दिवाली से पहले ही जहरीली हुई हवा, फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए रोज करें ये 3 योगासन

Yoga For Lungs: वायु प्रदूषण का हमारे फेफड़ों पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है। ऐसे में, फेफड़ों को स्वस्थ रखने और मजबूत बनाने के लिए आप कुछ योगासनों का अभ्यास कर सकते हैं। आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -

WrittenBy

Written By: priya mishra | Updated : October 18, 2024 11:31 AM IST

Yoga Poses For Lungs: सर्दी का मौसम आते ही हवा की गुणवत्ता बिगड़ने लगती है। दिवाली अभी आयी भी नहीं है, लेकिन फिर भी देश के कई हिस्सों में प्रदूषण का स्तर काफी ज्यादा बढ़ गया है। राजधानी दिल्ली के साथ-साथ कई इलाके ऐसे हैं, जहां एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 200 के पार पहुंच गया है। वायु प्रदूषण का सीधा असर हमारे फेफड़ों पर पड़ता है। इसकी वजह से आपको सांस से संबंधित कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। लंबे समय तक खराब हवा में सांस लेने के कारण अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और सीओपीडी जैसी कई गंभीर समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है। ऐसे में, जरूरी है कि हम अपने फेफड़ों का ख्याल रखें। फेफड़ों को मजबूत बनाने के लिए आप कुछ योगासनों का अभ्यास कर सकते हैं। आज इस लेख में हम आपको कुछ ऐसे योगासनों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो फेफड़ों को स्वस्थ और मजबूत बनाने में मदद करते हैं। तो आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से –

भुजंगासन

इस आसन को करने के लिए योगा मैट पर पेट के बल लेट जाएं।

अपनी कोहनियों को कमर से सटा के रखें और हथेलियां ऊपर की ओर रखें।

अब धीरे-धीरे सांस भरते हुए, अपनी छाती को ऊपर की ओर उठाएं।

उसके बाद अपने पेट को धीरे-धीरे ऊपर उठा लें। इस स्थिति में 30 सेकंड तक रहें।

अब सांस छोड़ते हुए, सिर को धीरे-धीरे जमीन की ओर नीचे लाएं।

इस प्रक्रिया को आप 3 से 5 बार दोहराएं।

अर्ध मत्स्येन्द्रासन

इस आसन को करने के लिए योगा मैट पर बैठें और अपने बाएं पैर को दाहिने पैर के नीचे रखें।

दाहिने पैर को बाएं घुटने के पार रखें।

बाएं हाथ को दाहिने घुटने पर रखें और दाहिने हाथ को पीछे की ओर रखें।

अब शरीर को दाहिनी ओर मोड़ें और इस स्थिति में कुछ सेकंड तक रहें।

धीरे-धीरे वापस आएं और दूसरी ओर से भी इस प्रक्रिया को दोहराएं।

इस प्रक्रिया को आप 3 से 5 बार दोहराएं।

उष्ट्रासन

इस आसन को करने के लिए जमीन पर घुटने के बल बैठ जाएं और दोनों हाथों को कूल्हों पर रखें।

ध्यान रखें कि दोनों घुटने आपके कंधों के समानांतर हों।

अब गहरी सांस लें और रीढ़ की निचली हड्डी पर आगे की तरफ दबाव डालें।

इस दौरान पूरा दबाव नाभि पर महसूस होना चाहिए।

इसके बाद अपने हाथों से पैरों को पकड़ें और कमर को पीछे की तरफ मोड़ें।

इस स्थिति में 30-60 सेकंड रुकने के बाद आप धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में आ सकते हैं।

आप इस आसन को 3-5 बार दोहरा सकती हैं।

Disclaimer: हमारे लेखों में साझा की गई जानकारी केवल इंफॉर्मेशनल उद्देश्यों से शेयर की जा रही है इन्हें डॉक्टर की सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी बीमारी या विशिष्ट हेल्थ कंडीशन के लिए स्पेशलिस्ट से परामर्श लेना अनिवार्य होना चाहिए। डॉक्टर/एक्सपर्ट की सलाह के आधार पर ही इलाज की प्रक्रिया शुरु की जानी चाहिए।

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source