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Vasisthasana Aka Side plank pose Benefits- वशिष्ठासन के फायदे, तरीका, लाभ और नुकसान

वशिष्ठासन (Side plank pose) के फायदे व नुकसान- समकोणासन एक सरल योग मुद्रा है, जिससे कई शारीरिक व मानसिक लाभ प्राप्त होते हैं।

Vasisthasana Aka Side plank pose Benefits- वशिष्ठासन के फायदे, तरीका, लाभ और नुकसान

Written by Mukesh Sharma |Published : April 22, 2022 7:21 PM IST

वशिष्ठासन एक प्राचीन योग मुद्रा है, जो पूरी तरह से एक हाथ के संतुलन पर निर्भर करती है। इस योग मुद्रा में एक हाथ की हथेली और पैर के तलवे के एक हिस्से पर शरीर का वजन डालकर संतुलन बनाया जाता है। वशिष्ठासन न सिर्फ शरीर की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है, इसके साथ-साथ इससे मानसिक स्वास्थ्य में भी काफी सुधार होते हैं। इस योग मुद्रा का नाम प्राचीन काल के महान गुरु वशिष्ठ के नाम पर पड़ा है और अंग्रेजी में इसे “साइड प्लैंक पॉज” के नाम से जाना जाता है।

वशिष्ठासन के फायदे (Benefits of Side plank pose)

यदि वशिष्ठासन योग मुद्रा को सही तकनीक के साथ और विशेष बातों का ध्यान रखते हुए किया जाए तो इससे कई स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं -

1. हाथों की कलाई को मजबूत बनाता है वशिष्ठासन

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वशिष्ठासन के दौरान आधे शरीर का वजन एक हाथ पर पड़ता है, जिससे कलाई और बाइसेप्स की मांसपेशियां मजबूत होने लगती हैं।

2. पेट की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है वशिष्ठासन

वशिष्ठासन के दौरान पेट की मांसपेशियों में खिंचाव पड़ता है, जिससे वे मजबूत होने लगती हैं। पेट की चर्बी को कम करने के लिए लिए भी वशिष्ठासन काफी लाभदायक हो सकता है।

3. वशिष्ठासन करता है शरीर के संतुलन में सुधार

वशिष्ठासन अभ्यासकर्ताओं को एक हाथ और पैर पर शरीर का संतुलन बनाना सिखाता है। नियमित रूप से और सही तकनीक के साथ यह योगाभ्यास करने से शारीरिक संतुलन को भी काफी बेहतर किया जा सकता है।

4. वशिष्ठासन बनाए मानसिक स्वास्थ्य को स्थिर

मानसिक स्वास्थ्य में सुधार करने के लिए भी वशिष्ठासन काफी लाभदायक योग मुद्रा है। इसकी मदद से बार-बार चिंता और तनाव होने जैसे लक्षणों को दूर किया जा सकता है

हालांकि, वशिष्ठासन से प्राप्त होने वाले स्वास्थ्य लाभ पूरी तरह से योगासन के तरीके और आपकी स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करते हैं।

वशिष्ठासन करने का तरीका (Steps to do Side plank pose)

यदि आप पहली बार वशिष्ठासन अभ्यास करने जा रहे हैं, तो निम्न चरणों का पालन करके आपको यह योग मुद्रा बनाने में मदद मिल सकती है -

  • Step 1 - सबसे पहले सपाट जमीन पर मैट बिछा लें और उसपर दंडासन मुद्रा में बैठ जाएं
  • Step 2 -बाएं हाथ को जमीन पर रखें और धीरे-धीरे उसपर शरीर का वजन डालना शुरू करें
  • Step 3 -इसके बाद दाएं पैर को बाएं पैर पर रखें और करवट लेने की भांति शरीर को थोड़ा सो बाईं तरफ मोड़ लें
  • Step 4 -धीरे-धीरे शरीर का वजन हथेली पर डालना शुरू करें और संतुलन बनाकर रखें
  • Step 5 -आप मदद के लिए एक बाएं घुटने को जमीन पर रख सकते हैं और फिर धीरे-धीरे उठा सकते हैं।
  • Step 6 -इसके बाद गर्दन, कमर और टांगों को एक सीध में कर लें और बाएं हाथ को ऊपर की तरफ करें

इस योग क्रिया को आप अपनी क्षमता के अनुसार अवधि तक कर सकते हैं और फिर धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में आ सकते हैं। यदि आपको इससे संबंधित कोई भी सवाल है, तो किसी अच्छे योग प्रशिक्षक से संपर्क करें।

वशिष्ठासन के दौरान सावधानियां (Precautions during Side plank pose)

वशिष्ठासन अभ्यास आमतौर पर योग प्रशिक्षक के निगरानी में ही किया जाता है और इस दौरान निम्न सावधानियां बरतनी जरूरी होती हैं -

  • सबसे पहले अच्छे से वार्मअप व स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करें
  • योगाभ्यास शुरू करने से ठीक पहले कुछ भी खाएं या पिएं नहीं
  • कोई भी क्रिया बलपूर्वक न करें और न ही शरीर में कोई झटका लगने दें
  • इस दौरान पूरा ध्यान योग मुद्रा पर ही केंद्रित रखें

वशिष्ठासन कब न करें (When not to do Side plank pose)

कुछ स्वास्थ्य स्थितियां हैं जिनके दौरान वशिष्ठासन अभ्यास करने से पहले डॉक्टर से अनुमति ले लेनी चाहिए -

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  • रीढ़ या शरीर के अन्य किसी अंग में दर्द होना
  • शरीर के किसी हिस्से में सूजन या चोट लगी होना
  • मासिक धर्म या गर्भावस्था
  • हृदय रोगी या सांस की बीमारी
  • शारीरिक संतुलन बनाने में परेशानी होना