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Written By: Editorial Team | Published : August 13, 2018 6:54 PM IST
यदि आप कुछ दिनों से घुटने और जांघों में दर्द से परेशान हैं, तो दवाइओं के सेवन की बजाय पादहस्तासन का अभ्यास कुछ दिन करके देखें। इस आसन से घुटने और जांघों में दर्द की आपकी समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी। पादहस्तासन रीढ़ को मजबूत व लचीला बनाता है, जंघाओं और पिंडलियों की मांसपेशियों को बल देकर हैमस्ट्रिंग (घुटने के पीछे की नस) खोलने में मदद करता है।
मूत्र-प्रणाली, गर्भाशय तथा जननेन्द्रिय स्रावों के लिए अच्छा है। इससे कब्ज, गैस, मोटापा, मधुमेह, भूख ना लगना आदि पेट के विकारों में लाभकारी है। रक्त संचार फेफड़ों, हृदय व मस्तिष्क की ओर बढ़ने से इन अंगों का स्वास्थ्य बेहतर बना रहता है। बच्चों की लंबाई बढ़ानेवाला है। सुषुम्ना नाड़ी पर खिंचाव पड़ने से वह बलिष्ठ रहती है और पूरे शरीर में ऊर्जा को संतुलित बनाती है।
पादहस्तासन करने से किन्हें बचना चाहिए
जिन लोगों को एसिडिटी, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, माईग्रेन, ऑस्टियोपॉरसिस, कमर दर्द, स्लिप डिस्क तथा साईटिका का दर्द रहता है, वे लोग इसका अभ्यास करने से बचें।
कैसे करें
सबसे पहले सीधे खड़े हो जाएं। अब दोनों पैरों को आपस में मिला लें। सांस भरते हुए हाथों को ऊपर उठाएं। कंधों की सीध में लाकर ऊपर की ओर खींचें। कंधे को कानों से सटा कर रखें। अब सांस निकालते हुए कमर के नीचले हिस्से से आगे की ओर झुकें। बिना घुटने मोड़े हथेलियों को पैरों के साथ जमीन पर रखकर, माथे को घुटनों के बीच में लगाने की कोशिश करें। सहज महसूस हो तो ही करें, जबरदस्ती करने से बचें। सांस सामान्य रखते हुए यथाशक्ति रुकें। फिर धीरे से वापस आ जाएं। दो से तीन बार इसी तरह से दोहराएं। यदि आप इस आसन का अभ्यास करना चाहते हैं, फिर भी मन में डर है, तो बेहतर होगा कि किसी एक्सपर्ट से सलाह लेकर ही इसका अभ्यास करें।
चित्रस्रोत: Shutterstock.