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Written By: Anshumala | Updated : October 23, 2019 3:40 PM IST
योग अस्थमा की समस्या को कम करने में मदद करता है। © Shutterstock
दिवाली के (Diwali 2019) चार-पांच दिनों तक सबसे ज्यादा परेशानी अस्थमा के मरीजों को होती है। दिवाली पर हवा में इतने जहरीले गैस घुल जाते हैं कि अस्थमा के मरीजों का सांस लेना भी दूभर हो जाता है। यदि आपको अस्थमा है और चाहते हैं कि अस्थमा का अटैक ना आए, तो आप अभी से ही कुछ योगासन (Yoga for Asthma) करना शुरू कर दें। आसनों में आप शीर्षासन, भुजंगासन, धनुरासन, पश्चिमोत्तानासन और एकपाद उत्तानासन का अभ्साय करेंगे तो अस्थमा का अटैक नहीं आएगा। फेफड़े भी स्वस्थ रहेंगे और एलर्जी से भी बचे रहेंगे। दिवालीपर अस्थमा अटैक से सुरक्षित रहने के लिए हम आपको बता रहे हैं भुजंगासन और एकपाद उत्तानासन करने की विधि (Yoga for Asthma)।
अस्थमा (Yoga cures Asthma) में सांस नली में म्यूकस जमा हो जाता है, जिससे सांस लेना मुश्किल हो जाता है। सूजन के कारण सांस नली सिकुड़ जाती है। इस कारण रोगी की सांस की लम्बाई बहुत घट जाती है और सीने में जकड़न का अनुभव होता है। अधिक धूल-मिट्टी, दूषित वायु और सर्दी के दिनों में यह बीमारी बढ़ जाती है। अस्थमा के लक्षण (symptoms of asthma) दिवाली के समय ना ट्रिगर हों, उसके लिए नीचे बताए गए इन दो योग का अभ्यास (Yoga poses for Asthma) अभी से करना शुरू कर दें।
भुजंगासन योग अस्थमा की समस्या को कम करने में मदद करता (bhujangasana for asthma patient) है। इस योग मुद्रा का अभ्यास करने के लिए अपने कंधों को झुकाते हुए अपनी दोनों हाथेलियों को जमीन पर रखें। इस लिफ्ट करने के बाद अपने चेस्ट और हाथों को सीधा करें और सिर की पीछे की ओर झुकाएं। सिर को पीछे झुकाते समय सांस लें।
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एकपाद उत्तानासन आसन (ekpad uttanasana) अस्थमा से ग्रस्त लोगों के लिए एकदम सही है क्योंकि यह फेफड़ों को खोलने में मदद करता है और पूरे श्वसन प्रणाली को ऑक्सीजन से भर देता है। साथ ही यह आसन कूल्हों को अधिक लचीला बनाने, पाचन में सुधार करने, पेट के आसपास की मांसपेशियों को टोन और कामेच्छा से संबंधित ग्रंथियों की कार्यप्रणाली को बढ़ाने में मदद करता है।
सीधे पीठ के बल लेट जाएं। हाथों को बिल्कुल शरीर के बराबर रखें। अब धीरे से सांस लेते हुए दाएं पैर को (घुटने से सीधा रखते हुए) 60 डिग्री का कोण बनाते हुए उठाएं और सांस निकालते हुए वापस लेकर आएं। ऐसे ही इस प्रक्रिया को बाएं पैर से दोहराएं।