Pawanmuktasana Aka Wind-Relieving pose Benefits- पवनमुक्तासन के फायदे, तरीका, लाभ और नुकसान

पवनमुक्तासन (Wind-Relieving pose) के फायदे व नुकसान- पवनमुक्तासन एक खास प्रकार की योग मुद्रा है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी अनेक लाभ मिलते हैं।

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Written By: Mukesh Sharma | Updated : May 15, 2022 4:57 PM IST

यह एक खास योग मुद्रा है, जिसका मुख्य लक्ष्य दबाव की मदद से शरीर से हवा मुक्त करना है। पेट की गैस निकालने के साथ-साथ रीढ़ की हड्डी और गर्दन की हड्डियों पर भी पवनमुक्तासन काफी सकारात्मक प्रभाव डालता है। इसका नाम संस्कृत के दो शब्दों “पवन” (वायु) और “आसन” (मुद्रा) से मिलकर बना है। अंग्रेजी में इसे “विंड रीलिविंग पोज” (Wind-Relieving pose) के नाम से जाना जाता है।

पवनमुक्तासन के लाभ (Benefits of Wind-Relieving pose)

यदि पवनमुक्तासन योग मुद्रा को सही तकनीक के साथ और विशेष बातों का ध्यान रखते हुए किया जाए तो इससे कई स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं -

1. पेट की गैस कम करे पवनमुक्तासन

पवनमुक्तासन योगासन को पेट की गैस दूर करने के लिए काफी प्रभावी माना जाता है। जिन लोगों को पेट फूलना, बार-बार गैस पास होना या पेट में दर्द जैसी समस्याएं हैं उनके लिए पवनमुक्तासन काफी लाभदायक हो सकता है।

2. पीठ व गर्दन में लचीलापन लाए पवनमुक्तासन

नियमित रूप से पवनमुक्तासन अभ्यास करने से रीढ़ व गर्दन की हड्डियों में लचीलापन आता है और साथ ही वहां की मांसपेशियां भी खिंच जाती हैं। इससे इन हिस्सों में अकड़न जैसी समस्याएं नहीं रहती हैं।

3. पवनमुक्तासन करे पीठ दर्द को कम

पवनमुक्तासन से पीठ के निचले हिस्से में भी प्रभावी रूप से खिंचाव आता है, जिससे पीठ में दर्द व संबंधित अन्य समस्याएं ठीक हो जाती हैं।

4. पेट व पेडू के अंगों को उत्तेजित करे पवनमुक्तासन

सही तरीके के साथ और नियमित रूप से पवनमुक्तासन अभ्यास करने से पेट में मौजूद अंग उत्तेजित हो जाते हैं और सक्रिय रूप से काम करने लगते हैं। पवनमुक्तासन करने से पाचन क्रिया सुधरती है और कब्ज जैसी समस्याएं भी दूर हो जाती हैं।

हालांकि, पवनमुक्तासन से प्राप्त होने वाले स्वास्थ्य लाभ प्रमुख रूप से योगासन के तरीके और अभ्यासकर्ता की स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करते हैं।

पवनमुक्तासन का तरीका (Steps to do Wind-Relieving pose)

यदि आप पहली बार पवनमुक्तासन अभ्यास करने जा रहे हैं, तो निम्न चरणों की मदद से आप यह योग मुद्रा बना सकते हैं -

  • Step 1 - सबसे पहले सपाट जमीन पर मैट या कंबल बिछा लें और उस पर पीठ के बल लेट जाएं
  • Step 2 - गहरी सांस लें और छोड़ते हुए दाएं घुटने को मोड़ते हुए उसे छाती पर ले आएं
  • Step 3 - ठीक इसी प्रकार बाएं घुटने को भी छाती के करीब ले आएं
  • Step 4 - अब दोनों हाथों को घुटनों के ठीक नीचे पिंडली के अगले भाग पर रखें
  • Step 5 - इसके बाद गर्दन उठाएं और ठोड़ी को घुटनों से मिला लें
  • Step 6 - अब बाहों के जोर की मदद से जांघों का दबाव पेट पर पड़ने दें

इस योग मुद्रा की अवधि आप अपनी क्षमता के अनुसार रख सकते हैं और फिर धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में आ सकते हैं। यदि आपको इस योग मुद्रा से संबंधित कोई भी सवाल है, तो किसी अनुभवी योग प्रशिक्षक से संपर्क करें।

पवनमुक्तासन के दौरान सावधानियां (Precautions during Wind-Relieving pose)

पवनमुक्तासन योग मुद्रा के दौरान कुछ बातों का विशेष रूप से ध्यान रखना जरूरी है -

  • योग मुद्रा शुरू करने से पहले स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज और वार्म अप कर लें
  • योगासन के दौरान गर्दन को जोर न पड़ने दें
  • घुटनों को ठोड़ी के करीब लाते समय मुंह को आगे लाने की कोशिश न करें
  • कोई भी क्रिया बलपूर्वक न करें

पवनमुक्तासन कब न करें (When not to do Wind-Relieving pose)

कुछ स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हैं, जिनके दौरान पवनमुक्तासन अभ्यास करने से पहले डॉक्टर से सलाह ले लेनी चाहिए -

  • शरीर के किसी हिस्से में गंभीर दर्द या चोट लगी होना
  • रक्तचाप या हृदय संबंधी रोग
  • थकावट या कमजोरी
  • मासिक धर्म या गर्भावस्था
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