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Yoga For Shoulder Stiffness: सर्दियों में अक्सर कई लोगों को सुबह उठने के बाद कंधे में जकड़न महसूस होती है। दरअसल, सर्दियों में चलने वाली ठंडी हवा के कारण मांसपेशियों और जोड़ों में अकड़न आ जाती है। इसके अलावा, लंबे समय तक कंप्यूटर या लैपटॉप पर काम करने, पोषक तत्वों की कमी और गलत पॉश्चर में उठने-बैठने के कारण भी कंधों में दर्द और जकड़न महसूस हो सकती है। ऐसे में लोगों को रोजमर्रा के काम करने में भी काफी परेशानी होती है। अगर आप भी समस्या से जूझ रहे हैं, तो इससे राहत पाने के लिए कुछ योगासनों का अभ्यास कर सकते हैं। आज इस लेख में हम आपको ऐसे 4 योगासनों के बारे में बता रहे हैं, जो कंधों की जकड़न से छुटकारा दिला सकते हैं। आइए, जानते हैं कौन से हैं ये योगासन।
इस आसन को करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर पेट के बल लेट जाएं।
अपने दोनों हाथों को सीधा रखें।
अब अपने घुटनों को मोड़ते हुए सांस छोड़ें।
अपनी एड़ी को अपने नितंबों के पास लाएं।
अब धनुषाकार होते हुए, अपने पैरों की उंगलियों को हाथों से पकड़ें।
अब गहरी सांस लेते हुए अपनी छाती को जमीन से ऊपर उठाएं।
फिर सांस छोड़े हुए, वापस प्रारंभिक मुद्रा में आ जाएं।
इस प्रक्रिया को 3-5 बार दोहराएं।
इस योगासन को करने के लिए योगा मैट पर पेट के बल लेट जाएं।
अपनी कोहनियों को कमर से सटा कर रखें और हथेलियां ऊपर की ओर रखें।
अब धीरे-धीरे सांस भरते हुए, अपनी छाती को ऊपर की ओर उठाएं।
उसके बाद अपने पेट को धीरे-धीरे ऊपर उठा लें। इस स्थिति में 30 सेकंड तक रहें।
अब सांस छोड़ते हुए, अपने सिर को धीरे-धीरे जमीन की ओर नीचे लाएं।
इस प्रक्रिया को 3-5 बार दोहराएं।
इस योगासन को करने के लिए वज्रासन में बैठ जाएं।
अब अपने दोनों हाथों को जमीन पर आगे की ओर रखें।
अपने दोनों हाथों पर भार डालते हुए, अपने हिप्स को ऊपर उठाएं।
अपनी जांघों को ऊपर की ओर सीधा करके पैर के घुटनों पर 90 डिग्री का कोण बनाएं।
अब सांस भरते हुए, अपने सिर को पीछे की ओर झुकाएं।
अपनी नाभि को नीचे से ऊपर की तरफ धकेलें और टेलबोन को ऊपर उठाएं।
अब अपनी सांस को बाहर छोड़ते हुए, अपने सिर को नीचे की ओर झुकाएं और मुंह की ठुड्डी को अपनी छाती से लगाने का प्रयास करें।
इस स्थिति में अपने घुटनों के बीच की दूरी को देखें।
अब फिर से अपने सिर को पीछे की ओर करें।
इस प्रक्रिया को 3-5 बार दोहराएं।
इस आसन को करने के लिए सबसे पहले जमीन पर घुटने के बल बैठ जाएं।
अपने दोनों हाथों को कूल्हों पर रखें।
अब गहरी सांस लें और रीढ़ की निचली हड्डी पर आगे की तरफ दबाव डालें।
इस दौरान पूरा दबाव नाभि पर महसूस होना चाहिए।
इसके बाद अपने हाथों से पैरों को पकड़ें और कमर को पीछे की तरफ मोड़ें।।
इस स्थिति में 30-60 सेकेंड रुकें और फिर वापस से प्रारंभिक मुद्रा में आ जाएं।
आप इस आसन को 3-5 बार दोहरा सकते हैं।