Samakonasana Aka Straight Angle Pose Benefits- समकोणासन के फायदे, तरीका, लाभ और नुकसान

समकोणासन (Straight Angle Pose) के फायदे व नुकसान- समकोणासन एक सरल योग मुद्रा है, जिससे कई शारीरिक व मानसिक लाभ प्राप्त होते हैं।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : May 5, 2022 7:45 PM IST

समकोणासन एक खास योग मुद्रा है, जिसे आजकल दुनियाभर में एक वार्मअप के रूप में किया जाता है। यह एक सरल योग प्रक्रिया है, जिसमें अधिक शारीरिक बल या खिंचाव की जरूरत नहीं पड़ती है। यह संस्कृत के दो शब्द समकोण व आसन से मिलकर बना है। इस योगासन के दौरान शारीरिक मुद्रा भी एक समकोण की भांति प्रतीत होती है और इसलिए अंग्रेजी में भी इसे “स्ट्रेट एंगल पॉज” (Straight Angle Pose) के नाम से जाना जाता है। समकोणासन को शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य दोनों के लिए लाभदायक माना जाता है।

समकोणासन के फायदे (Benefits of Straight Angle Pose)

यदि समकोणासन योग मुद्रा को सही तकनीक के साथ और विशेष बातों का ध्यान रखते हुए किया जाए तो इससे कई स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं -

1. मांसपेशियों में लचीलापन लाए समकोणासन

नियमित रूप से और सही तकनीक के साथ समकोणासन अभ्यास करने से मांसपेशियों में खिंचाव होने लगता है और साथ ही ये मांसपेशियां मजबूत होने लगती हैं।

2. समकोणासन है पीठ दर्द को दूर करने में प्रभावी

जिन लोगों को पीठ में दर्द की शिकायत रहती है, उनके लिए समकोणासन लाभदायक हो सकता है। साथ ही इससे रीढ़ की हड्डी से संबंधित समस्याओं को भी दूर करने में मदद मिलती है।

3. शरीर की जकड़न को दूर करता है समकोणासन

समकोणासन को एक वार्मअप या स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज के रूप में भी किया जाता है, जिससे शरीर में होने वाली जकड़न की समस्याएं दूर हो जाती हैं।

4. समकोणासन है डिप्रेशन को दूर करने में मददगार

समकोणासन योगाभ्यास की मदद से मानसिक स्वास्थ्य में भी सुधार किया जा सकता है। जिन लोगों को हल्के डिप्रेशन की शिकायत रहती है उनके लिए समकोणासन अच्छा विकल्प हो सकता है।

हालांकि, समकोणासन से प्राप्त होने वाले स्वास्थ्य लाभ पूरी तरह से योगासन के तरीके और आपकी स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करते हैं।

समकोणासन करने का तरीका (Steps to do Straight Angle Pose)

यदि आप पहली बार समकोणासन अभ्यास करने जा रहे हैं, तो निम्न चरणों का पालन करके आपको यह योग मुद्रा बनाने में मदद मिल सकती है -

  • सबसे पहले सपाट जमीन पर मैट बिछा लें और उसपर ताड़ासन मुद्रा में खड़े हो जाएं
  • दोनों पैरों के बीच थोड़ी दूरी बनाए और दोनों हाथो को ऊपर उठाकर छाती के सामने लाएं
  • अब गहरी सांस लेते हुए शरीर को धीरे-धीरे आगे झुकाना शुरू करें और 90 डिग्री तक ले जाएं
  • इस दौरान घुटनों को सीधा रखें और नजरें जमीन पर रखें
  • गर्दन को रीढ़ की हड्डी की सीध में रखें

इस योग क्रिया को आप अपनी क्षमता के अनुसार अवधि तक कर सकते हैं और फिर धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में आ सकते हैं। यदि आपको इससे संबंधित कोई भी सवाल है, तो किसी अच्छे योग प्रशिक्षक से संपर्क करें।

समकोणासन के दौरान सावधानियां (Precautions during Straight Angle Pose)

समकोणासन अभ्यास आमतौर पर योग प्रशिक्षक के निगरानी में ही किया जाता है और इस दौरान निम्न सावधानियां बरतनी जरूरी होती हैं -

  • सबसे पहले अच्छे से वार्मअप व स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करें
  • योगाभ्यास शुरू करने से ठीक पहले कुछ भी खाएं या पिएं नहीं
  • कोई भी क्रिया बलपूर्वक न करें और न ही शरीर में कोई झटका लगने दें
  • इस दौरान पूरा ध्यान योग मुद्रा पर ही केंद्रित रखें

इस योग क्रिया को आप अपनी क्षमता के अनुसार अवधि तक कर सकते हैं और फिर धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में आ सकते हैं। यदि आपको इससे संबंधित कोई भी सवाल है, तो किसी अच्छे योग प्रशिक्षक से संपर्क करें।

समकोणासन कब न करें (When not to do Straight Angle Pose)

कुछ स्वास्थ्य स्थितियां हैं जिनके दौरान समकोणासन अभ्यास करने से पहले डॉक्टर से अनुमति ले लेनी चाहिए -

  • शरीर के किसी हिस्से में गंभीर दर्द या चोट लगी होना
  • सिर चकराना या कमजोरी महसूस होना
  • बीमार या वृद्धावस्था
  • हाई या लो बीपी
  • सांस या हृदय रोग होना
  • गर्भावस्था या मासिक धर्म होना
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