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एलर्जी से हैं परेशान, तो करें भ्रमर मुद्रा का अभ्यास

एलर्जी चाहे धूल से हो, सुगंध से हो, कुछ खाने से हो या फिर मौसम के बदलने से हो, भ्रमर मुद्रा इसमें काफी कारगर साबित हो सकती है।

एलर्जी कई तरह की होती है। स्किन एलर्जी, किसी खाद्य पदार्थ के प्रति एलर्जी, सुगंध, परफ्यूम, साबुन आदि से एलर्जी। एलर्जी से त्वचा कई बार खराब और बदसूरत भी हो जाती है। इसका इलाज समय पर न किया जाए, तो यह शारीरिक समस्या किसी गंभीर बीमारी से भी अधिक परेशान कर देने वाली हो जाती है। कुछ लोगों को एक-दो दिन के अंदर ही यह समस्या खुद ब खुद समाप्त हो जाती है, लेकिन कुछ को त्वचा पर खुजली, दर्द, छाले पड़ना जैसी समस्याएं हो सकती हैं। खासकर, स्किन एलर्जी का सही समय पर ध्यान न दिया जाए, तो यह त्वचा रोग का भी रूप ले सकती है। यदि आप दवाओं का सेवन नहीं करना चाहते हैं, तो आप, प्रतिदिन भ्रमर मुद्रा का अभ्यास करें। कुछ ही दिनों में आपको हर तरह की एलर्जिक समस्याओं से छुटकारा मिलने लगेगा।

योगाचार्य प्रिया शेखर कहती हैं कि लगभग हर परिवार में किसी न किसी तरह की एलर्जी की समस्या बनी रहती है। एलर्जी के प्रमुख लक्षणों में त्वचा पर लाल चकत्ते, आंखों में पानी आना, जलन होना, आंखों का लाल होना, नाक में सुरसुरी, नाक बंद होना या तेज बहना, खारिश, छींक आदि शामिल होते हैं। मूलतः यह रोग ऐसे लोगों को होता है जो मानसिक रूप से तो कमजोर हैं किंतु शरीर से बहुत चंचल हैं।

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एलोपैथी में एलर्जी का कोई स्थायी इलाज नहीं ढूंढा जा सका है। एलर्जी वायु तत्व की अधिकता का परिणाम है। एलर्जी चाहे धूल से हो, सुगंध से हो, कुछ खाने से हो या फिर मौसम के बदलने से हो, भ्रमर मुद्रा इसमें काफी कारगर साबित हो सकती है। इसके लगातार उपयोग से पुरानी से पुरानी एलर्जी भी समाप्त हो जाती है।

Bharamer Mudra

कैसे करें

भ्रमर मुद्रा करने के लिए तर्जनी को मोड़कर अंगूठे की जड़ में लगाएं। अब अंगूठे के शीर्ष को मध्यमा उंगली के नाखून के पास दाईं ओर रखें। शेष दोनों उंगलियां सीधी रखें।

कितनी देर करें

7-7 मिनट तक प्रतिदिन भ्रमर मुद्रा का अभ्यास 5 बार करें।

चित्रस्रोत: Shutterstock.

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