
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : May 15, 2022 5:44 PM IST
सुप्त बद्ध कोणासन शरीर की मांसपेशियों को आराम देने वाली एक खास योग मुद्रा है, जो कूल्हे व शरीर के कई हिस्सों में मौजूद मांसपेशियों को खोलने का काम भी करती है। अभ्यासकर्ता के अनुभव व शारीरिक क्षमता के अनुसार सुप्त बद्ध कोणासन में कई बदलाव किए जा सकते हैं। अंग्रेजी में इसे “रिक्लाइंड गोड्डेस पोज” (Reclined Goddess Pose) के नाम से भी जाना जाता है।
यदि सुप्त बद्ध कोणासन अभ्यास सही तकनीक के साथ और विशेष सावधानियां बरतते हुए किया जाए तो इससे निम्न स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं -
सही तकनीक के साथ सुप्त बद्ध कोणासन अभ्यास करने से कूल्हों की हड्डियों और मांसपेशियों में पर्याप्त रूप से खिंचाव आने लगता है, जिससे जकड़न व ऐंठन जैसी समस्याएं नहीं हो पाती हैं।
सुप्त बद्ध कोणासन का सही तरीके के साथ अभ्यास करना जांघों की मांसपेशियों में भी खिंचाव लाता है, जिससे ये मांसपेशियां सक्रिय रूप से काम करने लग जाती हैं।
सुप्त बद्ध कोणासन शरीर को पर्याप्त रूप से आराम प्रदान करता है, जिससे थकावट, सुस्ती व तंद्रा जैसी समस्याएं कम हो जाती हैं।
सुप्त बद्ध कोणासन मानसिक तनाव को दूर करके मन को शांति प्रदान करता है, जिससे चिंता व डिप्रेशन जैसी समस्याएं नहीं होती हैं।
हालांकि, सुप्त बद्ध कोणासन से प्राप्त होने वाले स्वास्थ्य लाभ प्रमुख रूप से योगासन के तरीके और अभ्यासकर्ता की स्वास्थ्य स्थिति पर आधारित होते हैं।
यदि आप पहली बार सुप्त बद्ध कोणासन अभ्यास करने जा रहे हैं, तो आप निम्न तरीके से यह योग मुद्रा बना सकते हैं -
यदि आपको इस योग मुद्रा से संबंधित कोई भी सवाल है, तो आपको किसी अनुभवी योग प्रशिक्षक से संपर्क करने की सलाह दी जाती है।
सुप्त बद्ध कोणासन अभ्यास के दौरान कुछ विशेष बातों का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है -
यदि आपको स्वास्थ्य संबंधी निम्न समस्याएं महसूस हो रही हैं, तो सुप्त बद्ध कोणासन करने से पहले डॉक्टर से संपर्क कर लेना चाहिए -