
प्रिया मिश्रा
प्रिया को पिछले 4 सालों से हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर लिखने का अनुभव है। इन्हें हेल्थ और ... Read More
Written By: priya mishra | Updated : May 15, 2024 1:46 PM IST
Yoga Poses For PCOS: पीसीओएस यानी पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम महिलाओं में होने वाली एक आम समस्या है। इस बीमारी में महिला के शरीर में हार्मोन असंतुलन हो जाता है। ऐसे में, महिलाओं के शरीर में पुरुष हार्मोन एंड्रोजन और टेस्टोस्टेरोन का अधिक मात्रा में उत्पादन होने लगता है। पीसीओएस होने पर ओवरीज में छोटी-छोटी ढेर सारी सिस्ट बन जाते हैं, जो ओवुलेशन की प्रक्रिया में रुकावट डालते हैं। पीसीओएस से परेशान महिलाओं को अनियमित पीरियड्स और इनफर्टिलिटी की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, मुंहासे, चेहरे पर बाल, वजन बढ़ाना, ड्राई स्किन और बाल झड़ना जैसी समस्याएं भी होने लगती हैं। पीसीओएस होने पर आपको डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं का सेवन करना चाहिए। साथ ही, अपने खानपान और लाइफस्टाइल में भी जरूरी बदलाव करने की जरूरत होती है। इसके अलावा, पीसीओएस को कंट्रोल करने के लिए आप योग का भी सहारा ले सकती हैं। आज इस लेख में हम आपको कुछ योगासनों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो पीसीओएस के लक्षणों को कंट्रोल करने में मदद कर सकते हैं (Yoga For Pcos In Hindi)। इसकी जानकारी हमें योगा ट्रेनर मीनाक्षी छाबड़ा दे रही हैं।
इस आसन को करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर पैरों को सीधा करके बैठ जाएं।
फिर अपने घुटनों को मोड़कर दोनों तलवों को एक-दूसरे से मिला लें।
इसके बाद अपने हाथों को इंटरलॉक कर लें और पैरों के तलवों को पकड़ लें।
इसके बाद अपनी दोनों आंखें बंद कर लें और पैरों को ऊपर-नीचे हिलाएं।
इस आसन को आप 3-5 मिनट तक कर सकती हैं।
इस आसन को करने के लिए सबसे पहले पेट के बल लेट जाएं।
अपनी कोहनियों को कमर से सटा के रखें और हथेलियां ऊपर की ओर रखें।
अब धीरे-धीरे सांस भरते हुए, अपनी छाती को ऊपर की ओर उठाएं।
उसके बाद अपने पेट वाले हिस्से को धीरे-धीरे ऊपर उठा लें।
इस स्थिति में 30-60 सेकंड तक रहें।
फिर सांस छोड़ते हुए प्रारंभिक मुद्रा में आ जाएं।
इस प्रक्रिया को 3-5 बार दोहराएं।
इस आसन को करने के लिए जमीन पर घुटने के बल बैठ जाएं और दोनों हाथों को कूल्हों पर रखें।
ध्यान रखें कि दोनों घुटने आपके कंधों के समानांतर हों।
अब गहरी सांस लें और रीढ़ की निचली हड्डी पर आगे की तरफ दबाव डालें।
इस दौरान पूरा दबाव नाभि पर महसूस होना चाहिए।
इसके बाद अपने हाथों से पैरों को पकड़ें और कमर को पीछे की तरफ मोड़ें।।
इस स्थिति में 30-60 सेकेंड रुकने के बाद आप धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में आ सकते हैं।
इस प्रक्रिया को 3-5 बार दोहराएं।
इस आसन को करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर बैठ जाएं।
अब अपनी टांगो को सामने की तरफ फैलाएं।
अपने दोनों हाथों को हिप्स से थोड़ा पीछे जमीन पर रखें।
अब दोनों पैरों को सीधा रखते हुए ऊपर की तरफ उठाएं।
अब धीरे-धीरे सांस को बाहर की तरफ छोड़ते हुए पैरों को जमीन से 45 डिग्री तक उठाएं।
सांस लेते हुए नाव के आकार में लगभग 10 से 20 सेकंड तक रहें।
इसके बाद धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए सामान्य मुद्रा में आएं।
इस प्रक्रिया को 3-5 बार दोहराएं।
Disclaimer: हमारे लेखों में साझा की गई जानकारी केवल इंफॉर्मेशनल उद्देश्यों से शेयर की जा रही है इन्हें डॉक्टर की सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी बीमारी या विशिष्ट हेल्थ कंडीशन के लिए स्पेशलिस्ट से परामर्श लेना अनिवार्य होना चाहिए। डॉक्टर/एक्सपर्ट की सलाह के आधार पर ही इलाज की प्रक्रिया शुरु की जानी चाहिए।
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