World Heart Day 2023: दिल के मरीजों के लिए फायदेमंद हैं ये 4 योगासन, नियमित अभ्यास से हार्ट बनेगा मजबूत और हेल्दी

Yoga For Heart:  आजकल लोगों में दिल की बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। दिल को स्वस्थ रखने के लिए कुछ ऐसे योगासन हैं, जिन्हें हार्ट पेशेंट्स कर सकते हैं।

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Written By: priya mishra | Updated : September 28, 2023 11:56 AM IST

Yoga For Heart Patients In Hindi : ह्रदय हमारे शरीर का सबसे अहम अंग है। शरीर के सभी अंगों को सुचारु रूप से करने के लिए दिल का स्वस्थ होना जरूरी है। लेकिन आजकल के गलत खानपान, खराब जीवनशैली और बढ़ते स्ट्रेस की वजह से दिल की बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। पिछले 2-3 सालों में हार्ट अटैक के काफी ज्यादा मामले सामने आए हैं। जो लोग हृदय संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे हैं, उन्हें अपने खानपान और जीवनशैली में सुधार करना चाहिए। दिल को स्वस्थ रखने के लिए नियमित योगाभ्यास करना फायदेमंद माना जाता है। कई ऐसे योगासन हैं, जो ब्‍लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाने और खून का थक्का बनने से रोकने में मदद करते हैं। नियमित योग करने हार्ट के मरीजों के शरीर में कोलेस्‍ट्रॉल को नियंत्रित करने में काफी मदद मिलती है। आज हम आपको ऐसे 4 आसान योगासनों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें करने से हृदय रोगियों को लाभ हो सकता है।

1. त्रिकोणासन

इस योगासन को करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर सीधे खड़े हो जाएं।

अपने हाथों को जांघों के बगल में रखें और अपनी बाहों को कंधे तक फैलाएं।

धीरे-धीरे सांस लेते हुए, दाएं हाथ को सिर के ऊपर ले जाएं। इस दौरान आपका हाथ कान को छूना चाहिए।

अब सांस छोड़ते हुए, अपने शरीर को बाईं तरफ को झुकाएं।

ध्यान रखें कि इस दौरान आपके घुटने मुड़ने नहीं चाहिए।

इस मुद्रा में कुछ देर बने रहें। इसके बाद सामान्य अवस्था में आ जाएं।

आप इस आसन को 3-5 बार दोहरा सकते हैं।

2. सेतुबंधासन

इस आसन को करने के लिए जमीन पर पीठ के बल लेट जाएं।

अब अपने घुटनों को मोड़ें और तलवों को जमीन पर रखें।

अपने दोनों हाथों से पैरों की एड़ियों को पकड़ें।

सांस लेते हुए धीरे-धीरे अपनी बॉडी को ऊपर उठाएं।

इस मुद्रा में 1-2 मिनट तक रहें।

इसके बाद सांस छोड़ते हुए प्रारंभिक मुद्रा में आ जाएं।

3. वीरभद्रासन

इस आसन को करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर सीधे खड़े हो जाएं।

अब अपने दोनों पैरों को फैलाएं। पैरों के बीच 2-3 फीट की दूरी रखें।

अब दोनों हाथों को कंधे के समानांतर रखें।

फिर अपने दाएं पैर को 90 डिग्री के कोण पर घुमाएं।

बाएं पैर को पीछे की तरफ स्ट्रेच करें।

अपने सिर को दाएं पैर और हाथ की तरफ रखें। फिर सामने की तरफ देखें।

इस अवस्था में 50-60 सेकेंड्स तक रुकें।

फिर प्रारंभिक स्थिति में आ जाएं।

आप इस प्रक्रिया को 3-5 बार कर सकते हैं।

4. वृक्षासन

सबसे पहले योग मैट पर सीधे खड़े हो जाएं।

अब अपने दाहिने पैर को घुटने को मोड़ें और दाहिने पैर के तलवे को बाएं पैर की जांघ पर सटाने का प्रयास करें।

इस दौरान एड़ी ऊपर की तरफ और पंजे जमीन की तरफ होने चाहिए।

बाएं पैर पर शरीर का वजन संतुलित करें और सीधे खड़े रहने की कोशिश करें।

इसके बाद लंबी और गहरी सांस लेते हुए अपने दोनों हाथों को सिर के ऊपर ले जाकर नमस्कार की मुद्रा बनाएं।

जब तक आप अपने शरीर को नियंत्रित कर सकते हैं, उतने समय तक इस मुद्रा में बने रहें।

इसके बाद आप सांस छोड़ते हुए प्रांभिक मुद्रा में आ जाएं।

इस प्रक्रिया को 4-5 बार दोहराएं।

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