क्या थायराइड को योग से ठीक किया जा सकता है? जानिए एक्सपर्ट से

Yoga For Thyroid: थायराइड को कंट्रोल करने के लिए दवाइयां दी जाती हैं। लेकिन क्या थायराइड को योग से ठीक किया जा सकता है? आइए, जानते हैं विस्तार से -

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Written By: priya mishra | Published : September 1, 2025 9:47 AM IST

Yoga Poses For Thyroid: आजकल के गलत खानपान और खराब जीवनशैली के कारण थायराइड की समस्या लोगों में आम हो चुकी है। दरअसल, थायराइड तितली के आकार के ग्रंथि होती है, जो गर्दन के अंदर मौजूद होती है। यह ग्रंथि थायरोक्सिन हार्मोन का उत्पादन करती है, जो शरीर के मेटाबॉलिक रेट और एनर्जी लेवल को कंट्रोल करता है। जब थायराइड ग्रंथि अपना काम ठीक से करना बंद कर देती है, तो शरीर में थायराइड हार्मोन का उत्पादन कम या ज्यादा होने लगता है। थायराइड के असंतुलित होने पर शरीर में वजन बढ़ना, थकान, बाल झड़ना, मूड स्विंग्स और महिलाओं में पीरियड्स की अनियमितता जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं। वैसे तो आधुनिक चिकित्सा में थायराइड को कंट्रोल करने के लिए दवाइयां दी जाती हैं, लेकिन साथ ही जीवनशैली और खानपान में सुधार बहुत जरूरी है। ऐसे में, योग भी थायराइड रोगियों के लिए बहुत मददगार साबित हो सकता है। नियमित योगाभ्यास से थायराइड हार्मोन का संतुलन बेहतर हो सकता है। आइए, मायहेल्थबडी की फिटनेस एक्सपर्ट डॉ अंतरा देबनाथ से जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -

क्या योग से थायराइड पूरी तरह ठीक हो सकता है?

डॉ अंतरा देबनाथ के मुताबिक, योग थायराइड का इलाज नहीं है, लेकिन यह थायराइड के लक्षणों को कम करने और शरीर को संतुलित करने में काफी मदद करता है। यह दवाइयों का विकल्प नहीं है, बल्कि उनके साथ-साथ एक सहायक साधन की तरह काम करता है। अगर आप नियमित रूप से कुछ योगासनों का अभ्यास करते हैं और स्वस्थ दिनचर्या अपनाते हैं, तो लंबे समय में इसका सकारात्मक असर जरूर देखने को मिलेगा।

थायराइड को कंट्रोल करने के लिए योगासन

भुजंगासन

इस आसन को करने के लिए योगा मैट पर पेट के बल लेट जाएं।

अपनी कोहनियों को कमर से सटा के रखें और हथेलियां ऊपर की ओर रखें।

अब धीरे-धीरे सांस भरते हुए, अपनी छाती को ऊपर की ओर उठाएं।

उसके बाद अपने पेट को धीरे-धीरे ऊपर उठा लें। इस स्थिति में 30 सेकंड तक रहें।

अब सांस छोड़ते हुए, सिर को धीरे-धीरे जमीन की ओर नीचे लाएं।

इस प्रक्रिया को आप 3 से 5 बार दोहराएं।

मत्स्यासन

इस आसन को करने के लिए योगा मैट पर पीठ के बल लेट जाएं।

इसके बाद बाएं पैर के उंगलियों को दाएं हाथ और दाएं पैर को बाएं हाथ से पकड़ें।

इस दौरान अपनी दोनों कोहनियों को जमीन पर टिका लें।

इसके साथ ही, घुटने भी जमीन के साथ लगने चाहिए।

अब गहरी सांस लें और सिर को पीछे की तरफ ले जाएं।

इस अवस्था में सांस लें और छोड़ें।

आप इस स्थिति में कुछ सेकंड तक रुक सकते हैं।

इसके बाद धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में आ जाएं।

आप इस आसन को 3-5 बार दोहरा सकती हैं।

हलासन

इस आसन को करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर पीठ के बल लेट जाएं।

अपने हाथों को शरीर के पास रखें और हथेलियां को जमीन की तरफ रखें।

इसके बाद सांस अंदर लेते हुए पैरों को धीरे-धीरे उठाएं और और 90 डिग्री का कोण बनाएं।

अब अपनी पीठ को भी ऊपर उठाते हुए सांस बाहर छोड़ते हुए ले जाएं।

फिर धीरे-धीरे पैरों के पंजों को जमीन से छूने की कोशिश करें।

इस स्थिति में 30 सेकंड के लिए रहें।

फिर धीरे-धीरे प्रारंभिक अवस्था में लौट आएं।

इस प्रक्रिया को 3-5 बार दोहराएं।

उष्ट्रासन

इस आसन को करने के लिए जमीन पर घुटने के बल बैठ जाएं और दोनों हाथों को कूल्हों पर रखें।

ध्यान रखें कि दोनों घुटने आपके कंधों के समानांतर हों।

अब गहरी सांस लें और रीढ़ की निचली हड्डी पर आगे की तरफ दबाव डालें।

इस दौरान पूरा दबाव नाभि पर महसूस होना चाहिए।

इसके बाद अपने हाथों से पैरों को पकड़ें और कमर को पीछे की तरफ मोड़ें।

इस स्थिति में 30-60 सेकंड रुकने के बाद आप धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में आ सकते हैं।

इस प्रक्रिया को 3-5 बार दोहराएं।

Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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