World Lung Day 2023: फेफड़ों को स्वस्थ और मजबूत रखने के लिए करें ये 3 योगासन, सांस संबंधी समस्याएं होंगी दूर

Yoga For Lungs: फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए कुछ योगासनों का नियमित रूप से अभ्यास करना जरूरी है। आइए, जानते हैं ऐसे ही 3 योगासनों के बारे में, जो फेफड़ों को मजबूती दे सकते हैं।

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Written By: priya mishra | Published : September 25, 2023 11:14 AM IST

Yoga For Lungs In Hindi: लंग्स यानी फेफड़े हमारे शरीर के सबसे अहम अंगों में से एक हैं। ये हमारे शरीर के सभी अंगों तक साफ ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करते हैं। इसलिए स्वस्थ शरीर के लिए फेफड़ों का स्वस्थ होना बहुत जरूरी है। लेकिन आजकल के गलत खानपान और खराब जीवनशैली के कारण फेफड़े समय से पहले कमजोर हो जाते हैं। अगर फेफड़ों में किसी तरह की परेशानी हो जाए, तो इससे सांस से जुड़ी समस्याओं और कई गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है। फेफड़ों को स्वस्थ और मजबूत रखने के लिए योग एक अच्छा विकल्प है। योग के नियमित अभ्यास से फेफड़े की कार्यक्षमता में सुधार होता है। फेफड़ों के स्वास्थ्य के प्रति जागरुकता फैलाने के उद्देश्य से हर साल 25 सितंबर को वर्ल्ड लंग डे (World Lung Day) मनाया जाता है। आज इस खास मौके पर हम आपको ऐसे 3 योगसनों के बारे में बताएंगे, जो फेफड़ों को मजबूत बनाए रखने के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं।

भुजंगासन

इस योगासन को करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर पेट के बल लेट जाएं।

अपनी हाथों को कमर से सटा कर रखें और हथेलियां ऊपर की ओर रखें।

अब धीरे-धीरे सांस भरते हुए, अपनी छाती को ऊपर की ओर उठाएं।

उसके बाद अपने पेट को धीरे-धीरे ऊपर उठा लें। इस स्थिति में 30 सेकंड तक रहें।

अब सांस छोड़ते हुए, सिर को धीरे-धीरे जमीन की ओर नीचे लाएं।

आप इस प्रक्रिया को 3-5 बार कर सकते हैं।

उष्ट्रासन

इस योगासन को करने के लिए योगा मैट पर घुटने के बल बैठ जाएं।

अपने दोनों हाथों को कूल्हों पर रखें।

अब गहरी सांस लें और रीढ़ की निचली हड्डी पर आगे की तरफ दबाव डालें।

इस दौरान पूरा दबाव नाभि पर महसूस होना चाहिए।

इसके बाद अपने हाथों से पैरों को पकड़ें और कमर को पीछे की तरफ मोड़ें।।

इस स्थिति में 30-60 सेकेंड रुकें। फिर धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में आ जाएं।

आप इस आसन को 3-5 बार दोहरा सकते हैं।

त्रिकोणासन

इस योगासन को करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर सीधे खड़े हो जाएं।

अपने हाथों को जांघों के बगल में रखें और अपनी बाहों को कंधे तक फैलाएं।

धीरे-धीरे सांस लेते हुए, दाएं हाथ को सिर के ऊपर ले जाएं। इस दौरान आपका हाथ कान को छूना चाहिए।

अब सांस छोड़ते हुए, अपने शरीर को बाईं तरफ को झुकाएं।

ध्यान रखें कि इस दौरान आपके घुटने मुड़ने नहीं चाहिए।

इस मुद्रा में कुछ देर बने रहें। इसके बाद सामान्य अवस्था में आ जाएं।

आप इस आसन को 3-5 बार दोहरा सकते हैं।

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