Vrischikasana Aka Scorpion pose Benefits- वृश्चिकासन के फायदे, तरीका, लाभ और नुकसान

वृश्चिकासन (Scorpion pose) के फायदे और नुकसान- वृश्चिकासन एक विशेष योग मुद्रा है, जिसमें शरीर में बल व शक्ति बढ़ती है और मन की धैर्य व शांति रखने की क्षमता का भी विकास होता है।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : May 15, 2022 8:16 PM IST

रीढ़ की हड्डी को प्रभावी रूप से लचीला बनाने वाले योगासनों में वृश्चिकासन को भी गिना जाता है। वृश्चिकासन एक जटिल योगासन है, जिसकी योग मुद्रा बनाने के शरीर का संतुलन होना जरूरी है। इस योगासन में शारीरिक मुद्रा एक बिच्छू (वृश्चिक) जैसी प्रतीत होती है और उसी के आधार पर उसका नाम वृश्चिकासन रखा गया। अंग्रेजी में इसे “स्कोर्पियन पोज” (Scorpion pose) के नाम से जाना जाता है।

वृश्चिकासन के लाभ (Benefits of Scorpion pose)

यदि वृश्चिकासन का अभ्यास सही तकनीक के साथ और विशेष ध्यान रखते हुए किया जाए तो इससे कई स्वास्थ्य लाभ हो सकते हैं -

1. रीढ़ की हड्डी में लचीलता लाए वृश्चिकासन

रीढ़ की हड्डी के लिए वृश्चिकासन को काफी प्रभावी योगासन माना गया है। इस योगासन का अभ्यास करने से पीठ में दर्द, अकड़न व अन्य समस्याएं दूर होने लगती हैं।

2. कंधों व बाहों को मजबूत बनाए वृश्चिकासन

इस योगासन के दौरान शरीर का सारा वजन बाहों और कंधों पर पड़ता है, जिसके परिणामस्वरूप इन अंगों की मांसपेशियां मजबूत होने लगती हैं।

3. सहनशीलता और धैर्य बढ़ाए वृश्चिकासन

यदि आप नियमित रूप से और सही तकनीक के साथ वृश्चिकासन अभ्यास कर रहे हैं, तो इससे आपके शरीर में सहनशीलता और धैर्य का विकास होता है।

4. शारीरिक संतुलन में सुधार करे वृश्चिकासन

वृश्चिकासन काफी हद तक आपके शारीरिक संतुलन पर आधारित होता है। जब आप इस योगासन को सही तरीके से करने लग जाते हैं तो इसका मतलब आपके शारीरिक संतुलन में भी काफी सुधार हो गया है।

हालांकि, वृश्चिकासन से प्राप्त होने वाले लाभ प्रमुख रूप से योगासन अभ्यास के तरीके और अभ्यासकर्ता की स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करते हैं।

वृश्चिकासन का तरीका (Steps to do Scorpion pose)

यदि आप पहली बार वृश्चिकासन अभ्यास करने जा रहे हैं, तो निम्न कुछ स्टेप्स बताए गए हैं जिन्हें अपनाकर आपको यह योग मुद्रा बनाने में मदद मिल सकती है -

  • Step 1 - सपाट जमीन पर मैट बिछा लें और उसपर घुटनों के बल खड़े हो जाएं
  • Step 2 -अब रीढ़ की हड्डी को आगे की तरफ मोड़ते हुए अपनी दोनों कोहनी जमीन पर रखें
  • Step 3 -कोहनियां ठीक कंधों के नीचे और हाथ आगे की तरफ होने चाहिए
  • Step 4 -अब घुटनों को सीधा कर लें और पैरों को धीरे-धीरे आगे लाना शुरू करें
  • Step 5 -इसके बाद संतुलन बनाते हुए पहले एक और फिर दूसरा पैर ऊपर ले जाएं जिससे आप पिन्च मयूरासन मुद्रा में आ जाएंगे
  • Step 6 -अब पहले घुटनों को मोड़ें और फिर कमर को धीरे-धीरे मोड़ना शुरू करें
  • Step 7 -इस मुद्रा के दौरान आगे देखते रहें और क्षमता के अनुसार ही घुटनों को मोड़ें

यह योग मुद्रा बनाने की अवधि आप अपनी क्षमता के अनुसार रख सकते हैं और फिर धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में आ सकते हैं। यदि आपको इस योगासन से संबंधित कोई सवाल है, तो आपको किसी अच्छे योग प्रशिक्षक से संपर्क करने की सलाह दी जाती है।

वृश्चिकासन में सावधानी (Precautions during Scorpion pose)

वृश्चिकासन एक जटिल योगासन है, जिसके दौरान निम्न बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है -

  • योगासन शुरू करने से पहले स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करें
  • संतुलन बनाते समय पूरा ध्यान योग मुद्रा पर ही रखें
  • टांगों व बांहों को समांतर रखें और बांहों के बीच कंधों के जितनी दूरी रखें
  • कोई भी योग क्रिया बलपूर्वक न करें और न ही शरीर को किसी प्रकार का झटका लगने दें

वृश्चिकासन कब न करें (When not to do Scorpion pose)

यदि आपको स्वास्थ्य संबंधी निम्न समस्याएं है, तो वृश्चिकासन अभ्यास करने से पहले डॉक्टर से बात कर लेनी चाहिए -

  • शरीर के किसी हिस्से में गंभीर दर्द या चोट लगी होना
  • मांसपेशियों में अकड़न या थकावट महसूस होना
  • मासिक धर्म या गर्भावस्था
  • रक्तचाप या हृदय संबंधी अन्य रोग
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