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Surya Namaskar Aka Sun Salutation Benefits- सूर्य नमस्कार के फायदे, तरीका, लाभ और नुकसान

सूर्य नमस्कार (Sun Salutation) के फायदे व नुकसान- सूर्य नमस्कार एक प्राचीन योग मुद्रा है, जिसका अभ्यास आजकल दुनियाभर में किया जाता है। सूर्य नमस्कार शरीर के कई रोगों का इलाज करने में मदद करता है।

Surya Namaskar Aka Sun Salutation Benefits- सूर्य नमस्कार के फायदे, तरीका, लाभ और नुकसान

Written by Mukesh Sharma |Updated : May 3, 2022 5:33 PM IST

सूर्य नमस्कार सबसे प्रचलित योगासनों में एक है और दुनियाभर में सबसे ज्यादा अभ्यास की जाने वाली योग मुद्रा है। यह 12 अलग-अलग योग मुद्राओं का एक संयोजन होता है, जिन्हें एक के बाद एक प्रणालीगत तरीके से किया जाता है और यह एक ही मुद्रा बन जाती है। सूर्य नमस्कार स्वास्थ्य को अनेक लाभ प्रदान करता है और आयुर्वेद के अनुसार यह शरीर से कई रोगों को जड़ से खत्म कर देता है। इसमें प्रणाम आसन, हस्तउत्तानासन, हस्तपाद आसन, अश्व संचालन आसन, दंडासन, अष्टांग नमस्कार, भुजंगासन, पर्वतासन, अश्व संचालन आसन, हस्तउत्थान आसन और ताड़ासन शामिल हैं। सूर्य नमस्कार का शाब्दिक अर्थ सूर्य को नमस्कार अर्पित करना है।

सूर्य नमस्कार के फायदे (Benefits of Sun Salutation)

यदि सूर्य नमस्कार योग मुद्रा को सही तकनीक के साथ और विशेष बातों का ध्यान रखते हुए किया जाए तो इससे कई स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं -

1. मानसिक रोगों को दूर रखता है सूर्य नमस्कार

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सूर्य नमस्कार से मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभावी रूप से सकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जिससे डिप्रेशन, तनाव व चिंता जैसे लक्षण नहीं हो पाते हैं।

2. सूर्य नमस्कार बढ़ाता है शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता

नियमित रूप से सूर्य नमस्कार अभ्यास करने से शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत होती है और साथ ही शरीर से सभी विषाक्त पदार्थ बाहर निकल जाते हैं।

3. मांसपेशियों को मजबूत बनाता है सूर्य नमस्कार

सूर्य नमस्कार कई अलग-अलग योग मुद्राओं का मेल होता है, जिसकी मदद से यह शरीर की कई महत्वपूर्ण मांसपेशियों को खास व्यायाम प्रदान करता है जिससे मांसपेशियां मजबूत व लचीली बनती हैं।

4. सूर्य नमस्कार करता है पाचन क्रिया को तेज

सूर्य नमस्कार से पेट के अंग उत्तेजित होकर प्रभावी रूप से काम करने लग जाते हैं, जिससे पाचन क्रिया तेज हो जाती है और कब्ज जैसी समस्याएं भी नहीं होती।

हालांकि, सूर्य नमस्कार से प्राप्त होने वाले स्वास्थ्य लाभ पूरी तरह से योगासन के तरीके और आपकी स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करते हैं।

सूर्य नमस्कार करने का तरीका (Steps to do Sun Salutation)

यदि आप पहली बार सूर्य नमस्कार अभ्यास करने जा रहे हैं, तो निम्न चरणों का पालन करके आपको यह योग मुद्रा बनाने में मदद मिल सकती है -

  • Step 1 - सबसे पहले सपाट जमीन पर मैट बिछा लें और उसपर सीधे खड़े होकर हाथ जोड़ लें जिसे प्रणामासन कहा जाता है।
  • Step 2 - हाथों को ऊपर ले जाएं और हस्तउत्तानासन मुद्रा बनाएं
  • Step 3 - अब पादहस्तासन के लिए आगे झुकें और हथेलियों को पैर के पंजों के नीचे दबा लें
  • Step 4 - इसके बाद अश्व संचालनासन करें जिसमें एक पैर पीछे होगा और अगले पैर के दोनों तरफ हाथ होंगे
  • Step 5 - अब मुद्रा को दंडासन में बदल लें और फिर उसके बाद अष्टांग नमस्कार करें

इस योग क्रिया को आप अपनी क्षमता के अनुसार अवधि तक कर सकते हैं और फिर धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में आ सकते हैं। यदि आपको इससे संबंधित कोई भी सवाल है, तो किसी अच्छे योग प्रशिक्षक से संपर्क करें।

सूर्य नमस्कार के दौरान सावधानियां (Precautions during Sun Salutation)

सूर्य नमस्कार अभ्यास आमतौर पर योग प्रशिक्षक के निगरानी में ही किया जाता है और इस दौरान निम्न सावधानियां बरतनी जरूरी होती हैं -

  • अच्छे से स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करें
  • योग शुरू करने से ठीक पहले कुछ न खाएं
  • शांत वातावरण में ही योग करें
  • कोई भी क्रिया बलपूर्वक करने की कोशिश न करें

इस योग क्रिया को आप अपनी क्षमता के अनुसार अवधि तक कर सकते हैं और फिर धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में आ सकते हैं। यदि आपको इससे संबंधित कोई भी सवाल है, तो किसी अच्छे योग प्रशिक्षक से संपर्क करें।

सूर्य नमस्कार कब न करें (When not to do Sun Salutation)

कुछ स्वास्थ्य स्थितियां हैं जिनके दौरान सूर्य नमस्कार अभ्यास करने से पहले डॉक्टर से अनुमति ले लेनी चाहिए -

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  • शरीर के किसी हिस्से में गंभीर दर्द या चोट लगना
  • बीपी हाई या लो हो जाना
  • सांस या हृदय संबंधी रोग
  • शारीरिक संतुलन बनाने में दिक्कत या वृद्धावस्था
  • मासिक धर्म या गर्भावस्था