
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : May 16, 2022 11:37 AM IST
कुर्मासन एक मध्यम स्तर का योगासन है, जिसे नए व अनुभवी दोनों अभ्यासकर्ता कर सकते हैं। इसे हैमस्ट्रिंग और जांघों को स्ट्रेच करने वाले प्रमुख योगासनों में से एक माना जाता है। कुर्मासन संस्कृत के दो शब्दों “कूर्म” और “आसन” से मिलकर बना है, जिसका मतलब है कछुआ मुद्रा। अंग्रेजी में इसे “टोरटोइस पोज” (Tortoise pose) के नाम से जाना जाता है।
यदि सही तकनीक के साथ कुर्मासन अभ्यास किया जा रहा है, तो इससे निम्न स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं -
नियमित रूप से कुर्मासन अभ्यास करने से शरीर की मूल मांसपेशियों में खिंचाव आता है और वे लचीली हो जाती हैं। इससे शारीरिक संतुलन में भी सुधार होता है।
सही तरीके के साथ कुर्मासन अभ्यास करना से हैम्स्ट्रिंग समेत जांघ में मौजूद कई मांसपेशियों में खिंचाव आता है, जिससे मोच व ऐंठन आने जैसी समस्याएं कम हो जाती हैं।
कुर्मासन का सही तकनीक के साथ किया गया अभ्यास कंधों व बाहों की मांसपेशियों में भी पर्याप्त खिंचाव लाता है, जिससे वे मजबूत बनने लगती हैं।
जिन लोगों को तनाव, चिंता व डिप्रेशन जैसी मानसिक समस्याएं हैं उनके लिए भी कुर्मासन अभ्यास काफी लाभदायक रहता है। कुर्मासन से मन से नकारात्मक विचार नष्ट होते हैं और मूड अच्छा रहता है।
हालांकि कुर्मासन से प्राप्त होने वाले लाभ प्रमुख रूप से अभ्यास करने के तरीके और अभ्यासकर्ता की स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।
यदि आप पहली बार कुर्मासन अभ्यास करने जा रहे हैं, तो आपको निम्न चरणों से काफी मदद मिल सकती है -
इस मुद्रा को आप कुछ सेकंड या जब तक क्षमता होकर सकते हैं और फिर उसके बाद धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में आ सकते हैं।
कुर्मासन के दौरान कुछ बातों का विशेष रूप से ध्यान रखना जरूरी है -
यदि आपको स्वास्थ्य संबंधी निम्न समस्या या स्थिति है, तो कुर्मासन अभ्यास से पहले अपने डॉक्टर से बात करें -