Bhujapidasana Aka Shoulder Pressing Pose Benefits- भुजपीडासन के फायदे, तरीका, लाभ और नुकसान

भुजपीडासन (Shoulder Pressing Pose) के फायदे और नुकसान- भुजपीडासन एक खास योग मुद्रा है, जिसमें बाहों के बल पर शरीर का संतुलन बनाया जाता है।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : May 16, 2022 2:07 PM IST

भुजपीडासन मध्यम स्तर का एक खास योगासन है, जो शरीर की कई महत्वपूर्ण मांसपेशियों में शक्ति प्रदान करता है। यह योगासन शारीरिक संतुलन पर आधारित है, जिसे शुरुआत में योग प्रशिक्षक की मदद से ही किया जाना चाहिए। भुजपीडासन को अंग्रेजी में “शोल्डर प्रेसिंग पोज” (Shoulder Pressing Pose) के नाम से जाना जाता है।

भुजपीडासन के लाभ (Benefits of Shoulder Pressing Pose)

यदि सही तकनीक के साथ व सभी बातों का ध्यान देते हुए भुजपीडासन अभ्यास किया जाए तो इससे निम्न लाभ हो सकते हैं -

1. शारीरिक संतुलन बढ़ाए भुजपीडासन

इस योगासन के दौरान आपके शरीर का सारा वजन आपके हाथों पर होता है, जिससे आपके शारीरिक संतुलन में सुधार आता है।

2. कलाइयों को मजबूत बनाए भुजपीडासन

भुजपीडासन उन दुर्लभ योगासनों में से एक है, जिन्हें नियमित रूप से और सही तकनीक के साथ किया जाए तो इससे कलाइयों की मजबूती बढ़ती है।

3. शरीर में लचीलता लाए भुजपीडासन

नियमित रूप से भुजपीडासन अभ्यास करने से शरीर की कई महत्वपूर्ण मांसपेशियों में उचित रूप से खिंचाव होने लगता है और जिससे शारीरिक लचीलता बढ़ती है।

4. बदन दर्द दूर करे भुजपीडासन

जिन लोगों को बदन में दर्द संबंधी समस्याएं रहती हैं, उनके लिए भुजपीडासन एक लाभदायक विकल्प हो सकता है। नियमित रूप से भुजपीडासन अभ्यास करने से शरीर पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है और बदन दर्द जैसे लक्षण कम होने लगते हैं।

हालांकि, भुजपीडासन से प्राप्त होने वाले लाभ प्रमुख रूप से योगासन करने के तरीके और अभ्यासकर्ता की स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करते हैं।

भुजपीडासन का तरीका (Steps to do Shoulder Pressing Pose)

यदि आप पहली बार भुजपीडासन अभ्यास करने जा रहे हैं, तो निम्न चरण आपको यह योग मुद्रा बनाने में मदद कर सकते हैं -

  • Steps 1 - सबसे पहले सपाट फर्श पर मैट बिछा लें और उस पर पैरों के बीच लगभग डेढ़ फीट की दूरी के साथ खड़े हो जाएं
  • Steps 2 - अब घुटनों को आधा मोड़ लें जिससे आपकी स्क्वाट पोजीशन बन जाएगी और फिर उसके बाद धीरे-धीरे आगे की तरफ झुकना शुरू करें
  • Steps 3 - जब आपकी धड़ आपकी जांघों के बीच आ जाती है, तो हाथों को एड़ियों के पीछे जमीन पर रखें
  • Steps 4 - इसके बाद घुटनों को मोड़ते हुए कूल्हों को नीचे ले जाएं, जिससे आपकी जांघें ट्राइसेप्स से आकर सट जाएंगी
  • Steps 5 - अब धीरे-धीरे गर्दन उठाते हुए व धड़ को पीछे ले जाते हुए पैरों का वजन कम करते जाएं
  • Steps 6 - ऐसे में आपके पैर हवा में उठा जाएंगे और आपके शरीर का सारा वजन आपके हाथों पर आ जाएगा।
  • Steps 7 - इस योगासन को आप कम से कम 30 सेकंड तक कर सकते हैं और इसके बाद धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में आ जाएं

भुजपीडासन ऐसा योगासन है, जो पूरी तरह से शारीरिक संतुलन पर ही आधारित है। यदि आपको यह योग मुद्रा बनाने में दिक्कत हो रही है, तो किसी अनुभवी योग प्रशिक्षक से मदद लें।

भुजपीडासन के दौरान सावधानी (Precautions during Shoulder Pressing Pose)

भुजपीडासन के दौरान कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है, जिनमें निम्न शामिल हैं -

  • पहले स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज और वार्म अप कर लें
  • हाथों पर धीरे-धीरे शरीर का वजन डालें
  • संतुलन बनाते समय पूरा ध्यान योग मुद्रा पर ही रखें
  • कोई भी क्रिया बलपूर्वक न करें और न ही कोई झटका लगने दें

भुजपीडासन कब न करें (When not to do Shoulder Pressing Pose)

यदि आपको निम्न में से कोई भी स्वास्थ्य स्थिति या समस्या है, तो भुजपीडासन अभ्यास करने से पहले डॉक्टर से बात कर लेनी चाहिए -

  • शरीर के किसी हिस्से में गहरी चोट या गंभीर दर्द होना
  • रक्तचाप संबंधी समस्याएं जैसे उच्च या निम्न रक्तचाप
  • थकावट या मांसपेशियों में कमजोरी
  • शारीरिक संतुलन न बना पाना या वृद्धावस्था
  • सांस या हृदय संबंधी रोग
  • मासिक धर्म या गर्भावस्था
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