Kurmasana Aka Tortoise pose Benefits- कुर्मासन के फायदे, तरीका, लाभ और नुकसान

कुर्मासन (Tortoise pose) के फायदे और नुकसान- कुर्मासन या कूर्मासन एक खास योग मुद्रा है, जो जांघों व बांहों समेत शरीर की कई मांसपेशियों को मजबूत बनाता है और साथ ही मानसिक संतुलन में सुधार करता है।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : May 16, 2022 11:37 AM IST

कुर्मासन एक मध्यम स्तर का योगासन है, जिसे नए व अनुभवी दोनों अभ्यासकर्ता कर सकते हैं। इसे हैमस्ट्रिंग और जांघों को स्ट्रेच करने वाले प्रमुख योगासनों में से एक माना जाता है। कुर्मासन संस्कृत के दो शब्दों “कूर्म” और “आसन” से मिलकर बना है, जिसका मतलब है कछुआ मुद्रा। अंग्रेजी में इसे “टोरटोइस पोज” (Tortoise pose) के नाम से जाना जाता है।

कुर्मासन के लाभ (Benefits of Tortoise pose)

यदि सही तकनीक के साथ कुर्मासन अभ्यास किया जा रहा है, तो इससे निम्न स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं -

1. प्रमुख मांसपेशियों में लचीलता लाए कुर्मासन

नियमित रूप से कुर्मासन अभ्यास करने से शरीर की मूल मांसपेशियों में खिंचाव आता है और वे लचीली हो जाती हैं। इससे शारीरिक संतुलन में भी सुधार होता है।

2. जांघों की मांसपेशियों में खिंचाव लाए कुर्मासन

सही तरीके के साथ कुर्मासन अभ्यास करना से हैम्स्ट्रिंग समेत जांघ में मौजूद कई मांसपेशियों में खिंचाव आता है, जिससे मोच व ऐंठन आने जैसी समस्याएं कम हो जाती हैं।

3. बाहों व कंधों को मजबूत बनाए कुर्मासन

कुर्मासन का सही तकनीक के साथ किया गया अभ्यास कंधों व बाहों की मांसपेशियों में भी पर्याप्त खिंचाव लाता है, जिससे वे मजबूत बनने लगती हैं।

4. मानसिक संतुलन में सुधार करे कुर्मासन

जिन लोगों को तनाव, चिंता व डिप्रेशन जैसी मानसिक समस्याएं हैं उनके लिए भी कुर्मासन अभ्यास काफी लाभदायक रहता है। कुर्मासन से मन से नकारात्मक विचार नष्ट होते हैं और मूड अच्छा रहता है।

हालांकि कुर्मासन से प्राप्त होने वाले लाभ प्रमुख रूप से अभ्यास करने के तरीके और अभ्यासकर्ता की स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।

कुर्मासन का तरीका (Steps to do Tortoise pose)

यदि आप पहली बार कुर्मासन अभ्यास करने जा रहे हैं, तो आपको निम्न चरणों से काफी मदद मिल सकती है -

  • Steps 1 - सपाट जमीन पर मैट बिछाकर उसपर दंडासन मुद्रा में बैठ जाएं
  • Steps 2 - इसके बाद धीरे-धीरे अपने घुटनों को आधा मोड़ लें और हथेलियों को उनके बीच में जमीन पर रख लें
  • Steps 3 - अब आगे की तरफ झुकें और हाथों को घुटनों के नीचे से ले जाते हुए बाहर की तरफ निकाल लें
  • Steps 4 - इस दौरान हाथों की उंगलियां फैली होनी चाहिए और पैरों की उंगलियां व अंगूठे ऊपर की तरफ होने चाहिए
  • Steps 5 - अब धीरे-धीरे हाथों को पूरा फैला लें और कूल्हे के मोड़ से झुकाना शुरू करें
  • Steps 6 - धीरे-धीरे झुकते हुए अपनी ठोड़ी को जमीन पर रख लें और फिर घुटनों को नीचे ले जाना शुरू करें
  • Steps 7 - ऐसे में आपके घुटने आपकी ट्राइसेप्स पर रखे होने चाहिए और ठोड़ी जमीन पर

इस मुद्रा को आप कुछ सेकंड या जब तक क्षमता होकर सकते हैं और फिर उसके बाद धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में आ सकते हैं।

कुर्मासन के दौरान सावधानी (Precautions during Tortoise pose)

कुर्मासन के दौरान कुछ बातों का विशेष रूप से ध्यान रखना जरूरी है -

  • योग क्रिया के दौरान यदि ठोड़ी जमीन तक नहीं जा रही है तो बलपूर्वक कोशिश न करें
  • हाथों को सीधा रखें और उंगलियों को खोलकर रखें
  • योगासन करने से पहले शरीर को स्ट्रेच कर लें
  • कोई भी क्रिया बलपूर्वक न करें

कुर्मासन कब न करें (When not to do Tortoise pose)

यदि आपको स्वास्थ्य संबंधी निम्न समस्या या स्थिति है, तो कुर्मासन अभ्यास से पहले अपने डॉक्टर से बात करें -

  • शरीर के किसी हिस्से में गंभीर चोट या दर्द होना
  • मासिक धर्म या गर्भावस्था
  • रक्तचाप या हृदय संबंधी रोग
  • थकावट या कमजोरी
  • चक्कर आना या जी मिचलाना
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