कंसीव करने में आ रही है दिक्क्त तो रोज करें ये 5 योगासन, नियमित अभ्यास से जल्द मिलेगा लाभ

Yoga For Fertility: आज हम कुछ ऐसे योगासनों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो महिलाओं की फर्टिलिटी बढ़ाने में मददगार साबित हो सकते हैं। आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -

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Written By: priya mishra | Updated : November 27, 2024 6:31 PM IST

Yoga Poses For Fertility: शादी के बाद मां बनना हर महिला का सपना होता है। लेकिन वर्तमान समय में महिलाओं में इनफर्टिलिटी की समस्या तेजी से बढ़ रही है। इसके कारण महिलाओं को कंसीव करने में कई तरह के दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अगर आप भी बेबी प्लान करना चाहती हैं, तो प्रजनन क्षमता बढ़ाने के लिए कुछ योगासन का सहारा ले सकती हैं। आज इस लेख में हम आपको कुछ ऐसे योगासनों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनके नियमित अभ्यास से गर्भधारण करने में मदद मिल सकती है। तो आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -

बद्धकोणासन

इस आसन को करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर पैरों को सीधा करके बैठ जाएं।

फिर अपने घुटनों को मोड़कर दोनों तलवों को एक-दूसरे से मिला लें।

इसके बाद अपने हाथों को इंटरलॉक कर लें और पैरों के तलवों को पकड़ लें।

इसके बाद अपनी दोनों आंखें बंद कर लें और पैरों को ऊपर-नीचे हिलाएं।

इस आसन को आप 3-5 मिनट तक कर सकती हैं।

पश्चिमोत्तानासन

इस आसन को करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर सुखासन में बैठ जाएं।

अब अपने दोनों पैरों को सामने की ओर सीध में खोलकर बैठ जाएं। दोनों एड़ी और पंजे मिले रहेंगे।

अब सांस छोड़ते हुए और आगे की ओर झुकते हुए दोनों हाथों से दोनों पैरों के अंगूठे पकड़ लें।

माथे को घुटनों से लगाएं और दोनों कोहनियों को जमीन पर टिकाएं।

इस मुद्रा में 1-2 मिनट तक रहें।

इसके बाद अपनी प्रारंभिक मुद्रा में लौट आएं।

इस प्रक्रिया को 3-5 बार दोहराएं।

बालासन

इस आसन को करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर घुटनों के बल बैठ जाएं।

अपने शरीर का सारा भार एड़ियों पर डाल दें।

अब गहरी सांस भरते हुए आगे की ओर झुकें। ध्यान रहे कि आपका सीना जांघों से छूना चाहिए।

फिर अपने माथे से फर्श को छूने की कोशिश करें।

कुछ सेकंड तक इस स्थिति में रहने के बाद वापस सामान्य  अवस्था  में आ जाएं।

आप इस प्रक्रिया को 3-5 बार कर सकती हैं।

उत्तानासन

इस आसन को करने के लिए योग मैट पर सीधे खड़े हाे जाएं।

अपने दोनों पैराें के बीच करीब एक फीट की दूरी बनाकर रखें।

अब लंबी गहरी सांस लें और हाथाें काे सिर से ऊपर की तरफ ले जाएं।

सांस छाेड़ते हुए हाथाें काे नीचे की तरफ लाएं।

अब अपने हाथाें से पैराें के अंगूठे काे छूने की काेशिश करें।

इस दौरान आपके पैर घुटनाें से मुड़ने नहीं चाहिए।

कुछ देर इस अवस्था में रहने के बाद धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में आ जाएं।

आप इस प्रक्रिया काे 3-5 बार दाेहरा सकते हैं।

वीरभद्रासन

इस आसन को करने के लिए योगा मैट पर सीधे खड़े हो जाएं।

अब अपने दोनों पैरों 2-3 फीट की दूरी पर रखें।

फिर अपने सीधे पैर को आगे लेकर आए और उल्टेे पैर को पीछे की ओर स्ट्रेेच करें।

इस दौरान हाथों को 180 डिग्री पर फैला कर रखें।

इस अवस्था में 30-60 सेकंड तक रुकें।

फिर प्रारंभिक मुद्रा में आ जाएं।

इस आसन को आप 3 से 5 बार कर सकते हैं।

Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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