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Written By: Anshumala | Published : August 20, 2019 5:44 PM IST
तिर्यक ताड़ासन के फायदे। © Shutterstock
आज की लाइफस्टाइल ऐसी हो गई है, जिसके कारण अधिकतर लोग मोटापा, कब्ज, कमर व पेट के आसपास चर्बी जमा होने, कंधों में दर्द, मेरुदंड आदि से संबंधित समस्याओं का सामना करते हैं। इन सभी समस्याओं से बचने का बेहतर उपाय है बेहतर खानपान, एक्सरसाइज और योग का अभ्यास। कब्ज, कमर के पास जमी चर्बी और शरीर को लचीला बनाने के लिए आप तिर्यक ताड़ासन (tiryaka tadasana) का भी अभ्यास कर सकते हैं। कब्ज से अधिकतर लोग परेशान रहते हैं। कई बार आंतों के कमजोर होने से भी शरीर से ठोस मल त्याग करना मुश्किल हो जाता है। इससे शरीर में विषैले पदार्थ जमा होने लगते हैं। पाचन प्रणाली खराब हो जाती है। इसी कारण कब्ज हो जाता है। योग में तिर्यक ताड़ासन (tiryaka tadasana) करके आप इन सभी समस्याओं से छुटकारा पा सकते हैं।
खुली और हवादार जगह पर ताड़ासन की अवस्था में खड़े हो जाएं। दोनों पैरों के बीच थोड़ा गैप हो और पैर बिल्कुल सीधे हों। दोनों हाथों की उंगुलियों को आपस में मिला लें। इन्हें सिर के ऊपर उठाएं और हाथों को ऊपर की ओर खींचें। पैरों की उंगलियों पर खड़े होने की कोशिश करें। शरीर को ऊपर की तरफ तानें। अब शरीर को कमर से दाईं और फिर बाईं तरफ झुकाएं। इस स्थिति में थोड़ी देर रुकने की कोशिश करें। फिर वापस पहले की स्थिति में आ जाएं। ऐसा दोनों तरफ लगभग 10-10 बार करें।
इसके नियमित अभ्यास से शरीर लचीला बनता है। मेरुदंड की अच्छी मालिश होती है। कंधों को मजबूती मिलती है। कमर पतली होती है। साइड से चर्बी कम होती है। जो लोग वजन घटाने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें तिर्यक ताड़ासन का अभ्यास भी करना चाहिए। जो लोग लंबाई में छोटे हैं, उनके लिए भी तिर्यक ताड़ासन करना लाभदायक साबित हो सकता है। इसके नियमित अभ्यास से आप अपना कद थोड़ा बहुत बढ़ा सकते हैं। हालांकि, इसका अभ्यास उन लोगों को करना चाहिए, जिनकी उम्र अभी कम है और लंबाई बढ़ने की संभावन है।
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