विश्व लीवर दिवस 2019 : लीवर की सफाई करते हैं ये दो आसन, नियमित करेंगे तो नहीं होगी लीवर की बीमारी

भुजंगासन और सुप्त मत्स्येन्द्रासन करने से लीवर की सफाई होने के साथ ही लीवर हेल्दी भी रहता है।

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Written By: Anshumala | Updated : April 17, 2019 12:18 PM IST

19 अप्रैल को ”वर्ल्ड लीवर डे” यानी विश्व लीवर दिवस के तौर पर मनाया जाता है। स्वस्थ रहने के लिए लीवर का हेल्दी होना भी बहुत जरूरी है। जैसा कि आप जानते ही हैं कि शरीर में सबसे बड़ा अंग लीवर ही होता है और स्वास्थ्य में अनिवार्य भूमिका निभाता है। लीवर के कई कार्य होते हैं। मुख्य काम इसका शरीर की कई क्रियाओं को अपने नियंत्रण में करना होता है साथ ही पित्त उत्पादन और ब्लड डिटॉक्सिफिकेशन और शुद्धिकरण भी है। लीवर को हेल्दी आप कुछ लाइफस्टाइल फॉलो करने के साथ ही कुछ आसानों के अभ्यास से भी रख सकते हैं। जानें, कौन से हैं वो दो आसन जो लीवर की सफाई करने के साथ ही हेल्दी भी रखते हैं। इन योग के अभ्यास से लीवर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद मिलती है।

सुप्त मत्स्येन्द्रासन

सुप्त मत्स्येन्द्रासन भी लीवर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है। साथ ही यह पीठ के निचले हिस्से, कूल्हों और रीढ़ की हड्डी में होने वाले दर्द से भी छुटकारा दिलाता है। आंतरिक अंगों की मालिश करता है और पेट की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है।

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यूं करें सुप्त मत्स्येन्द्रासन

जमीन पर पीठ के बल लेट जाएं। अब दोनों हाथों को अपने कंधों की सिधाई में फैला दें। अब दाएं पैर को घुटने से मोड़ें। इसे ऊपर की तरफ उठा लें और दाएं पैर को बाएं घुटने पर ले जाते हुए जमीन पर टिका लें। अब दाएं कूल्हे को उठाते हुए अपनी पीठ को बाईं तरफ मोड़ें। सिर को दाईं ओर घुमाएं। इस स्तिथि में जितनी देर रह सकते हैं रहें। यह पूरी तरह से सुप्त मत्स्येन्द्रासन की अवस्था है। इन दोनों योगासनों का नियमित अभ्यास करने से आपका लीवर हेल्दी रहेगा। आपको लीवर से संबंधित किसी भी रोग के होने का खतरा भी काफी कम हो जाएगा। यदि आपको इनका अभ्यास करना है, तो बेहतर परिणाम के लिए किसी योगाचार्य से भी सलाह ले सकते हैं।

Bhujangasana for healthy liver भुजंगासन भी लीवर को हेल्दी रखता है। © Shutterstock

भुजंगासन

लीवर को हेल्दी रखने के साथ ही भुजंगासन प्रदर, दर्द भरा व अनियमित मासिक धर्म और प्रजनन संबंधी समस्याओं को दूर करने में बहुत ही सहायक है। इसके अलावा यह स्लिप डिस्क का दर्द और पीठ से संबंधित हर तरह के दर्द को भी दूर करता है। लीवर से गंदगी निकालने में यह रामबाण की तरह काम करता है।

यूं करें भुजंगासन

पेट के बल लेट जाएं। अब पैरों को सीधा करके लम्बा फैलाएं। सांस भरते हुए शरीर के अगले भाग को नाभि तक उठाएं। धीरे-धीरे सिर और कन्धों को जमीन से ऊपर उठाएं। सिर को जितना पीछे की ओर ले जा सकते हैं, ले जाएं। ध्यान रखें कि ज्यादा खिंचाव न आने पाए। कुछ देर इस अवस्था में रहने के बाद पहले वाली अवस्था में लौट आएं।

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