Pranayama in Coronavirus : कफ, एलर्जी, डायबिटीज कंट्रोल रखे भस्त्रिका प्राणायाम, फेफड़ों को मजबूत कर कोरोनावायरस से बचाए

डायबिटीज (Yoga for diabetes), अस्थमा, कमजोर इम्यून सिस्टम, सांस लेने में तकलीफ होने पर कोरोनावायरस या कोविड-19 खतरनाक साबित हो सकता है। जरूरी नहीं कि आपको हर छींक, खांसी, बुखार की समस्या कोरोनावायरस संक्रमित होने पर ही हो। फिर भी इन सभी तरह की परेशानियों से बचने के लिए आप भस्त्रिका प्राणायम करना शुरू कर दें। 

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Written By: Anshumala | Published : March 22, 2020 2:52 PM IST

Pranayama in Coronavirus in hindi: मौसम के बदलते से लोगों को सबसे ज्यादा सर्दी, जुकाम, (cold cough) खांसी, बुखार, एलर्जी, फ्लू की समस्या घेर लेती है। वैसे भी देश-दुनिया में फैलते कोरोनावायरस के कारण आज लोग अपनी सेहत को लेकर काफी डरे और चिंतित हैं।  ऐसा इसलिए क्योंकि कोरोनावायरस के लक्षण (Symptoms of coronavirus) बहुत हद तक कॉमन फ्लू से मिलते हैं। लोगों को कफ, सर्दी-खांसी भी हो रही है, तो डॉक्टर के पास दिखाने के लिए पहुंच रहे हैं। यदि आपको भी कफ, खांसी, बुखार है, तो परेशान ना हों। आप इन समस्याओं को घर पर भी योग और प्राणायम (Bhastrika pranayama) के जरिए ठीक कर सकते हैं।

कोरोनावायरस का खतरा किन्हें है अधिक (Covid-19 risk) 

कोरोनावायरस से मरने वालोंमें अधिकतर लोग बुजुर्ग हैं। डायबिटीज (Yoga for diabetes), अस्थमा, कमजोर इम्यून सिस्टम, सांस लेने में तकलीफ होने पर कोरोनावायरस या कोविड-19 खतरनाक साबित हो सकता है। जरूरी नहीं कि आपको हर छींक, खांसी, बुखार की समस्या कोरोनावायरस संक्रमित होने पर ही हो। फिर भी इन सभी तरह की परेशानियों से बचने के लिए आप भस्त्रिका प्राणायम करना शुरू कर दें।

फेफड़ों को मजबूत करने वाली 4 एक्सरसाइज

कफ, एलर्जी, अस्थमा, डायबिटीज में करें भस्त्रिका प्राणायाम

भस्त्रिका प्राणायाम (Bhastrika pranayama benefits) के कई फायदे हैं। इसके अभ्यास से कई गुना अधिक ऑक्सीजन मिलता है। आभामंडल का विस्तार होता है। अस्थमा, कफ, एलर्जी की समस्या दूर होती है। मधुमेह की समस्या नियंत्रित रहती है, वृद्धावस्था दूर रहती है और व्यक्ति स्वयं को युवा महसूस करता है।

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कैसे करें भस्त्रिका प्राणायाम (How to do bhastrika pranayama) 

सुखपूर्वक बैठकर गर्दन और रीढ को बिल्कुल सीधा रखें और ज्ञान मुद्रा लगा लें। प्रसन्नतापूर्वक, शांतचित्त होकर, पूरी शक्ति के साथ गहरी सांस फेफड़े में भरें और जितना दबाव सांस लेते समय हो, उतने ही दबाव के साथ सांस बाहर निकलने दें। सांस लेने-छोड़ने में ढाई-ढाई सेकेंड का समय लगाएं। सांस भरते समय हल्का पीछे झुकें और सांस छोड़ते हुए हल्का आगे झुकें। इससे फेफड़ों को मजबूती मिलती है, जिससे कोरोनावायरस से काफी हद तक बचने में मदद मिल सकती है। हालांकि, उच्च रक्तचाप, कमर में दर्द, हृदय रोग, कमजोरी, हर्निया के रोगी इसे न करें। हर दिन केवल दो से पांच मिनट करें। कैंसर जैसे अत्यन्त गंभीर रोगों में इसे 10 मिनट तक किया जा सकता है।

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