
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Updated : November 1, 2023 1:10 PM IST
स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए सदियों से ही योग का हमारे जीवन में बहुत बड़ा योगदान रहा है। योग एक ऐसा शारीरिक अभ्यास है, जो न सिर्फ हमारे शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार करता है, बल्कि इसके साथ-साथ यह हमारे मानसिक स्वास्थ्य को भी मजबूत बनाने का काम करता है। यही कारण है कि हजारों साल बाद आज भी योगाभ्यास उतना ही प्रचलित है और दुनिया के लगभग सभी हिस्सों में इसका प्रचलन बढ़ गया है।
हालांकि, समय के साथ-साथ इसमें नई-नई योग मुद्राओं को जोड़ा गया और इसके कई वैकल्पिक बनते गए। इसी तरह योग के जैसा ही एक और विकल्प है हॉट योगा, इसके नाम से ही आप समझ गए होंगे कि ये योग का ही एक वैकल्पिक रूप है। लेकिन योग है तो हॉट योगा क्यों बनाया गया इसके पीछे कोई तो कारण रहा होगा और इस कारण को हम इन दोनों के के अंतर का पता लगाकर ही जानेंगे।
हॉट योगा और योग में बहुत ज्यादा अंतर नहीं हैं, क्योंकि इन दोनों में ही किए जाने वाले अभ्यास आमतौर पर एक जैसे ही होते हैं। लेकिन इन दोनों के बीच सबसे बड़ा अंतर तापमान का ही है। योग का अभ्यास हमेशा सामान्य मौसम यानी ना ज्यादा गर्मी और ना ज्यादा सर्दी में करने की सलाह दी जाती है, जबकि हॉट योगा को गर्म तापमान में किया जाता है। सरल शब्दों में कहें तो हॉट योगा को रूम टेंपरेचरसे ज्यादा तापमान में किया जाता है।
वैसे तो इन दोनों के अलग-अलग फायदे हैं, लेकिन यदि हॉट योगा की बात करें तो गर्म तापमान होने के कारण इसमें ज्यादा पसीना आता है और ज्यादा कैलोरी बर्न होती है। इसलिए जिन लोगों को अपना वजन भी कम करना है उनके लिए हॉट योगा ज्यादा फायदेमंद हो सकता है।
सामान्य योग मुद्राओं का नियमित रूप से अभ्यास करने से न सिर्फ शरीर को फायदा मिलता है, बल्कि आपके मानसिक स्वास्थ्य में भी सुधार होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि इन योग मुद्राओं को बाहर खुले वातावरण में भी किया जा सकता है, जिससे आपके मानसिक स्वास्थ्य में सुधार होता है। वहीं ज्यादा योग मुद्राएं होने के कारण शरीर की लचीलता भी बनी रहती है।