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Written By: Anshumala | Updated : September 15, 2019 3:23 PM IST
शीतली प्राणायाम तनाव और इंफर्टिलिटी की समस्या करे दूर। © Shutterstock.
आज की इस भागदौड़ भरी जिंदगी में जिसे देखो उसे किसी ना किसी बात का तनाव घेरे हुए है। किसी को काम का टेंशन, किसी को शादी का टेंशन, किसी को अच्छी नौकरी पाने का तनाव, (Yoga for Stress) तो किसी को बेहतर अंक लाने का दबाव और टेंशन। हर कोई मानसिक तनाव में जी रहा है। न तो एक मिनट का चैन है, ना सुकून है और ना ही खुद को स्ट्रेस फ्री (Yoga for Stress) रखने का समय। स्ट्रेस में लगातार रहने से आप डिप्रेशन के शिकार हो सकते हैं।
ऐसे में जरूरी है कि तनाव (sheetali pranayama) को कम करने के लिए समय रहते ही इसका इलाज करें। यदि आप दवाओं के सेवन के बिना ही तनाव का इलाज करना चाहते हैं, तो सबसे आसान और कारगर इलाज है योग (Yoga for Stress)। योग आपको फिजिकल, मेंटल या इनोशनल सभी तरह के स्ट्रेस से दूर रखता है। इसके लिए आप शीतली प्राणायाम (sheetali pranayama) का अभ्यास कर सकते हैं।
हर दिन आप तनाव, असुरक्षा और चिंता के बीच से गुजर रहे हैं, तो इसका सही समय पर इलाज भी जरूरी है। तनाव के कारण आपको उच्च और निम्न रक्तचाप, दिल की बीमारियां, डायबिटीज, मानसिक असंतुलन जैसी बीमारियां हो सकती हैं। इतना ही नहीं, तनाव के कारण महिलाओं में इंफर्टिलिटी की समस्या भी बढ़ जाती है। देर से शादी होने के कारण महिलाओं में तनाव होना जायज है, ऐसे में गर्भधारण करने में समस्या आती है। निरंतर दबाव में रहने के कारण वह दिन-रात बेचैन रहती हैं। एक शोध की मानें, तो जो महिलाएं तनाव में अधिक रहती हैं, उनमें 40 प्रतिशत महिलाओं में बांझपन की शिकायत होती है। तनाव और चिंता बढ़ने से महिला और पुरुष दोनों के ही शरीर में हार्मोंस इम्बैलेंस होने लगते हैं। तनाव चाहे जिन कारणों से भी हो, आपको इसका उपचार जल्द से जल्द करना चाहिए।
तनाव को दूर करने के लिए शीतली प्राणायाम को सबसे कारगर माना जाता है। योग से आपके शरीर में मौजूद सिम्पैथेटिक नर्वस सिस्टम को राहत मिलती है। ये बेचैनी कम करती है। योग करने से तनाव कम होने के साथ ही फोकस तो बढ़ता ही है, जागरूकता भी आती है।
शरीर को फिलेक्सिबल बनाने के लिए करें ये 3 आसन
शीतली प्राणायाम का संबंध शीतलता से है, जो शरीर के साथ-साथ दिमाग को भी ठंडक प्रदान करता है। इससे आपका दिमाग और मन दोनों ही शांत रहता है। आप यदि योग का अभ्यास करते हैं, तो सबसे आखिरी में शीतली प्राणायाम करें। इससे शारीरिक थकान और मानसिक तनाव दूर होगा। यह प्राणायाम भरपूर ऑक्सीजन का भी निर्माण करता है।
चटाई बिछाकर फर्श पर बैठ जाएं। इसे किसी पद्मासन, सुखासन या अन्य किसी आसन में बैठकर भी कर सकते हैं। अब अपनी जीभ को बाहर निकालकर एक नली के सामान बना लें। अब जीभ द्वारा बनाई गई नली के जरिए सांस लेने की कोशिश करें। हवा से पेट को पूरा भर लें। अब जीभ को अंदर करते हुए मुंह बंद कर लें। अब अपनी गर्दन को आगे की तरफ झुकाकर, अपने जबड़े के अगले भाग को छाती से लगाएं और थोड़ी देर के लिए सांस रोककर रखें। अब वापस से गर्दन को सीधा कर लें। नाक से वायु को बाहर निकल दें। कोशिश करें कि सांस बाहर निकालने का समय, सांस अंदर खीचने के समय से अधिक हो। इस प्रक्रिया को अपनी क्षमतानुसार करें।
- सिर दर्द की समस्या दूर करें। दिमाग शांत रखे और तनाव करे कम।
- शरीर की आंतरिक गर्मी को कम करे।
- मस्तिष्क में होने वाले उथल-पुथल को दूर कर दिमाग को कूल रखे। भावनात्मक उत्तेजना, मन की चंचलता कम करे।
- गहरी और चैन की नींद दिलाए।
- गर्मी के दिनों में शरीर को ठंडा रखे।
- एसिडिटी और उच्च रक्तचाप को कम करे।
- पाचन तंत्र को मजबूत बनाए। दिल के रोगों से बचाए।