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माइग्रेन एक आम समस्या बनती जा रही है। लगभग हर घर में इसके मरीज मिल जाएंगे। यदि आप भी इस लिस्ट में शामिल हैं, तो आप को अपने लाइफस्टाइल में कुछ परिवर्तन करना चाहिए। इसके लिए आप अपनी दिनचर्या में योग को शामिल कर सकते हैं। दअरसल गर्मी में बहुत से लोगों में माइग्रेन की समस्या बढ़ जाती है। जिससे काफी थकान महसूस होता है। ऐसी स्थिति में योग न केवल माइग्रेन को ठीक करने में मदद करता है, बल्कि लगातार माइग्रेन के चलते उत्पन्न होने वाली समस्याओं को भी रोकने में मदद करता है। योगा से शरीर और मन दोनों का एक दूसरे के साथ तालमेल बिठाते हैं। योगासन माइग्रेन के असर को काफी हद तक कम करता है।
शवासन पूर्ण विश्राम की अवस्था है। इसे 'शव मुद्रा' भी कहा जाता है। क्योंकि इस आसन में आपको केवल वर्तमान में रहना होता है। किसी भी तरह की बाधा नहीं होती। इस स्थिति में, आपके शरीर का हर अंग ज़मीन पर होता है। इससे सम्पूर्ण शरीर के साथ ही दिमाग को भी आराम मिलता है।
यह आसन एक बेहतरीन हार्ट ओपनर है। उष्ट्रासन ऑक्सीजन युक्त रक्त को आपके सिर तक पहुंचने में मदद करता है। जिससे तनाव कम होता है। यह आसान आपके पेट और पीठ को मजबूत बनाता है। इसके साथ ही इस आसन से फेफड़ों की क्षमता भी बढ़ाता है। जिससे शरीर को अधिक ऑक्सीजन मिलता है।
ब्रिज पोज़ माइग्रेन से बचाव के लिए बेहतर उपाय है। आपकी गर्दन और कंधे के क्षेत्र में बहुत ज़्यादा तनाव रहना माइग्रेन का एक बड़ा कारण हो सकता है। ब्रिज पोज करने से आपका शरीर आराम करता है और ऑक्सीजन युक्त रक्त आपके दिल और सिर तक पहुँचता है।
बाल की मुद्रा हमें सुरक्षित महसूस कराती है। चूंकि यह भ्रूण की मुद्रा है, इसलिए यह शरीर और अवचेतन को गर्भ की पूर्ण सुरक्षा की याद दिलाती है, जहां हमारी सभी ज़रूरतें अपने आप पूरी हो जाती हैं। यह मुद्रा सिरदर्द और तनाव के स्तर को कम करता हैं। बाल मुद्रा माइग्रेन को कम करने और चिंता के स्तर को कम करने में मदद करती है।
पवनमुक्तासन अपने शरीर में सुरक्षित महसूस करने और अपनी सांसों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए एक अच्छा आसन है। 10 गिनने तक स्थिर रहने के बाद, इस आसन में आगे-पीछे लुढ़कें- यह क्रिया आरामदायक और माइग्रेन के प्रभाव को कम करने में मदद कर सकती है।
अगर आपको गर्मियों में माइग्रेन की समस्या होती है, तो हल्का और ठंडा खाना खाना शुरू करें। खूब पानी पिएं। साथ ही, अगर ज़रूरत हो, तो अपने डॉक्टर से सलाह लें।