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Yoga To Control Blood Sugar: आजकल के गलत खानपान और खराब जीवनशैली के कारण डायबिटीज एक आम समस्या बन चुकी है। जहां पहले यह बीमारी ज्यादातर बुजुर्गों में देखने को मिलती थी, वहीं आजकल युवा और बच्चे भी इसका तेजी से शिकार हो रहे हैं। डायबिटीज होने पर पैंक्रियाज में पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन का उत्पादन नहीं हो पाता है, जिसके कारण ब्लड शुगर लेवल अनियंत्रित तरीके से बढ़ने लगता है। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि डायबिटीज एक लाइलाज बीमारी है, जिसे जड़ से खत्म नहीं किया जा सकता है। इसे सिर्फ दवाओं, सही खानपान और लाइफस्टाइल में बदलाव से कंट्रोल किया जा सकता है। इसके अलावा, कुछ योगासनों की मदद से भी ब्लड शुगर के स्तर को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। आज इस लेख में हम आपको कुछ ऐसे योगासनों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनके नियमित अभ्यास से ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में काफी हद तक मदद मिल सकती है (Yoga To Control Diabetes In Hindi)। तो आइए, जानते हैं इन योगासनों के बारे में विस्तार से -
इस योगासन को करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर वज्रासन में बैठ जाएं।
फिर अपने हाथों की मुट्ठी बंद कर लें। इस दौरान आपके अंगूठे मुठ्ठी के अंदर होने चाहिए।
अब अपनी दोनों मुट्ठियों को नाभि के बीच में रखें और गहरी-लंबी सांस लें।
अब सांस छोड़ते हुए आगे की ओर झुकें और पेट को अंदर खींचें।
इस दौरान सुनिश्चित करें कि आपकी छाती आपकी जांघों को छू रही हों।
थोड़ी देर इस मुद्रा में रहने के बाद अपनी प्रारंभिक अवस्था में वापस आ जाएं।
इस प्रक्रिया को 4-5 बार दोहराएं।
इस आसन को करने के लिए योगा मैट पर बैठें और अपने बाएं पैर को दाहिने पैर के नीचे रखें।
दाहिने पैर को बाएं घुटने के पार रखें।
बाएं हाथ को दाहिने घुटने पर रखें और दाहिने हाथ को पीछे की ओर रखें।
अब शरीर को दाहिनी ओर मोड़ें और इस स्थिति में कुछ सेकंड तक रहें।
धीरे-धीरे वापस आएं और दूसरी ओर से भी इस प्रक्रिया को दोहराएं।
इस प्रक्रिया को आप 3 से 5 बार दोहराएं।
इस आसन को करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर सुखासन में बैठ जाएं।
अब अपने दोनों पैरों को सामने की ओर सीधा करके बैठ जाएं।
इस दौरान दोनों एड़ी और पंजे मिले रहेंगे।
अब सांस छोड़ते हुए और आगे की ओर झुकते हुए दोनों हाथों से दोनों पैरों के अंगूठे पकड़ लें।
माथे को घुटनों से लगाएं और दोनों कोहनियों को जमीन पर टिकाएं।
इस मुद्रा में 1-2 मिनट तक रहें।
इसके बाद अपनी प्रारंभिक मुद्रा में लौट आएं।
इस प्रक्रिया को 3-5 बार दोहराएं।
Disclaimer: हमारे लेखों में साझा की गई जानकारी केवल इंफॉर्मेशनल उद्देश्यों से शेयर की जा रही है इन्हें डॉक्टर की सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी बीमारी या विशिष्ट हेल्थ कंडीशन के लिए स्पेशलिस्ट से परामर्श लेना अनिवार्य होना चाहिए। डॉक्टर/एक्सपर्ट की सलाह के आधार पर ही इलाज की प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए।