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अस्थमा के मरीजों के लिए बहुत फायदेमंद हैं ये 5 योगासन, रोजाना अभ्यास से सांस संबंधी समस्याएं होंगी दूर होंगी

Yoga For Asthma: अस्थमा की समस्या से जूझ रहे लोग रोजाना कुछ योगासनों का अभ्यास कर सकते हैं। इससे उनके फेफड़े मजबूत बनेंगे और सांस संबंधी समस्याएं दूर होंगी। आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से –

अस्थमा के मरीजों के लिए बहुत फायदेमंद हैं ये 5 योगासन, रोजाना अभ्यास से सांस संबंधी समस्याएं होंगी दूर होंगी
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Written by priya mishra |Published : September 9, 2024 5:51 PM IST

Yoga For Asthma: अस्थमा फेफड़ों से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है। इस बीमारी में सांस की नली में सूजन आ जाती है, जिसके कारण श्वसन मार्ग संकुचित हो जाता है। इसके कारण पीड़ित व्यक्ति को सांस लेने में दिक्कत महसूस होती है। इसके अलावा, अस्थमा होने पर खांसी, घबराहट, छाती में दर्द जैसी कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अस्थमा की समस्या होने पर आपको डॉक्टर की सलाह से दवाइयों का सेवन करना चाहिए। इसके अलावा, कुछ योगासन भी अस्थमा की परेशानी को दूर करने में फायदेमंद साबित हो सकते हैं। आज इस लेख में हम आपको कुछ ऐसे योगासनों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनके नियमित अभ्यास से अस्थमा की समस्या से निजात मिल सकती है। आइए, अक्षर योग संस्थान के संस्थापक हिमालयन सिद्ध अक्षर से जानते हैं इन योगासनों के बारे में –

भुजंगासन

इस आसन को करने के लिए योगा मैट पर पेट के बल लेट जाएं।

अपनी कोहनियों को कमर से सटा के रखें और हथेलियां ऊपर की ओर रखें।

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अब धीरे-धीरे सांस भरते हुए, अपनी छाती को ऊपर की ओर उठाएं।

उसके बाद अपने पेट को धीरे-धीरे ऊपर उठा लें। इस स्थिति में 30 सेकंड तक रहें।

अब सांस छोड़ते हुए, सिर को धीरे-धीरे जमीन की ओर नीचे लाएं।

इस प्रक्रिया को आप 3 से 5 बार दोहराएं।

उत्तानासन

इस आसन को करने के लिए योग मैट पर सीधे खड़े हाे जाएं।

अपने दोनों पैराें के बीच करीब एक फीट की दूरी बनाकर रखें।

अब लंबी गहरी सांस लें और हाथाें काे सिर से ऊपर की तरफ ले जाएं।

सांस छाेड़ते हुए हाथाें काे नीचे की तरफ लाएं।

अब अपने हाथाें से पैराें के अंगूठे काे छूने की काेशिश करें।

इस दौरान आपके पैर घुटनाें से मुड़ने नहीं चाहिए।

कुछ देर इस अवस्था में रहने के बाद धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में आ जाएं।

आप इस प्रक्रिया काे 3-5 बार दाेहरा सकते हैं।

सेतुबंधासन

इस आसन को करने के लिए सबसे पहले जमीन पर पीठ के बल लेट जाएं।

अब अपने घुटनों को मोड़ें और तलवों को जमीन पर रखें।

अपने दोनों हाथों से पैरों की एड़ियों को पकड़ें।

सांस लेते हुए धीरे-धीरे अपनी बॉडी को ऊपर उठाएं।

इस मुद्रा में 1-2 मिनट तक रहें।

इसके बाद सांस छोड़ते हुए प्रारंभिक मुद्रा में आ जाएं।

इस प्रक्रिया को 3-5 बार दोहराएं।

शलभासन

इस आसन को करने के लिए योगा मैट पर पेट के बल लेट जाएं।

अपने दोनों पैरों को सटा कर रखें।

अब अपनी दोनों हथेलियों को दोनों जांघों के नीचे रखें।

अब सांस भरते हुए अपने पैरों को ऊपर उठाने की कोशिश करें।

इस स्थिति स्थिति में 30 से 60 सेकंड तक रहें।

फिर अपनी प्रारंभिक मुद्रा में लौट आएं।

इस प्रक्रिया को 3-5 बार दोहराएं।

पवनमुक्तासन

इस आसन को करने के लिए सबसे पहले पीठ के बल लेट जाएं।

अब अपने दोनों पैरों को एक साथ उठाएं और पैरों को घुटनों से मोड़ें।

अब अपने घुटनों को मुंह के पास लाने की कोशिश करें।

इस दौरान आपको अपने दोनों हाथों से पैरों को पकड़ना है।

ऐसा करते समय अपने घुटनों से नाक को छूने की कोशिश करें।

करीब 30 सेकंड तक इस स्थिति में रहें।

इसके बाद सांस छोड़ते हुए प्रारंभिक मुद्रा में आ जाएं।

इस आसन को 3 से 5 बार दोहराएं।

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Disclaimer: हमारे लेखों में साझा की गई जानकारी केवल इंफॉर्मेशनल उद्देश्यों से शेयर की जा रही है इन्हें डॉक्टर की सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी बीमारी या विशिष्ट हेल्थ कंडीशन के लिए स्पेशलिस्ट से परामर्श लेना अनिवार्य होना चाहिए। डॉक्टर/एक्सपर्ट की सलाह के आधार पर ही इलाज की प्रक्रिया शुरु की जानी चाहिए।