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पेट की चर्बी कम करने के लिए रोज करें ये 3 योगासन, सिर्फ एक महीने में लटकती तोंद हो जाएगी अंदर

Yoga For Belly Fat: पेट की चर्बी कम करने के लिए आप रोजाना कुछ योगासनों का अभ्यास कर सकते हैं। आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -

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Written By: priya mishra | Updated : September 27, 2024 11:24 AM IST

Yoga Poses For Belly Fat: आजकल के गलत खानपान और खराब जीवनशैली के कारण मोटापा एक गंभीर समस्या बन चुकी है। वजन घटाने के लिए लोग तरह-तरह के डाइट प्लान फॉलो करते हैं और घंटों जिम में पसीना बहाते हैं। लेकिन फिर भी मनचाहा रिजल्ट नहीं मिल पाता है। खासतौर पर, शरीर के कुछ हिस्सों में जमा चर्बी को कम करना काफी मुश्किल होता है। आजकल डेस्क जॉब के कारण अधिकतर लोग बैली फैट की समस्या से परेशान हैं। गलत खानपान, खराब लाइफस्टाइल और एक्सरसाइज न करने की वजह से पेट के आसपास फैट जमा होने लगता है। ये न सिर्फ देखने में बेकार लगता है, बल्कि कई गंभीर बीमारियों का कारण भी बन सकता है। अगर आप भी बैली फैट की समस्या परेशान हैं, तो कुछ योगासनों का अभ्यास कर सकते हैं। आज इस लेख में हम आपको कुछ ऐसे योगासनों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनके नियमित अभ्यास से पेट की चर्बी को कम करने में मदद मिल सकती है। तो आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से –

भुजंगासन

इस आसन को करने के लिए योगा मैट पर पेट के बल लेट जाएं।

अपनी कोहनियों को कमर से सटा के रखें और हथेलियां ऊपर की ओर रखें।

अब धीरे-धीरे सांस भरते हुए, अपनी छाती को ऊपर की ओर उठाएं।

उसके बाद अपने पेट को धीरे-धीरे ऊपर उठा लें। इस स्थिति में 30 सेकंड तक रहें।

अब सांस छोड़ते हुए, सिर को धीरे-धीरे जमीन की ओर नीचे लाएं।

इस प्रक्रिया को आप 3 से 5 बार दोहराएं।

नौकासन

इस आसन को करने के लिए योगा मैट पर बैठ जाएं।

अब अपनी टांगो को सामने की तरफ फैलाएं।

अपने दोनों हाथों को हिप्स से थोड़ा पीछे जमीन पर रखें।

अब दोनों पैरों को सीधा रखते हुए ऊपर की तरफ उठाएं।

अब धीरे-धीरे सांस को बाहर की तरफ छोड़ते हुए पैरों को जमीन से 45 डिग्री तक उठाएं।

सांस लेते हुए नाव के आकार में लगभग 10 से 20 सेकंड तक रहें।

इसके बाद धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए सामान्य मुद्रा में आएं।

इस आसन को आप 3-5 मिनट तक कर सकते हैं।

उष्ट्रासन

इस आसन को करने के लिए जमीन पर घुटने के बल बैठ जाएं और दोनों हाथों को कूल्हों पर रखें।

ध्यान रखें कि दोनों घुटने आपके कंधों के समानांतर हों।

अब गहरी सांस लें और रीढ़ की निचली हड्डी पर आगे की तरफ दबाव डालें।

इस दौरान पूरा दबाव नाभि पर महसूस होना चाहिए।

इसके बाद अपने हाथों से पैरों को पकड़ें और कमर को पीछे की तरफ मोड़ें।

इस स्थिति में 30-60 सेकंड रुकने के बाद आप धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में आ सकते हैं।

आप इस आसन को 3-5 बार दोहरा सकती हैं।

Disclaimer: हमारे लेखों में साझा की गई जानकारी केवल इंफॉर्मेशनल उद्देश्यों से शेयर की जा रही है इन्हें डॉक्टर की सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी बीमारी या विशिष्ट हेल्थ कंडीशन के लिए स्पेशलिस्ट से परामर्श लेना अनिवार्य होना चाहिए। डॉक्टर/एक्सपर्ट की सलाह के आधार पर ही इलाज की प्रक्रिया शुरु की जानी चाहिए।