खुश रहना चाहते हैं, तो नियमित करें इन योग का अभ्यास

मुक्तासन योग मुद्रा खुशी को बढ़ावा देने और अवसाद की भावनाओं को कम करने में सहायता करता है।

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Written By: Anshumala | Updated : January 21, 2019 6:12 PM IST

योग का निरंतर अभ्यास आपके स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है, क्योंकि यह एक ऐसी गतिविधि है जो ध्यान के साथ शारीरिक व्यायाम में भी फायदा देता है। यह खुशी के लिए निश्चित समाधान नहीं हो सकता है, लेकिन यह कोशिश करने के लिए एक अच्छा उपाय है। यह कम से कम आपको शांत महसूस करेगा, रोग को आपसे कोसों दूर रखेगा और शरीर को सक्रिय करेगा।

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मुक्तासन

यह मुद्रा खुशी को बढ़ावा देने, अवसाद कम करने में सहायता करता है। मानसिक लाभ के अलावा यह बांह, कलाई, पैरों, नितंबों, पेट और रीढ़ की हड्डी के चारों ओर मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद करता है। इसके साथ ही अस्थमा, पीठ दर्द, बांझपन और ऑस्टियोपोरोसिस को कम करने में भी मदद करता है।

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भुजंगासन

यदि आप तनाव में रहते हैं और चाहते हैं ऊर्जा को रिचार्ज करना, तो भुजंगासन करें। यह मनोदशा को बेहतर करता है। इसके अलावा यह कंधे, छाती और पेट की मांसपेशियों को फैलाता है। हाथों और कंधों को मजबूत करता है। पीरियड्स की अनियमितताओं में सुधार करता है और दिल को सक्रिय रखता है।

पद्मासन

पद्मासन रीढ़ की हड्डी में सर्कुलेशन बढ़ाने, पेट के अंगों को पोषण देने, एड़ियों और पैरों को मजबूत करने और कूल्हों में लचीलापन बढ़ाने के लिए जाना जाता है। यह तनाव को कम करने में भी मदद करता है। पद्मासन मुख्य रूप से कूल्हों को खोलने में मदद करता है।

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शवासन

तनाव कई स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़ा हुआ है। शव का अर्थ होता है मृत अर्थात अपने शरीर को शव के समान बना लेना। इसके कारण ही इस आसन को शवासन कहा जाता है। यह न्यूरोलॉजिकल समस्या, अस्थमा, कब्ज, मधुमेह, अपचन से पीड़ित लोगों के लिए फायदेमंद है। इसके अलावा यह मुद्रा आपको गहरी ध्यान देने वाली अवस्था में लाती है, जो ऊतकों और कोशिकाओं की मरम्मत में और तनाव मुक्त करने में सहायता कर सकता है।

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