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Written By: Anshumala | Published : February 26, 2019 3:37 PM IST
परिवृत्त पार्श्वकोणासन जिसे रिवॉल्ड साइड ऐंगल पोज भी कहते हैं। © Shutterstock.
परिवृत्त पार्श्वकोणासन को रिवॉल्व्ड साइड एंगल पोज (Revolved Side Angle Pose) के नाम से भी जाना जाता है। यह एक स्टैंडिंग आसन है। खड़े आसनों में यह सबसे चुनौतीपूर्ण आसन है, जो थोरैक्स, वर्टेब्रल कॉलम, फेफड़े, घुटने, टखने औए कंधों को मजबूत बनाता है। क्या आप जानते हैं कि बॉलीवुड की फिट एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी भी इस आसन का अभ्यास करना पसंद करती हैं? शिल्पा ने हाल ही में परिवृत्त पार्श्वकोणासन का अभ्यास करते हुए इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है। हालांकि, इस आसन को बेहतर तरीके से करने के लिए लचीलेपन, संतुलन और मजबूत कोर की आवश्यकता होती है। यह पूरे शरीर को मजबूत करता है। आंतरिक अंगों को मजबूत बनाता है। शरीर को डिटॉक्सिफाई करता है।
कैसे करें परिवृत्त पार्श्वकोणासन
परिवृत्त पार्श्वकोणासन योग करने के लिए सीधे खड़े हो जाएं। आप ताड़ासन या माउंटेन पोज में भी खड़े हो सकते हैं। गहरी सांस लें। दोनों पैरों को फैला लें। दोनों पैरों के बीच कम से कम 4-5 फीट की दूरी रखें। अब सांस को बाहर छोड़ते हुए अपने दाएं पैर के पंजे को 90 डिग्री और बाएं पैर को 60 डिग्री घुमाएं। फिर दाएं पैर को घुटने से 90 डिग्री मोड़ें और जांघ को फर्श एक समान्तर ले आएं। बाएं पैर को सीधा करें और उसको फैला लें। अब सांस को बाहर छोड़ते हुए अपने धड़ यानी शरीर के ऊपरी हिस्से को दाएं पैर की दिशा में मोड़ें। अब अपने बाएं हाथों को दाएं पैर के घुटने से बाहर की ओर लाएं और उसे फर्श पर रखे लें। इसके बाद अपने दाएं हाथों को सिर के ऊपर से सीधा कर लें। कुछ सेकंड के लिए इस स्थति में रहें और फिर इससे बाहर आ जाएं। दूसरे पैरे से इस प्रक्रिया को करें। इस योग को आप 90 सेकंड के लिए कर सकते हैं।
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क्या होते हैं लाभ
- पाचन से जुड़ी समस्याएं दूर होती हैं।
- शरीर में खून का प्रवाह बेहतर ढंग से होता है।
- रीढ़ की हड्डी की समस्याएं दूर होती हैं।
- पैर, जांघ, घुटना, टखना के आसपास की मांसपेशियां और लिगामेंट्स मजबूत होते हैं।
- फेफड़े स्ट्रेच होते हैं, जिससे सांस से जुड़ी बीमारियां दूर होती हैं।
- परिवृत्त पार्श्वकोणासन योग करने से पेट की चर्बी कम करने में भी मदद मिलती है।
कौन ना करे
- सिर दर्द होने पर यह आसन ना करें।
- उच्च रक्तचाप या निम्न रक्तचाप होने पर भी इसे करने से बचें।
- अनिद्रा से परेशान व्यक्तियों को भूल कर भी इसे नहीं करना चाहिए।
- गर्दन या कंधे में कोई समस्या या दर्द है तो अपना सिर ऊपर की ओर न मोड़ें।