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International Yoga Day 2019ः योग के लाभ, अर्थ, थीम और शुरू होने की कहानी, जानें सबकुछ

इस बार 5वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाएगा। © Shutterstock

कल पांचवां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2019 मनाया जाएगा। योग के लिए इस अंतर्राष्ट्रीय दिवस को दिसंबर, 2014 में यूनाइटेड नेशंस जनरल एसेंबली में पीएम मोदी ने भाषण के दौरान 21 जून को ''अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस'' के रूप में मनाने का सुझाव दिया।

21 जून यानी कल अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2019 दुनिया भर में मनाया जाएगा। हर साल की तरह इस बार भी इस दिवस का एक खास थीम रखा गया है। 2019 का थीम "क्लाइमेट एक्शन" (जैसा कि UN.org द्वारा बताया गया है) है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2019 के उपलक्ष पर इस थीम के जरिए ये बताने की कोशिश की जा रही है कि योग का अभ्यास करने से जलवायु परिवर्तन (climate change) का समाधान मिल सकता है। योग आसनों के अभ्यास से शरीर और मन के बीच एक आंतरिक संतुलन कायम होता है। यह अपने और प्रकृति के बीच सामंजस्य स्थापित करता है।

इंसानों द्वारा किए गए गैर जिम्मेदाराना हरकतें या क्रियाएं पृथ्वी को नुकसान पहुंचा रही हैं, जिसके परिणामस्वरूप जलवायु परिस्थितियों में भारी बदलाव हो रहा है। इसलिए, संयुक्त राष्ट्र ने योगाभ्यास के जरिए जलवायु क्रियाओं (climate action) के बारे में जागरूकता बढ़ाने का फैसला किया है, जो हमारे शरीर की आत्मा को प्रकृति से जोड़ता है और पृथ्वी के बदलते जलवायु या क्लाइमेट के प्रति एक्शन लेने के लिए प्रेरित करता है।

इस बार 5वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस

21 जून 2019 को पूरी दुनिया पांचवें ''अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस'' मनाने के लिए तैयार है। योग के लिए इस अंतर्राष्ट्रीय दिवस को दिसंबर, 2014 में यूनाइटेड नेशंस जनरल एसेंबली (UNGA) द्वारा घोषित किया गया था। जैसा कि भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है- “योग भारत की प्राचीन परंपरा का एक अमूल्य उपहार है। यह मन और शरीर की एकता का प्रतीक है। विचार और एक्शन, संयम और पूर्णता, मनुष्य और प्रकृति के बीच सामंजस्य, स्वास्थ्य और कल्याण के लिए एक समग्र दृष्टिकोण है योग। अपनी जीवनशैली को बदलकर और चेतना पैदा करके यह समग्र स्वास्थ्य में सुधार करता है।

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योग का अर्थ क्या है ?

यह एक शारीरिक, मानसिक या आध्यात्मिक अभ्यास है, जो भारत की देन है, जो जीवन के पूर्ण तरीके को वर्णित करता है। योग सिर्फ एक्सरसाइज के बारे में नहीं है, बल्कि एक समझ को विकसित करते हुए खुद को पहचानने का जरिया है। ''योग'' शब्द की उत्पत्ति संस्कृत से हुई है, जिसका अर्थ है शरीर से जुड़ना या एकजुट होना।

योग दिवस का विचार किसने प्रस्तावित किया ?

''अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस'' का विचार भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा यूनाइटेड नेशंस जनरल एसेंबली में भाषण देने के दौरान प्रस्तावित किया गया था। 21 जून को उत्तरी गोलार्ध (Northern Hemisphere) में वर्ष का सबसे लंबा दिन होता है और दुनिया के विभिन्न हिस्सों में विशेष महत्व रखता है। नरेंद्र मोदी ने ही 21 जून को ''अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस'' के रूप में मनाने का सुझाव दिया। योग दिवस का लोगो (Logo) मानवता के प्रति सद्भाव और शांति का प्रतिक है, जो योग की प्रकृति को दर्शाता है। योग दिवस के दिन दुनिया भर में कई कार्यक्रम होते हैं। इस दिन सभी देशों में योग, ध्यान, वाद-विवाद और विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक प्रदर्शनों का आयोजन किया जाता है ताकि इसके जरिए योग दिवस के संदेश और अर्थ का पूरी दुनिया में प्रचार-प्रसार किया जा सके।

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योग के फायदे

- हर दिन अपने दिन की शुरुआत सूर्यनमस्कार से करें। यदि आप एक स्वस्थ और खुशहाल जीवन जीना चाहते हैं, तो अपने व्यस्त कार्यक्रम में से कुछ समय निकालकर कुछ सांस लेने के व्यायाम करें और रोजाना कुछ मिनट के लिए योग करें।

- रोजाना योग करने से आप अपनी ध्यान क्षमता बढ़ा सकते हैं। इससे याददाश्त और प्रोडक्टिविटी भी बढ़ती है।

- योग के जरिए आपकी मांसपेशियों में होने वाला दर्द दूर होता है। आपके संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में यह मदद करता है।

- यह आपके शरीर को मजबूत बनाने और रीढ़ को स्थिर करने में मदद करता है। इससे पीठ दर्द, तनाव और अवसाद को दूर कर सकते हैं।

- यह आपके मन, शरीर और आत्मा को स्थिर करता है और शांति और आनंद से आपको भर देता है।

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