ ही योग का अलग-अलग तरीकों से अभ्यास भी किया जा रहा है।
जैसा कि हम सब जानते हैं अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2021 अगले सप्ताह सोमवार को मनाया जाएगा। इस बार की थीम "योगा फॉर वेल बीइंग" है। जो वर्तमान परिस्थितियों के लिहाज से तय किया गया है। क्योंकि हम अभी कोरोना वायरस महामारी से लड़ रहे हैं ऐसे स्थिति में हमें खुद को स्वस्थ रखना बहुत जरूरी है।
कोरोना वायरस महामारी न सिर्फ एक शारीरिक पीड़ा है बल्कि यह मानसिक स्वास्थ्य पर भी गहरा प्रभाव छोड़ता है। पिछले कुछ महीनों में देखा गया है कि महामारी के कारण लोग अवसाद और चिंता से ग्रस्त हैं। महामारी से निपटने के लिए लोग तमाम तरह के प्रयास भी कर रहे हैं। मगर योग ऐसे संकटों से निपटने में हमारी मदद कर सकता है। संयुक्त राष्ट्र (United Nations) ने अपनी वेबसाइट पर समझाया है कि किस प्रकार से योग का अभ्यास हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों के लिए फायदेमंद है।
संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि "इस महामारी के दौरान दुनिया भर के लोगों में खुद को स्वस्थ रखने और सामाजिक अलगाव और डिप्रेशन से लड़ने के लिए योग को अपनाने की प्रवृत्ति देखी गई है। योग एक मानसिक-सामाजिक देखभाल के साथ-साथ आइसोलेशन में रह रहे कोरोना रोगियों के लिए एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, यह उनके डर और चिंता को दूर करने में काफी मदद कर रहा है।"
आपको बता दें कि, संयुक्त राष्ट्र संघ कोरोनावायरस महामारी के दौरान शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से निपटने के लिए अपने कर्मियों को योग करने की पेशकश करता रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) ने भी स्वास्थ्य में सुधार के लिए योग करने की सलाह दी है। इससे न सिर्फ शरीर फ्लैक्सिबल रहता है बल्कि यह आपको फिट रखने और मानसिक समस्याओं से दूर रखने में भी मदद करता है।
संयुक्त राष्ट्र द्वारा अनिवार्य अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का विचार पहली बार 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा (United Nations General Assembly) में अपने भाषण के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) द्वारा प्रस्तावित किया गया था।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में कहा था कि, "योग प्राचीन भारत की परंपरा का एक अमूल्य उपहार है , योग के माध्यम से प्रकृति और मनुष्य के बीच एक सामंजस्य स्थापित होता है।"
उनकी इस पहल पर 177 देशों का समर्थन मिला था जो अब तक के किसी भी प्रस्ताव का सबसे बड़ा समर्थन था। प्रधानमंत्री के इस प्रस्ताव के बाद 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनानी मनाने की तारीख के रूप में घोषित किया गया था।
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