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जोड़ों के दर्द से हैं परेशान? अर्थराइटिस रोगियों के लिए असरदार हो सकते हैं ये 3 योग

अर्थराइटिस से परेशान हैं, तो दवा और डाइट के साथ ही योग पर भी ध्यान देना बहुत जरूरी है। अगर आप रोजाना योग करेंगे, तो इससे जकड़न और दर्द में आराम मिल सकता है। हालांकि, योग अर्थराइटिस को पूरी तरह से खत्म कर सकता है, इसका कोई प्रमाण नहीं है।

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Written By: Anju Rawat | Published : July 22, 2026 5:04 PM IST

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Medically Verified By: priyanka Singh

आजकल अर्थराइटिस के मामलों में काफी वृद्धि देखने को मिल रही है। पहले यह बीमारी बुजुर्गों में ही देखने को मिलती थी, लेकिन अब बच्चों और वयस्कों में भी अर्थराइटिस के मामले देखने को मिल रहे हैं। अर्थराइटिस एक नहीं, बल्कि 100 से ज्यादा बीमारियों का समूह है। यह जोड़ों में सूजन, दर्द और अकड़न का कारण बनती है। ऑस्टियोआर्थराइटिस (Osteoarthritis) को सबसे आम प्रकार का अर्थराइटिस माना जाता है। अर्थराइटिस के इलाज के लिए दवाइयों और खान-पान का विशेष ध्यान रखना जरूरी होता है। लेकिन, इसके दर्द में आराम पाने और मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए कुछ योगासनों का अभ्यास भी किया जा सकता है।

sarvangasana sarvangasana

1. सर्वांगासन (Sarvangasana)

अगर आपको अर्थराइटिस है, तो आप इस योगासन का अभ्यास कर सकते हैं। योग एक्सपर्ट प्रियंका सिंह बताती हैं कि इस आसन को करने के लिए सबसे पहले पीठ के बल सीधा लेट जाएं। अब धीरे-धीरे दोनों पैरों को ऊपर उठाएं। इसके बाद, कमर को हाथों का सहारा देते हुए पूरे शरीर को कंधों पर बैलेंस करें। ठुड्डी को छाती की तरफ रखें और 15–30 सेकंड तक रुकें। फिर धीरे-धीरे शरीर को सामान्य अवस्था में लेकर आएं।

इस आसन को करने से शरीर में रक्त संचार बेहतर करने में मदद मिल सकती है। जोड़ों और मांसपेशियों की अकड़न कम हो सकती है। साथ ही, शरीर का बैलेंस सही रहता है और फ्लैक्सिबिलिटी बढ़ाने में भी मदद मिलती है। अगर आपको गर्दन में दर्द, हाई बीपी, ग्लूकोमा या हृदय से जुड़ा कोई रोग है तो इस आसन को योग एक्सपर्ट की देखरेख में ही करें।

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2. सूर्य नमस्कार (Surya Namaskar)

सूर्य नमस्कार करने से भी अर्थराइटिस के रोगियों को लाभ मिल सकता है। योग एक्सपर्ट प्रियंका सिंह बताती हैं कि इस आसन को करने के लिए आप सीधे खड़े होकर नमस्कार मुद्रा में आ जाएं। अब आगे की तरफ झुकें और एक पैर पीछे ले जाएं। प्लैंक, अष्टांग नमस्कार और भुजंगासन की स्थिति में जाएं और पर्वतासन बनाएं। इसके बाद, दूसरे पैर को आगे लाकर वापस खड़े हो जाएं। इससे सूर्य नमस्कार का एक राउंड पूरा हो जाएगा।

सूर्य नमस्कार करने से जोड़ों की एक्सरसाइज हो जाती है और मांसपेशियों को ताकत मिलती है। सूर्य नमस्कार करने से अर्थराइटिस रोगियों को सुबह के समय होने वाली जकड़न से राहत मिल सकती है। अगर आपको लंबे समय से घुटनों के दर्द की समस्या बनी हुई है, तो इस आसन को करने से बचें।

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3. कपालभाति

अर्थराइटिस के रोगियों को कपालभाति का अभ्यास करने से लाभ मिल सकता है। योग एक्सपर्ट प्रियंका सिंह बताती हैं कि इस प्राणायाम को करने के लिए आप सुखासन या पद्मासन में बैठ जाएं। कपालभाति करने के लिए आप लंबी गहरी सांस लें और पेट को अंदर की ओर खींचते हुए नाक से तेजी से सांस बाहर छोड़ें। शुरुआत में आप इसे 20 से 30 बार दोहरा सकते हैं। इस प्राणायाम को करने से तनाव कम करने में मदद मिलती है और ऑक्सीजन की आपूर्ति भी बेहतर होती है। अगर आपको हाई बीपी, हर्निया की दिक्कत है या हाल ही में सर्जरी हुई है, तो इस प्राणायाम को करने से बचें।

Disclaimer: अगर आपको अर्थराइटिस है, तो आप इन योगासनों और प्राणायाम का अभ्यास कर सकते हैं। इससे आपको अर्थराइटिस की वजह से होने वाली जकड़न और दर्द में आराम मिल सकता है। हालांकि, योग अर्थराइटिस को पूरी तरह से ठीक कर सकता है, इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इसलिए अर्थराइटिस होने पर आपको डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवा भी जरूर लेनी चाहिए।