शशांकासन करने से सेहत को मिलते हैं ये 8 लाभ, जानें करने का सही तरीका

Shashankasana Benefits: शशांकासन के नियमित अभ्यास से शरीर को कई फायदे मिलते हैं। जानें इसके लाभ और करने का तरीका -

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Written By: priya mishra | Updated : June 9, 2025 11:19 AM IST

Benefits Of Shashankasana: योग न सिर्फ शारीरिक, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी होता है। योग न शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि मन को भी शांति प्रदान करता है। ऐसे कई योगासन हैं, जिनके नियमित अभ्यास से कई गंभीर बीमारियों से बचाव हो सकता है। इन्हीं योगासनों में से एक है शशांकासन। शशांकासन को अंग्रेजी में रेबिट पोज कहा जाता है। नियमित रूप से शशांकासन का अभ्यास करने से शरीर के कई फायदे मिलते हैं। इसके अभ्यास से पाचन तंत्र में सुधार होता है, मांसपेशियां मजबूत होती हैं और तनाव को दूर में मदद मिल सकती है। रोजाना इसका अभ्यास करने से शरीर की कई समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है। आज इस लेख में हम आपके शशांकासन के फायदे और इसे करने का तरीका बताने जा रहे हैं। तो आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से –

शशांकासन करने के फायदे - Benefits Of Shashankasana In Hindi

  1. शशांकासन करने से दिमाग को आराम मिलता है और तनाव कम होता है। यह मस्तिष्क को शांति और एकाग्रता प्रदान करता है।
  2. शशांकासन के अभ्यास से रीढ़ की हड्डी को लचीला और मजबूत बनाने में मदद मिलती है। इससे कमर के दर्द से राहत मिल सकती है।
  3. शशांकासन के अभ्यास से मस्तिष्क में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, जिससे ब्रेन एक्टिव रहता है।
  4. यह आसन पेट की मांसपेशियों पर दबाव डालता है, जिससे पाचन क्रिया तेज होती है। इसके नियमित अभ्यास से पाचन संबंधी समस्याओं से छुटकारा मिल  सकता है।
  5. यह योगासन महिलाओं में मासिक धर्म के दौरान होने वाले दर्द और तनाव को कम करता है।
  6. शशांकास करने से गले के पास खिंचाव पड़ता है, जिससे थायराइड ग्रंथि सक्रिय होती है।
  7. इस आसन के नियमित अभ्यास अनिद्रा की समस्या को दूर हो सकती है।
  8. यह आसन शरीर को शांत करता है और रक्तचाप संतुलित करता है।

शशांकासन करने का सही तरीका – How To Do Shashankasana In Hindi

  • शशांकासन करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर वज्रासन में बैठ जाएं।
  • अब गहरी सांस लेते हुए दोनों हाथों को ऊपर ही ओर ले जाएं।
  • इसके बाद रीढ़ की हड्डी को सीधा रखते हुए, शरीर को धीरे-धीरे नीचे की ओर ले जाएं।
  • अब सांस छोड़ते हुए, ठोड़ी को फर्श पर टिकाने का प्रयास करें।
  • इस पोजीशन में करीब 20 से 30 सेकंड रुकें। फिर अपनी प्रारंभिक अवस्था में वापस आ जाएं।
  • इस प्रक्रिया को 10 से 15 बार दोहराएं।

Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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