
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Written By: Kishori Mishra | Published : January 17, 2023 4:53 PM IST
Yogasanas For Sinusitis : साइनसाइटिस को आम बोलचाल की भाषा में साइनस कहा जाता है। यह कई कारणों से हो सकता है, जिसमें नाक में पॉलीप्स बनना, श्वसन पथ में संक्रमण (वायरल, बैक्टीरियल या फंगल), सिस्टिक फाइब्रोसिस या धूल कणों के कारण एलर्जी और सूजन की स्थिति। साइनसाइटिस के मरीजों में मुख्य रूप से नाक में सूजन, नाक से गाढ़ा डिस्चार्ज, सांस लेने में कठिनाई, आंखों के आसपास सूजन, गला, नाक या सिर में दर्द की परेशानी और सूजन जैसे लक्षण नजर आते हैं। इसके अलावा साइनस की परेशानी बढ़ने पर मरीजों को सिर में दर्द, स्वाद और गंध की कमी, गले में खराश, सांसों की बदबू, जबड़ों और दांतों में दर्द, थकान इत्यादि महसूस होता है। साइनस की परेशानियों को कम करने के लिए अपने लाइफस्टाइल में बदलाव करें। इसके अलावा कुछ खास योग अभ्यास की मदद से आप साइनस के लक्षणों को कम कर सकते हैं। आइए जानते हैं साइनस की परेशानियों को कम करने वाले योगासन?
सानोसाइटिस की परेशानियों को कम करने के लिए अधोमुख श्वानासन योग का अभ्यास करें। यह ब्लड सर्कुलेशन में सुधार करता है। साथ ही अवरुद्ध चैनलों को खोलने और समग्र शरीर के तनाव से राहत दिलाने में आपकी मदद कर सकता है। नियमित रूप से इस योग के अभ्यास से आप गर्दन में दर्द, रीढ़ की हड्डियों में दर्द को दूर कर सकता है। साथ ही यह नाक की गुहाओं को भी कम करता है, जिससे साइनस की परेशानियों को कम करने में मदद मिल सकती है।
यह योगासन "मदर ऑफ ऑल पोज" के रूप में भी प्रसिद्ध। रोजाना इस योग के अभ्यास से नसों को शांत करने और मन को शांत करने में मदद मिल सकती है। यह योगासन न सिर्फ साइनसाइटिस और अन्य एलर्जी की स्थिति से राहत दिलाने में आपकी मदद कर सकता है, बल्कि इस योग की मदद से आप अनिद्रा और चिड़चिड़ापन को भी कम कर सकते हैं। साथ ही यह फेफड़ों में रक्त प्रवाह को भी बेहतर कर सकता है। शरीर को संक्रमण से बचाने में भी मदद करता है।
साइनस की परेशानियों को कम करने के लिए आप सेतु बंधासन योग का अभ्यास कर सकते हैं। यह गठिया के दर्द को दूर करने में भी आपकी मदद कर सकता है। साथ ही इस योगासन के अभ्यास से आप तनाव और चिंता से विकृति से राहत पा सकते हैं। इस योग के अभ्यास से साइनस की स्थिति में सुधार लाने में मदद मिल सकती है। साथ ही एलर्जी की परेशानियों को भी दूर कर सकता है।
मत्स्य आसन को सभी रोगों का नाश करने वाला आसन के रूप में भी जाना जाता है। यह फेफड़ों की मांसपेशियों में खिंचाव उत्पन्न करता है, जिससे गहरी सांस लेने को बढ़ावा मिलता है। नियमित रूप से इस योग के अभ्यास से आप साइनसाइटिस से राहत पा सकते हैं। इसे साथ ही यह एलर्जी की स्थिति से राहत देने, परिसंचरण को बढ़ावा देने और समग्र प्रतिरक्षा को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण माना जाता है।
भुजंगासन को कोबरा मुद्रा के नाम से भी जाना जाता है। यह साइनक की परेशानियों को कम करने के साथ-साथ पेट की चर्बी से भी छुटकारा दिलाने में प्रभावी हो सकता है। इस योग के अभ्यास से फेफड़ों को खोलने में मदद मिलती है। साथ ही यह हार्ट डिजीज के खतरे को भी कम कर सकता है।
योगासान से शरीर की कई परेशानियां दूर हो सकती हैं। साइनस के लक्षणों को कम करने में भी यह प्रभावी हो सकते हैं। हालांकि, अगर आपकी स्थिति में सुधार नहीं आ रहा है तो एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।